जो लोग कहते हैं कि @narendramodi ने देश के लिए क्या किया वो एक बार ये रिपोर्ट देखे —
• भारत का 2013-14 में रक्षा निर्यात 686 करोड़ का किया था, कांग्रेस की सरकार थी
• वहीं भारत ने 2025- 26 में रक्षा निर्यात 38424 करोड़ का किया, मोदी की सरकार है
• अकेले यूरोप को भारत ने 2022 से 2026 तक रक्षा निर्यात
8656 करोड़ रुपये का किया है ,
ये है नया भारत #makeinindia# @PavanRanaRSS@hdmalhotra@blsanthosh@NitinNabin@AmitShah4BJP
माननीय राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री @DrSatishPoonia जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
संगठन के प्रति आपकी निष्ठा और जनसेवा के लिए समर्पण प्रेरणादायी है।
प्रभु से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना करता हूं।
माननीय गृहमंत्री @AmitShah जी की जन्मदिन पर दिल्ली को सौगात -
यमुना को निर्मल बनाने और दिल्ली की जल एवं सीवर व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
आदरणीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री Amit Shah जी ने दिल्ली में ₹8,941 करोड़ की 43 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के माध्यम से जल शोधन संयंत्रों का विकास, सीवर नेटवर्क का विस्तार, गंदे पानी के शोधन की क्षमता में वृद्धि और ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को गति मिलेगी। इससे यमुना में प्रदूषण कम करने और दिल्लीवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन और केंद्र एवं दिल्ली सरकार के समन्वित प्रयासों से यमुना के पुनर्जीवन का संकल्प निरंतर आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर माननीय उपराज्यपाल श्री @SandhuTaranjitS जी, केंद्रीय मंत्री @hdmalhotra जी ,माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती @gupta_rekha जी,@p_sahibsingh एवं बड़ी संख्या में उपस्थित जनता-जनार्दन की गरिमामयी उपस्थिति रही।
#ViksitDelhi
एशियन पैरा गेम्स 2026 में दीप्ति जीवनजी को 400 मीटर महिला में स्वर्ण पदक, प्रदीप कुमार को जैवलिन थ्रो ने रजत पदक, मनीष नरवाल को 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग में रजत पदक, अशोक को 65 kg पॉवर लिफ्टिंग में रजत पदक जीतने पर जी सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ!
#Cheer4Bharat #AsianParaGames2026
कांग्रेस किस मुँह से लोकतंत्र की बात करती हैं, सीईसी को मोदीजी की गोदी में बता रही हैं, एक बार इनके इतिहास पर तो नज़र डालो—
एक वकील साहब थे,काँग्रेस मे आ गए,काँग्रेस संगठन मे उनको बहुत सारे पद मिले...इँदिरा गाँधी के करीबी हो गए।
इँदिरा गाँधी ने उनको राज्यसभा भेज दिया। दो बार राज्यसभा मे पहुँचे फिर अचानक एक दिन राज्यसभा से इँदिरा जी के कहने पर इस्तीफ़ा दे दिया।
इँदिरा जी ने कहा बेटा तुम जहाज पकड़ो और अब असम पहुँचो। इँदिरा जी से वकील साहब ने पुछा क्या?इँदिरा जी ने वकील साहब कहा तुम असम पहुँचो वह सब पता चल जायेगा,जो एयरपोर्ट पर लेने आयेगा वही बतायेगा।
वकील साहब झोरी झंडी लेकर असम पहुँचे वहा उनको पता चला की उन्हे हाईकोर्ट का जज बनना है। अब काँग्रेसी वकील साहब जज हो गए उसके बाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होकर रिटायर भी हो गए।
अब मजे की बात अभी और सुनिए इससे पहले जान लिजिए की देश मे यह इकलौता केस है जहा रिटायर्ड होने के बाद किसी उच्च न्यायालय के रिटायर्ड मुख्य न्यायाधीश को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया हो।तो वकील साहब सुप्रीम कोर्ट के जज भी इँदिरा जी की कृपा से बन गए।
रि-अपाईंटमेंट आफ जजेट नही होता है,सो न इससे पहले कभी हुआ न इसके बाद कभी हुआ,एक मात्र डिक्टेटर केस है। कोई भी जज सर्विस के दौरान ही सुप्रीम कोर्ट मे जज बनाये जा सकते है और उनकी नियुक्ति कार्यकाल के दौरान ही हो सकती है लेकिन वकील साहब तो महान थे,खास थे। सो कृपा बरस पड़ी।
उनकी महानता का किस्सा नही जानेंगे तो न तो बात पुरी होगी और नही तो इस देश के एक महापुरुष की कहानी अधूरी रहेगी,यह देश गाँधी परिवार का कर्जदार रह जायेगा,आजादी की लड़ाई की भूमिका मे नेहरू गाँधी परिवार के साथ न्याय नही हो पायेगा। तो इसलिए वह किस्सा जानना निहायत ही जरूरी है।
