EWS और UPSC स्कैम।
UPSC 2025 में 104 कैंडिडेट EWS कोटा से चुने गए!
उनमे से 67 ऐसे कोचिंग से पढ़े जिसकी फीस लाखों में थी।
14 कैंडिडेट IIT से ग्रेजुएट थे।
28 के माता-पिता का बिजनेस है।
10 MNCs में नौकरी करते थे।
ग़ज़ब खेल चल रहा है।
फ्रांस 24: इतनी तेज़ी से बढ़त तो क्रिस्टियानो रोनाल्डो को भी नहीं मिली थी, CJP ने सिर्फ 9 दिनों में 2 करोड़ 30 लाख फॉलोअर्स जोड़ लिए।
अभिजीत – इसकी शुरुआत एक व्यंग्य के रूप में हुई थी, लेकिन आज यह भारत के युवाओं का आंदोलन बन चुका है।
कॉकरोच जनता पार्टी अब इंटरनेशनल हो गई 🔥
बड़ी ख़बर
ब्रेंट क्रूड की क़ीमत $100 प्रति बैरल के निशान से नीचे आ गई है।
आज सुबह ब्रेंट क्रूड अब $98.27 प्रति बैरल पर आ गयी।
दूसरी तरफ़ भारत में तेल कंपनियाँ पेट्रोल डीज़ल के क़ीमत बढ़ाती चली जा रही है! देश में कोई सरकार है कि इसे रोके?
न्यायपालिका को लगता है देश की 2% सरकारी नौकरी में 49% OBC SC-ST आरक्षण गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम है.
98% नौकरी प्राइवेट सेक्टर में है. इस पर कोई बात ही करने को तैयार नही है.
OBC SC-ST समाज के गरीबों की बहुत चिंता है तो प्राइवेट सेक्टर की 98% नौकरियों को आरक्षण लागू किया जाए.
बहुजन समाज का आरोप है प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों में सवर्ण समाज का ओवर रिप्रजेंटेशन है. जीता जागता उदाहरण : न्यूज़ चैनलों में ज्यादातर पत्रकार और न्यूज़ एंकर सवर्ण हैं.
यह जानने के लिए डाइवर्सिटी रिपोर्ट जारी करने का नियम बनना चाहिए. लेकिन न्यायपालिका कभी सवर्ण हितों के खिलाफ एक लाइन नही बोलेगी. देश में अब कोलेजियम खत्म करने पर बहस होनी चाहिए. मित्रों हैशटैग के टॉप ट्रेंड करें.
#EndCollegiumSystem
पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे-नहीं बढ़ेंगे का लगातार आश्वासन देते रहने के बाद आज पेट्रोल, डीजल और CNG के दामों में हुई वृद्धि आम जनता के लिए गहरी चिंता का विषय है। वैश्विक संकट के इस दौर में पहले से ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव झेल रहे गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों पर यह अतिरिक्त बोझ और अधिक संकट पैदा करने वाला है।
वैश्विक परिस्थितियों के प्रभाव के बीच आम नागरिकों का जीवन लगातार कठिन होता जा रहा है। व्यापार-धंधे पहले से ही मंदी और अनिश्चितता के दबाव में हैं, और रोजगार के अवसर भी सीमित होते जा रहे हैं।
ऐसे समय में पीएम @narendramodi जी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह वैश्विक संकट के प्रभावों से जनता को राहत दे और ईंधन जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण सुनिश्चित करे, लेकिन इसके विपरीत बढ़ी कीमतें आम लोगों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डालेगी और उनकी मुश्किलें और बढ़ाएंगी ,ऐसा लग रहा है मानो सरकार यह मानकर चल रही है कि जनता के पास कोई गड़ा हुआ खजाना है।
भारत की लोअर कोर्ट्स से लेकर सुप्रीम कोर्ट में लाखों केस पेंडिंग हैँ,
जज लोग लाखों की तनख्वाह लेते हैँ, सरकारी आवास में रहते हैँ,
नौकर, चाकर, सरकारी गाड़ी और ड्राइवर,
फिर भी केस बढ़ते जा रहे हैँ,
कोर्ट्स में इंसाफ की जगह मिलती है तो
सिर्फ तारीख पर तारीख,
और जज साहब कॉकरोच देश के युवाओं को कह रहे हैँ,
एससी,एसटी का आरक्षण छुआछूत के आधार पर।
ओबीसी का आरक्षण शैक्षणिक और सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर।
ईडब्लूएस अभी तक का एकमात्र आरक्षण है जो जाति के आधार पर दिया जाता है यह केवल सवर्ण जातियों को मिलता है लेकिन नाम दिया गया आर्थिक आधार पर मिलने वाला आरक्षण।
यदि ये आरक्षण वाकई आर्थिक आधार पर दिया जाता तो इसमें सभी वर्गों की सभी जातियों को शामिल किया जाता न कि कुछ जातियों को?
#गैर_संवैधानिक_ईडब्लूएस_आरक्षण
असम में सालों से बीजेपी द्वारा अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा और छठी अनुसूची के संरक्षण की मांगों को नजरअंदाज किया गया है। अब आवाज़ें और तेज़, और पहले से ज़्यादा एकजुट होकर उठ रही हैं। यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार और पहचान की लड़ाई है।
मेडिसिन या लूट?
>23 रुपए की दवा पर MRP 104 रुपए में ,
>28 रुपए की दवा पर MRP 132 रुपए में ,
>18 रुपए की दवा पर MRP 65 रुपए में ,
>14.60 रुपए की दवा पर MRP 28 रुपए में ,
>19 रुपए की दवा पर MRP 157 रुपए में ,
>42 रुपए की दवा 156 रुपए में बिक रही है।
आखिर यह खेल किसके संरक्षण में चल रहा है?
