पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल रैंक के जो DGISPR हैं आज उन्होंने दुनिया के 60 देश के राजदूत और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के समक्ष एक वीडियो चलाया
इस वीडियो में कांग्रेस के पांच नेताओं के बयान दिखाए गए जिसमें खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हैं इसके अलावा कांग्रेसाचार्य अभीमुक्तेश्वरानंद का बयान दिखाया गया तथा कथित किसान नेता राकेश टिकैट का बयान दिखाया गया ध्रुव राठी और नेहा सिंह राठौड़ का बयान दिखाया गया
और बाकी कुछ आम लोग थे उनका बयान दिखाया गया
सोचिए भारत का विपक्ष कितना नीच है
चलो एक पल को मान लिया कि देश का विपक्ष कभी भी सरकार के साथ खड़ा नहीं होता
लेकिन ये सेकुलर सूअर ये अभिमुक्तेश्वरानन्द कितने नीच है कि अपने बयानों से पाकिस्तान को एक नॉरेटिव बनाने में मदद करते हैं
इसमें तीन ऐसे लोग हैं जिनके परिवार के लोग पहलगाम में मारे गए हैं उनका गुस्सा जायज है मैं उनके लिए कुछ नहीं कह रहा
लेकिन यह कांग्रेस के तमाम नेता यह ध्रुव राठी यह राकेश टिकैट यह अभीमुक्तेश्वरानंद या नेहा सिंह राठौड़ जैसे लोग सच में पाकिस्तान के दलाल हैं इनके बैंक अकाउंट की जांच किया जाए इनको पाकिस्तान से पैसे जरुर मिलते होंगे
आज यह पाकिस्तान की सेना के आंखों के तारे बने हैं
शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम... मां में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है।
मैं जब उनसे 100वें जन्मदिन पर मिला तो उन्होंने एक बात कही थी, जो हमेशा याद रहती है कि કામ કરો બુદ્ધિથી, જીવન જીવો શુદ્ધિથી यानि काम करो बुद्धि से और जीवन जियो शुद्धि से।
@Profdilipmandal@elonmusk ठीक इसी तर्ज पर ये जाति_आधारित_आरक्षण वाला धंधा भी बंद होना चहिए, ना जाने कैसे कैसे चिंटुओं को मिल गई प्रोफ़ेसरी और कोलिजों संस्थाओं मे एडमिशन
Merit देखकर सबको दीजिए या किसीका ना हो 💥
आने दीजिए बराबरी के मैदान मे...
नोट– burnol ले लेना आज इसके समर्थक
😜
https://t.co/v3zWRXqLvc
If secularism means appeasement there is no rule of law.
Defend your values #India and my Hindu friends. ❤️
Never tolerate the intolerable.
Democracy and freedom need to be protected every day again.
करोड़ों हिंदू गुरूओं के प्रति श्रद्धाभाव रखते हैं। पर बार-बार गुरुद्वारों में अपमान और हिंसा का सामना होने के चलते अच्छा यही रहेगा कि अपने घर में ही गुरूओं के प्रति श्रद्धा प्रकट करें। बिना निमंत्रण गुरुद्वारों में जाने बचें। https://t.co/Ft0BBiKC4t