बिहार से भूमिहारों का पत्ता साफ है,
अब झारखंड की बारी है,
रवींद्र राय का बलिदान हुआ तो ,
धारा पर इस सरकार को आनी है,
कर्मठ- निष्ठावान प्रत्याशी पर,
क्यों सरकार ने विकुटी तानी है?
याद रहे परशुराम के फरशा,
क्या सरकार फिर नही बनानी है??
. @dasraghubar@AmitShah
. @narendramodi@mangalpandeybjp झारखंड प्रदेश में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और सांसद श्री रविन्द्र राय जी को अगर कोडरमा से टिकट नही मिला तो झारखंड में भाजपा से भूमिहारों मोहभंग हो सकता है। बिहार मैं अपनी उपेक्षा से नाराज़ भूमिहार झारखंड में भी नज़रन्दाज़गी से विफर सकते हैं,