"दर्शन, विज्ञान, व्यवहार में सामंजस्य साध कर रखिए, वैचारिक क्रांति में कोई सामने नहीं टिकेगा।"
"Ensure synergy between philosophy, science and behavior, no one will be able to stop ideological revolution."
-Jagadguru (जगद्गुरु) - @govardhanmath 🙏
Absolute Horror! 🚨
Maa Ganga & Rani Ahilya Bai Holkar lie shattered & buried under rubble.
O Hindus !! # watch how #kashi - the heart beat of our civilization is being violated in the name of development!
Centuries of sacred history are being erased before our eyes.
Aurangzeb must be celebrating !
टीम खुरपेंच ने अब सीधे तौर पर FSSAI के उन अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो अपने कर्तव्य से भाग रहे हैं , आँख मूँदकर मंज़ूरी दे रहे हैं और जनता ��े स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होने दे रहे हैं। यह लड़ाई औपचारिक शिकायतों की नहीं , जवाबदेही तय करने की है।
अब आपकी भागीदारी अनिवार्य है।
अगर आज आप आवाज नहीं उठाएंगे तो आने वाली पीढ़ियाँ नकली पनीर , मिलावटी घी , ज़हरीली मिठाइयाँ , पॉम ऑयल से भरी चीजे , दूषित सब्ज़ियाँ और मसाले खाकर बीमार होती रहेंगी।
👉 देश तेज़ी से कैंसर की अंतरराष्ट्रीय राजधानी बनने की ओर बढ़ रहा है और सिस्टम चुप है।
टीम खुरपेंच लगातार रिकॉर्ड , लाइसेंस , सैंपल रिपोर्ट, बजट और मंज़ूरी के कागज खंगाल रही है।
👉 सारा डेटा सार्वजनिक किया जाएगा ,
👉 हर जिम्मेदार अफसर और फैसले की जवाबदेही तय कराने की भरकस कोशिश होगी।
पैसा लेकर मुहर लगाने वाले ,
काग़ज़ पर सुरक्षा और जमीन पर ज़हर बेचने देने वाले अधिकारियों को बेनकाब किया जाएगा।
यह साफ किया जाएगा कि किसने क्या साइन किया, किस कीमत पर किया और उसके नतीजे में कितनी ज़िंदगियाँ खतरे में पड़ीं।
> यह चेतावनी है , अपील नहीं।
या तो आज सवाल उठेंगे या कल लाशें गिनी जाएँगी।
@whizkidd Hard to find. I got to know that there is only one when I talked to the pantry guy. Also, the bottle holder is just next to the footrest? In India? Worst!
Exempt thermal plants, Do not enforce ban on stublle burning, do not regulate construction, but ban 1-day Diwali and scrap 10-15-year-old well-maintained vehicles.
जिस प्रकार अग्नितत्त्व जबतक दाहक प्रकाशक रहता है उसकी शीतनिवारण, अन्धकारविदारणादि उपयोगिता सिद्ध होती है; उसी प्रकार जीवन जबतक धर्मयुक्त रहता है, तभीतक उसकी अभ्युदय-निःश्रेयसादि उपयोगिता सिद्ध होती है।
स्वहित और परहितके सर्वया अविरुद्ध और अनुकूल आचार-विचारका नाम 'सनातनधर्म' है।
