राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया पुलिस बर्बरता का वीडियो 👇
रखीं छात्रों की तीन मांगें -
1. धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें
2. जिन लोगों ने छात्रों को पीटा उनपे कार्रवाई हो
3. नरेंद्र मोदी छात्रों से माफी मांगें
देश भर का युवा आज यही कह रहा है - हमारा कोई भविष्य नहीं। और इसकी ज़िम्मेदार सिर्फ़ मोदी सरकार है।
मगर, छात्रों का दर्द सुनकर उनसे माफी मांगने की जगह, उनके साथ बर्बरता और हिंसा की गई - लोकतंत्र में इससे बड़ा कोई गुनाह नहीं, और इस गुनाह की कोई माफी नहीं।
राहुल गाँधी
भारत के छात्रों को उनका हक़ और उनपे हुए हर अन्याय के लिए इंसाफ दिलाने के संघर्ष में हर कीमत छोटी है।
सत्ता की सारी ताकत लगा कर भी मोदी सरकार जवाबदेही से बच नहीं पाएगी।
राहुल गाँधी
गिरफ़्तार करो, जेल में डालो, फर्क नहीं पड़ता - मोदी सरकार की सत्ता की ताकत से ज़्यादा बड़ी हमारे सत्याग्रह की शक्ति है।
हमारे बच्चों के साथ हुए अत्याचार का हिसाब तो देना ही होगा।
हम छात्रों के खून का हिसाब मांगने प्रधानमंत्री के घर आए हैं - युवाओं की गुनहगार मोदी सरकार जवाबदेही और संसद में चर्चा से भाग नहीं सकती।
देश के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने, और उनके ख़िलाफ क्रूरता के लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
राहुल गांधी
We have marched to PM Modi’s house to demand answers from him for the brutalities against young students yesterday.
The Government doesn’t want to take any accountability or does it want to have a debate on it in Parliament.
PM and HM must resign for destroying the future of India’s youth.
देश का छात्र कह रहा है - “हमारा कोई भविष्य नहीं।”
और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं - “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।”
जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए - वहां न्याय है ही नहीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था
“हनुमानगढ़ी की सीढ़ी पर नमाज़ पढ़ी गई थी”
अब सुनिए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी को
“हनुमानगढ़ी की सीढ़ी पर कब नमाज़ हुई सिद्ध करो वरना गद्दी छोड़ो. झूठ बोलते हो”
ज़्यादा whatsapp पढ़ना उल्टा पड़ गया लगता है
क्या लोकतंत्र में अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण अनशन करना भी अब आसान नहीं रहा?
जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरदस्ती अस्पताल ले जाया गया। सवाल सिर्फ़ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि यह है कि क्या सरकार संवाद का रास्ता चुनेगी या विरोध की आवाज़ को अनसुना करती रहेगी?
लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए, दमन नहीं।
#SonamWangchuk #JantarMantar #Democracy #RightToProtest #India
TV डिबेट में एक BJP नेता ने पुजारी राममूर्ति को चप्पलों से पीट दिया
▪️पुजारी राममूर्ति ने राम मंदिर के चढ़ावा चोरी पर सवाल उठाया था
▪️पुजारी ने हनुमान जी की वेशभूषा में एक व्यक्ति को BJP अध्यक्ष नितिन नबीन के जुलूस में नचवाने पर आपत्ति की थी
यह है हिंदुओं और ढोंगियों में अंतर
17 जुलाई को देहरादून आ रहा हूँ। पर उत्तराखंड ही क्यों? क्योंकि देवभूमि को पेपर लीक का epicentre बना दिया गया है।
UKSSSC परीक्षा में यहाँ एक “सिस्टम” बैठ गया है, जहाँ पटवारी, लेखपाल, या कोई और पद क़ाबिलियत से नहीं, अपराधियों के तय किए रेट से मिलता है।
सरकार ने सख़्त नकल-विरोधी क़ानून बनाया - फिर भी लीक होते रहे। क़ानून काग़ज़ पर रहा, और पेपर बाज़ार में बिकते रहे।
ज़रा सोचिए, एक बच्चे ने सालों तैयारी की। फ़ॉर्म भरा, फ़ीस दी, दूर के सेंटर तक गया। और उसका पद किसी और ने ख़रीद लिया।
यह लीक नहीं - यह चोरी है। उस युवा के हक़ की, उसके रोज़गार की, उसके भविष्य की।
मैं उत्तराखंड के हर अभ्यर्थी, हर छात्र, हर युवा से कहता हूँ - यह आपकी लड़ाई है, और मैं आपके साथ हूँ।
17 जुलाई, देहरादून। आइए, ‘छात्रों की गूँज’ को हुंकार बनाएँ। भविष्य नीलाम नहीं होने देंगे। सपने लीक नहीं होने देंगे।
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#ChhatronKiGoonj