सरकार बताए कि दवाओं की कीमतों पर लगाम क्यों नहीं लगाई जा रही?
MRP और असली लागत के बीच इतना बड़ा अंतर किसकी मेहरबानी से है?
क्या मरीजों की जेब से खुली लूट पर जानबूझकर आंखें बंद की जा रही हैं?
या फिर इस पूरे खेल में ऊपर तक सबकी चुप्पी की कोई कीमत तय है?
ज़रा एक बार सोचिए, शंभू जी अगर YouTube पर और सोशल मीडिया पर रिपोर्टिंग शुरू नहीं करते तो क्या इन्हें कभी भी मनु मीडिया में जगह मिलती? क्योंकि शंभू जी वो खबरें दिखाते हैं उन खबरों को मनु मीडिया द्वारा दिखाया नहीं बल्कि जानबूझकर दबाया जाता है। शंभू जी ने अपना चैनल YouTube पर तब शुरू किया, जब YouTube पर कोई जर्नलिज़्म नहीं करता था। इनके Facebook पेज को सरकार ने जब बंद किया तो यह सिर्फ एक Facebook पेज नहीं था, यह वह बच्चा था जिसे बड़ा करने में शंभू जी ने अपना सब कुछ लगा दिया है। अगर आज आप लोग @NationalDastak के लिए आवाज़ नहीं उठाएंगे तो बहुजनों की आवाज़ उठाने वाला हर चैनल भविष्य में बंद कर दिया जाएगा, कुछ नहीं बचेगा।
मुकेश मोहन पर केस करके बहुत बुरे फंस गए नितिन गडकरी
आप सभी जानते हैं मुकेश मोहन ने The Caravan मैगजीन की रिपोर्ट के आधार पर एक वीडियो बनाई थी उस रिपोर्ट में नितिन गडकरी के परिवार का संबंध बीफ एक्सपोर्ट कंपनी से निकला
मुकेश मोहन ने उसी रिपोर्ट के आधार पर वीडियो बनाई थी, उस रिपोर्ट पर वीडियो बनाने की वजह से नितिन गडकरी ने मुकेश मोहन पर 50 करोड़ की मानहानि का केस दर्ज करवा दिया
जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर आती है देश के करोड़ों लोग मुकेश मोहन के समर्थन में आ गए और उसी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए सोशल मीडिया पर लिखने लगे कि नितिन गडकरी के परिवार का संबंध बीफ एक्सपोर्ट कंपनी से है
अब वह The Caravan मैगजीन वाली बात हर घर में पहुंच गई है, जो काम शायद मुकेश मोहन की वीडियो से नहीं हुआ वह काम नितिन गडकरी ने मुकेश मोहन के ऊपर मानहानि का मुकदमा दर्ज करके कर दिया 😃
बहुजन समाज की मुखर आवाज NATIONAL DASTAK चैनल के फेसबुक पेज को मनुवादी सरकार ने बंद करवा दिया है.
कड़ी मेहनत से बहुजन समाज के पत्रकार Shambhu Kumar और उनकी टीम ने फेसबुक पर पेज स्थापित किया था.
एक बटन से किसी भी चैनल को बंद नही करना चाहिए. मार्क जुकरबर्ग और सरकार से निवेदन है National Dastak और जितने भी फेसबुक पेज आज बैन किया गया है सभी को बहाल किया जाए.
मुकेश मोहन के साथ जो हो रहा है, वह सिर्फ़ एक पत्रकार/क्रिएटर पर दबाव नहीं, बल्कि सवाल पूछने और बोलने की आज़ादी पर सीधा हमला है। तथ्यों और तर्कों के आधार पर कंटेंट बनाने पर 50 करोड़ की मानहानि नोटिस और FIR लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। हम मुकेश मोहन के साथ खड़े हैं। असहमति का जवाब दमन नहीं, जवाब और बहस होनी चाहिए।
@MukeshMohannn
#IStandWithMukeshMohan
यह पेट्रोल पंप नहीं, चीन की BYD कंपनी का नया फ्लैश चार्जिंग स्टेशन है। सिर्फ 9 मिनट में इलेक्ट्रिक कार को 10% से 97% तक चार्ज कर देता है और 2026 तक 20,000 फ्लैश चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना है। और हम? अभी पुष्पक विमान की मिथक कहानियों में ही उलझे हुए है
UPSC-2025 भर्ती में चयन को लेकर बिहार के रंजीत ने फर्जी दावा किया था।
जिसके बाद से वह फरार था, कल बिहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।
रंजीत ने गलत किया था, पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया जो सही भी है।
लेकिन बिहार पुलिस ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा सिंह को कब गिरफ्तार करेगी?
रंजीत की तरह आकांक्षा सिंह ने भी UPSC में चयन का फर्जी दावा किया था।
दोनों के गुनाह एक जैसे हैं लेकिन गिरफ्तारी केवल रंजीत की ही क्यों?
Hello Jio & Airtel
लूट बन्द करो और
जनहित में ₹100 से कम में अनलिमिटेड कॉलिंग का प्लान शुरू करें।
रिचार्ज खत्म होने के बाद भी इनकमिंग कॉल की सुविधा जारी रखें ।
यह लूट बंद होनी चाहिए। सहमत हैं तो रिट्वीट करें 👇
#Telecom@JioCare@airtelindia