लोकसभा चुनाव 2024 में 538 सीटों में पड़े कुल वोटों और ���िने गए वोटों की संख्या में अंतर दिखा है। ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, 362 सीटों पर कुल वोट और गिने गए वोटों में 5,54,598 का अंतर है। यानी इन सीटों पर इतने वोट कम गिने गए हैं।
पढ़ें पूरी खबर- https://t.co/YYNSynE9sl
#Election2024 #ADRReport
दारुब्रह्म और ब्रह्मदारु
भगवत्पाद श्रीशिवावतार शङ्कराचार्य महाभागने ऋग्वेद तथा स्कन्दपुराणादिके कथनानुरूप ही नीलाद्रिधाम, श्री - शङ्ख - पुरुषोत्तम - क्षेत्र पुरीमें ���ारुब्रह्म श्रीजगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा तथा सुदर्शनचक्रकी पुनः प्रतिष्ठा की |
ऋग्वेदने दो ऋचाओंके माध्यमसे उनका यशोगान किया है
– “अदो यद्दारुप्लवते सिन्धो: पारे अपूरुषम् । तदारभस्व दुहणो तेन गच्छ परस्तरम्।। (ऋग्वेद 10. 155. 3) ,
यत्र देवो जगन्नाथ: परपारं महोदधे:। बलभद्र: सुभद्रा च तत्र माममृतं कृधि।। (ऋग्वेदपरिशिष्ट )” ।
नीलगगनमें सन्निहित नीलशब्द गम्भीरता तथा अनन्तताका द्योतक है। यही कारण है कि ��ान्दोग्योपनिषद् ने ‘श्यामाच्छबलं प्रपद्ये शबलाच्छ्यामं प्रपद्ये’ (8. 13.1) की उक्तिसे पुरुषोत्तम परमात्माको श्याम अर्थात् नील कहा है।
नीलाद्रि आसामसे उत्कलपर्यन्त विस्तृत है। यह दु:खापहारक सच्चिदानन्दस्वरूप अनन्त सर्वेश्वरका स्मारक है। सच्चिदानन्दस्वरूप सर्वेश्वर श्रीजगन्नाथादि भक्तवत्सल हैं। वे सर्व दु:खोंका दलन करनेमें समर्थ होनेके कारण दारुब्रह्म हैं।
‘वंशस्तु भगवान्रुद���र:’ ( 8) कृष्णोपनिषद् के इस वचनके अनुशीलनसे यह तथ्य सिद्ध है कि भगवान् शिव ही प्रभु श्रीकृष्णचन्द्रके वेणु बने हैं; तद्वत्
“द्यतिसंसारदु:खानि ददाति सुखमव्ययम्।। तस्माद्दारुमयं ब्रह्म वेदान्तेषु प्रगीयते। (स्कन्दपुराण – 2 वैष्णवान्तर्गत उत्कलखण्ड 4.73-73.1/2)”
इस वचनके अनुसार निरुक्तिसाम्यकी दृष्टिसे सर्वदु:खापहारक भगवान् रुद्र ही श्रीजगन्नाथादिके श्रीविग्रहके लिये दारुरूपसे अवतीर्ण हुए हैं।
इस सन्दर्भमें यह तथ्य भी हृदयङ्गम करने योग्य है कि दारुण दुःखके अपनोदनमें समर्थ उपनिषदर्थ दारु और रुद्रका अर्थ एक ही है; तद्वत् भगवान् श्रीजगन्नाथादिके श्रीविग्रहके निमित्त वे ही दारुरूपसे अभिव्यक्त होते है |
ऋग्वेदके 'अपूरुषम्' (ऋग्वेद १०.१५५.३)
वचनके अनुसार प्रथम अर्चाविग्रहोक��� लिए समुपलब्ध दारु स्वयम्भू ज्योतिर्लिङ्गके सदृश अपौरुषेय सिद्ध है। प्राप्त स्थलमें अपौरुषेयका अर्थ अविद्या, काम और कर्मके वशीभूत स्थावरयोनिसम्प्राप्त अनुशयी जीवका विग्रह न होकर आत्ममायासमुद्भूत ब्रह्मरूप दारु सिद्ध है। उससे दिव्यविधासे विनिर्मित अर्चाविग्रहकी दिव्यता श्रीरामकृष्णादि निरावरण ब्रह्म के सदृश सिद्ध है।