तो किस्सा कुछ यु है की एक काँग्रेस के नेता थे उनका मामला सुप्रीम कोर्ट मे था। नेता जी का नाम जगन्नाथ मिश्रा था और मामला भ्रष्टाचार का था।यह काँग्रेस के मुख्यमंत्री ललित नारायण मिश्र के भाई थे। जो बिहार मे काँग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री थे।
उनके मामले को लेकर वकील साहब जज बनकर फैसला दिये और सुबह उठकर चाय पी और सुप्रीम कोर्ट से इस्थिपा दे दिया।फैसला बताने की जरूरत नही पड़नी चाहिए। इँदिरा जी ने कहा इधर आ जा गुड्ड,वकील साहब ने कहा जी मैडम।अगली सुबह हुई फिर वकील साहब राज्यसभा चले गये।
आप सोचिए फैसले दिलाने के लिए जजो की नियुक्ति होती थी आज उसी इँदिरा गाँधी का पोता मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन पर ज्ञान बाँटते हुए इमान की बात करके जब नियुक्ति पर अपने राजनैतिक हिस्सेदारी की बात करके सत्ता के बराबर हिस्सेदारी की बात कर रहा है। तो कहावत याद आ रही है।
"बाप मरे अंधेरे मे बेटा का नाम पावर हाउस"
अब वकील साहब का नाम नही जानेंगे तो काम नही चलेगा बात कांग्रेस नेता बहरूल इस्लाम की हो रही है और अपने मुख्यमंत्री को बचाने के लिए इँदिरा गाँधी आजादी की यह लड़ाई लड़ रही थी और फिर शहीद भी हो गई तो इस आजादी के संघर्ष की इस कहानी को भी इतिहास याद रखे।
ऐसे इनकी कांग्रेस सरकार के अनेक उदाहरण हैं ,इनको सत्ता का खून मुंह लगा हुआ है ,आज इनको सत्ता से बाहर रहना बर्दाश्त नहीं हो रहा ।@narendramodi@AmitShah@PavanRanaRSS@blsanthosh@hdmalhotra@kgahlot@gupta_rekha
नाना पाटेकर 1999 में फिल्म की शूटिंग में बिजी थे,लेकिन उन्हें पता चलता है कि 1999 में कारगिल का युद्ध शुरू हो गया है।
इसके बाद नाना पाटेकर तुरंत अपना सारा काम छोड़कर कारगिल युद्ध में शामिल होने के लिए तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस को फोन करते हैं। नाना पाटेकर ने रक्षा मंत्री से कहा,मैं कारगिल युद्ध में शामिल होना चाहता हूं।
इसके बाद तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस शुरुआत में तो नाना पाटेकर की परमिशन को रिजेक्ट कर देते हैं।
लेकिन इसके बाद जब उनको पता चलता है कि नाना पाटेकर ने अपनी प्रहार फिल्म की शूटिंग के दौरान 6 महीनो तक आर्मी के साथ रहकर ट्रेनिंग की थी।
इसके बाद नाना पाटेकर को कारगिल युद्ध में शामिल होने की परमिशन मिल जाती है,परमिशन के बाद 60 दिनों तक टेरिटोरियल आर्मी में रहकर नाना पाटेकर कारगिल युद्ध में अपनी सेवाए करते हैं।
नाना पाटेकर उस दौरान कारगिल युद्ध में सोपिया,बारामुला, कुपवाड़ा और द्रास जैसे सेक्टर में भी कई दिनों तक रहे थे।
नाना पाटेकर का कारगिल युद्ध के दौरान 75 किलो के करीब वजन था,लेकिन 60 दिनों तक आर्मी की सेवा करने के बाद उनका वजन 20 किलो तक घट गया था।
नाना पाटेकर ने अपनी कारगिल युद्ध में शामिल होने की बात किसी को बताई नहीं थी,लेकिन बाद में लल्लनटॉप शो में पत्रकार के द्वारा पूछने पर पहली बार इस घटना का खुलासा किया था।
नाना पाटेकर के निधन पर पूरा देश उनको आज याद कर रहा है और अपनी दमदार एक्टिंग और अद्भुत प्रतिभा के दम पर नाना पाटेकर सदियों तक याद किए जाएंगे। विनम्र श्रद्धांजलि 💐🙏@narendramodi@PavanRanaRSS@AmitShah@blsanthosh@hdmalhotra
Hariyana की भाजपा सरकार एशियन खेलो में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 3 करोड़ की इनाम की राशि से पुरस्कृत करती है वही कर्नाटक की कांग्रेस सरकार अपने राज्य के खिलाड़ी को स्वर्ण पदक जीतने पर केवल 35 लाख रुपए की राशि से पुरस्कृत करती है , भाजपा सरकार में व कांग्रेस सरकार में कितना बड़ा अंतर,
राहुल गांधी के पास CEC ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ झूठ फैलाकर धरना देने का समय है लेकिन भारत देश के पायलट स्मित मच्छर जिसने 174 लोगो की जान बचाई जिसे पूरा विश्व हीरो के रूप मे देख रहा है उसकी प्रशंसा में एक शब्द भी बोलने का समय नहीं है
अमन सहरावत के नाम स्वर्णिम उपलब्धि! 🇮🇳🥇
#AsianGames2026 में पुरुषों की फ्रीस्टाइल 57 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने पर अमन सहरावत को हार्दिक बधाई!
2023 में कांस्य पदक से लेकर इस बार स्वर्ण पदक तक का आपका सफर शानदार रहा है। 57 किग्रा वर्ग में भारत के लिए पहला एशियाई खेल स्वर्ण पदक जीतकर आपने इतिहास रच दिया।
आपका जज्बा और दृढ़ संकल्प देश के हर युवा के लिए प्रेरणास्रोत है।
बहुत-बहुत बधाई अमन!🇮🇳