#GodNnightThursday
कबीर गुरू दयाल तो पुरूष दयाल।
जेहि गुरू व्रत छुए नहीं काल।।
भावार्थ:- हे धर्मदास! यदि गुरू शिष्य के प्रति दयाल है यानि गुरू के दिल में शिष्य की अच्छी छवि है, मर्यादा में रहता है तो परमात्मा भी उस भक्त के ऊपर प्रसन्न है। अन्यथा कष्ट शिष्य को भोगने पड़ेंगे।
#AlKabir_Islamic#SaintRampalJi
वह बाख़बर कौन है?
जिसके विषय में पाक कुरआन मज़ीद की सूरह फुरकान 25 आयत 59 में भी लिखा हुआ है? प्रमाण सहित जानने के लिए अवश्य पढ़ें पुस्तक "मुसलमान नहीं समझे ज्ञान क़ुरआन"।
#AlKabir_Islamic#SaintRampalJi
पाक कुरआन।
पुनर्जन्म संबधित प्रकरण सूरत - अर रूम - 30 की आयत नं. 11:- अल्लाह पहली बार सृष्टि ( खिलकित ) को उत्पन्न करता है। फिर उसे दोहराएगा। ( पुनरावृत्ति करेगा।)
‘‘साखी रूकनदीन काजी के साथ होई’’
जन्म साखी के पृष्ठ 183 पर कुछ वाणी इस प्रकार हैं:-
नानके आखे रूकनदीन सच्चा सुणहू जवाब।
खालक आदम सिरजिया आलम बड़ा कबीर।
कायम द���यम कुदरती सिर पिरां दे पीर।
सजदे करे खुदाई नू आलम बड़ा कबीर।।
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पुस्तक फजाईले आमाल।
मुसलमानों की एक विश्वसनीय पवित्र पुस्तक है जो हदीसों में से चुनी हुई हदीसों का प्रमाण लेकर बनाई गई है। फजाईले यआमाल में एक अध्या फजाईले जिक्र है। उसकी आयत नं. 1, 2, 3, 6 तथा 7 में कबीर अल्लाह की महिमा है।
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वह बाख़बर कौन है?
जिसके विषय में पाक कुरआन मज़ीद की सूरह फुरकान 25 आयत 59 में भी लिखा हुआ है ? प्रमाण सहित जानने के लिए अवश्य पढ़ें पुस्तक "मुसलमान नहीं समझे ज्ञान क़ुरआन"।
#AlKabir_Islamic#SaintRampalJi
पाक क़ुरआन मज़ीद की सूरह शूरा 42 आयत नंबर 1 और 2 में ऐन-सीन-काफ, इन तीन संकेतिक अल्फाजों का क्या मतलब है? प्रमाण सहित जानने के लिए अवश्य पढ़ें पुस्���क "मुसलमान नहीं समझे ज्ञान क़ुरआन"।
26 से 28 नवंबर 2023 को 10 सतलोक आश्रमों में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में 'दिव्य धर्म यज्ञ दिवस' का आयोजन किया जा रहा है जिसमें आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
#MiracleOfGodKabir_In_1513
◆ मोक्ष प्राप्ति के लिए पूर्ण संत से नाम दीक्षा लेकर सतभक्ति करनी चाहिए
◆ तत्वदर्शी संत मिलना बहुत दुर्लभ है - संत रामपाल जी महाराज
◆ जिला सहारनपुर (काष्ठ नगरी) के देवबंद तहसील में हुआ विशाल सत्संग
◆ दहेज रहित शादियों से होगा असली समाज सुधार
अपरमपार पार गति तेरी, कित उतरी जल धारा।।
510 वर्ष पहले कबीर परमेश्वर द्वारा दिये गए काशी के अद्भुत तीन दिवसीय भंडारे(लंगर) में नौ लाख भोजन करने वालों को पानी भी मिट्टी के सकोरों में पिलाया जा रहा था जो उस समय प्रचलित थे।
#MiracleOfGodKabir_In_1513
दिव्य धर्म यज्ञ दिवस
#AlKabir_Islamic#SaintRampalJi
बाख़बर के बिना इबादत करना व्यर्थ है। तीनों पुत्र क़ासिम, तय्यब, ताहिर हज़रत मुहम्मद जी की आँखों के सामने मृत्यु को प्राप्त हुए। केवल चार लड़कियां शेष रहीं। वर्तमान में बाख़बर संत रामपाल जी महाराज जी ही सच्ची इबादत बताते हैं।