हाँ तो आपको क्या लगा था? साहब आयेंगे और जूस पिलायेंगे?
क्या लगा था? प्रधान साहब इस्तीफ़ा लेकर आयेंगे और अनशन तुड़वायेंगे?
गया वह ज़माना जब प्रधानमंत्री जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया करते थे।
TV डिबेट में एक BJP नेता ने पुजारी राममूर्ति को चप्पलों से पीट दिया
▪️पुजारी राममूर्ति ने राम मंदिर के चढ़ावा चोरी पर सवाल उठाया था
▪️पुजारी ने हनुमान जी की वेशभूषा में एक व्यक्ति को BJP अध्यक्ष नितिन नबीन के जुलूस में नचवाने पर आपत्ति की थी
यह है हिंदुओं और ढोंगियों में अंतर
बेशर्म सरकार और सिस्टम में बैठे लोगो को अगर जरा सी भी शर्म है तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा ले लो . किसी माँ बाप की ऐसी बदुआ लगेगी सारी उम्र याद रखोगे . आज तुम्हारा टाइम है लेकिन जिनके पास ताक़त नहीं होती उनकी लड़ाई भगवान लड़ते है और जब भगवान इंसाफ़ करता है तो बहुत जबरदस्त करता है याद रखना .
सोनम वांगचुक क्या राहुल गांधी और अखिलेश यादव से पूछकर आमरण अनशन पर बैठे थे.
सोनम वांगचुक को कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों पर टीका टिप्पणी नही करनी चाहिए.
विपक्षी पार्टियां किसी की गुलाम नही हैं कि जो भी बीजेपी के खिलाफ आंदोलन करे उसे आंख बंदकर समर्थन दे दें.
वैसे भी सोनम वांगचुक का आंदोलन BJP या MODI जी के खिलाफ नही है, यह आदमी केवल धर्मेंद्र प्रधान के पीछे पड़ा है.
राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा में अकेले पूरा भारत नाप दिया, तब ये सोनम वांगचुक कहां था. इसके लद्दाख का CM बनना है. वैसे भी भूख हड़ताल कर के ये आदमी मूर्ख लोगों का नेता बन चुका है.
हनुमान जी भी सोच रहे होंगे कि कैसा फट्टू चेला चुन लिया है। यहाँ हमारे प्रभु श्री राम के घर लूट हो गई और इसकी लुटेरों के नाम की पर्ची निकालने में ही फट जा रही है।
हनुमान जी का मन इसपर गदा चलाने का कर रहा होगा।
अच्छी बात है लेकिन सवाल ये है कि अब ये क्या करेंगे❓
हर साल इस तरह की संघर्षभरी कहानियां छपती हैं लेकिन ये समझ नहीं आता ये लोग अफसर बनने के बाद कहां खो जाते हैं उसके बाद इनके अच्छे कामों की कहानियां क्यों नहीं छपतीं❓
चित्रा जी, आसाराम को जानने वालों से भी बात कीजिए।कोई नहीं कहेगा वो दरिंदा है। जंतर मंतर पर लोग सालों उसकी तस्वीर की आरती उतारते रहे। सब कहेंगे ईश्वर का रूप है। लेकिन उसने अपनी साधिकाओं को भी नहीं छोड़ा। वो कहती हैं आसाराम भेड़िया है। आपको क्या लगता है आसाराम भगवान है या भेड़िया?
अमेरिका का एक केस— "बलात्कार पीड़िता ने बलात्कारी की रिहाई के बाद उसे मार डाला"
गिरफ्तार होने के बाद लड़की ने कोर्ट में कहा—" उस व्यक्ति मेरा बलात्कार किया कोर्ट या सरकार का नहीं"
तो कोर्ट को बिना— "मुझसे सलाह लिए उसे माफ करने का अधिकार किसने दिया?”
क्या आप लड़की के फैसले से सहमत हैं या नहीं??
CM,PM और अब ECI की हर दिन मंदिर घूमते हुए और पूजा-पाठ करते हुए तस्वीरें आती रहती हैं...
मान लीजिए आप अपने घर में किसी को काम करवाने के लिए नौकरी पर रखते हैं और वो नौकर सुबह आते ही एक घंटा पूजा करता है फिर दोपहर में मंदिर जाता है फिर शाम को पूजा करता है तो ऐसे नौकर को आप कितने दिन नौकरी में रखेंगे❓
राजीव कुमार के लिए यह बहुत अच्छी ख़बर है। भारत का चुनाव आयुक्त अब कहीं भी नौकरी कर सकता है। कोई 60-70 के दशक का उदाहरण मिल जाता है तो इसे सही मानने में सुविधा हो जाती। सही ग़लत का समय जा चुका है। ग़लत ही सही है। बधाई दीजिए। चिंता यही है कि HDFC का हाल चुनाव आयोग जैसा न हो जाए। खाताधारकों को सचेत रहना होगा। कहीं उनके पैसे का SIR हो गया तो ईश्वर भी कुछ नहीं कर पाएंगे ! राजीव कुमार HDFC के कार्ड पर अपनी शायरी खुदवा सकते हैं। कार्ड बहुत बोरिंग हो गए हैं।
ये शमशेर सिंह हैं जो उत्तराखंड के मुनस्यारी के रहने वाले हैं...शमशेर सिंह जन्म से ही सुन-बोल नहीं सकते लेकिन इतने होशियार हैं कि इन्होंने गत्ते, लकड़ी और कबाड़ से जेसीबी, बस, ट्रक,जहाज और घर जैसी चीजें बना ली हैं।
हमारे आसपास ऐसी प्रतिभाएं बिखरी पड़ी हैं बस उन्हें सही मौके और संसाधन देने की जरूरत है...सोचिए अगर शमशेर सिंह को एक आधुनिक प्रयोगशाला मिल जाए और वैज्ञानिकों का गाइडेंस मिल जाए तो ये क्या-क्या कर सकते हैं...❓
#innovations
#uttarakhand
अजित आगरकर बहुत बुरा गेंदबाज था. टीम में कभी परमानेंट खिलाड़ी नही था.
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के सिफारिश पर BCCI ने अजित आगरकर को चीफ सेलेक्टर बना दिया.
एक विजेता टीम जो पराजित टीम में बदल दिया इस आदमी ने.
अजित आगरकर ने ही सूर्यकुमार यादव को कप्तानी और टीम से हटाया.
एक चीफ सेलेक्टर को BCCI साल के 3,00,00,000 रुपए देती है. हार जिम्मेदारी आगरकर की है. चीफ सेलेक्टर बदला जाए.