जो 'दारुरूपं परं ब्रह्म सर्वचाक्षुषगोचरम् । प्रकाशते भो मुनयो न दृष्टं न श्रुतं क��वचित् ।।' (स्कन्दपुराण-वैष्णवखण्डान्तर्गत उत्कलखण्ड - पुरुषोत्तमक्षेत्रमाहात्म्य ३८.२२) - इस वचनके अनुसार अश्रुत तथा अदृष्ट अर्थात् अभूतपूर्व सिद्ध है। कारण यह है कि ज्ञानचक्षु समन्वित दिव्यचक्षुभावित पुण्यपरिपाकके फलस्वरूप स्वचक्षुके द्वारा पुरुषशरीरमें पितृदर्शनके सदृश ही इस दारुविग्रहका दर्शन
सम्भव है। परन्तु 'लोकवत्तु लीलाकैवल्यम्' (ब्रह्मसूत्र २.१.३३) - इस आर्षवचनके अनुसार ���ोकलीलाकी दृष्टिसे घटपरिवर्तनका विधान भी शास्त्रसम्मत है। अतएव इन्द्रद्युम्नके अनुरोधपर श्री ब्रह्माजीके चिन्मय
करकमलोंसे प्रतिष्ठित अपौरुषेय श्रीविग्रहसे अन्य विग्रहोंकी विलक्षणता अवश्य सिद्ध है। अभिप्राय यह है कि नवकलेवरके उपादानभूत दारु पुण्यात्मा अनुशयी जीवका स्थूलविग्रह ही मान्य है। उससे विनिर्मित दारुविग्रहमें अपौरुषेयताके आधानके लिए वैष्णवप्रस्थानके अनुसार स्वयम���भूसंज्ञक शालग्रामरूप ब्रह्मकी अन्यत्र अदृष्ट और अश्रुत विधाकी प्रथा यहाँ क्रियान्वित है।
- परमहंस परिव्राजकाचार्य ऋग्वेदीय पूर्वामनाय गोवर्धनमठ पुरी पीठाधीश्वर जगतगुरु शङ्कराचार्य स्वामीश्री निश्चलानन्दसरस्वती महाभाग
१) कश्मीर मुस्कुरा रहा है तो भाजपा ने अपने उम्मीदवार लोकसभा में वहां से क्यों नहीं उतारा?
२) कश्मीर मुस्कुरा रहा है तो 2022 से 25 से अधिक हिंदुओं का टारगेट किलिंग किसन��� किया?
३) कश्मीर मुस्कुरा रहा है तो पर्यटक क्यों मारे जा रहे हैं?
४) कश्मीर मुस्कुरा रहा है तो शिवखोड़ी दर्शन करने गये हिंदू तीर्थयात्रियों पर गोली किसने चलाई?
५) कश्मीर मुस्कुरा रहा है तो लगातार तीन दिन रियासी, कठुआ, डोडा में आतंकवादी हमला किसने किया?
६) कश्मीर मुस्कुरा रहा है तो एक एंटी इंडिया और जेल में बंद अलगाववादी अब्दुल रशीद इंजीनियर को 60% वोट डालकर किसने जिताया?
७) कश्मीर मुस्कुरा रहा है तो कश्मीरी पंडित अभी तक बसाए क्यों नहीं जा सके?
८) कश्मीर मुस्कुरा रहा है तो 80% हिंदुओं का घाटी से इस मोदी काल में पलायन क्यों हुआ?
कश्मीर केवल झूठ बोलकर भारतीयों और ��िंदुओं को ठगने वालों के लिए मुस्कुरा रहा है! @narendramodi
@BJP4India @BJPMinMorcha @AmitShah
यह दु:साहस प्रथम बार नहीं है, 2019 मे भी श्री गिरधर मिश्र जी को ( प्रसिद्ध नाम- स्वामी रामभद्राचार्य ) को श्री शङ्कराचार्य बोला गया ��ा |
व्यासपीठ की मर्यादा खंडित करने का यह कुचक्र सत्तारूढ़ द्वारा नया नहीं |
धर्मद्रोह एवं राष्ट्रद्रोह का नित्य नया अभियान |
दश वर्षों से सतत् सनातन वैदिक धर्म के प्रशस्त मानबिंदुओं को अत्यन्त क्रूरता से कुचलने वाले आज आत्ममंथन करने की जगह हिंदुओं को ही कोश रहे हैं...विकास के नाम पर हमारे देव विग्रहों, तीर्थस्थलों, पारम्परिक आचार्यों को कुचलने का फल सर्वनाश है...ये तो अभी प्रारम्भ ही हुआ है।