“हर चीज़ में आपका कोई न कोई एजेंडा है।”
“लोग आप पर भरोसा कैसे करेंगे?”
“बेहतर होगा सारी जाँच CBI को दे दें।”
“हम यूपी पुलिस को भंग ही कर दें… यह बकवास कहीं न कहीं रुकनी चाहिए।”
ये किसी विपक्षी नेता के आरोप नहीं, सुप्रीम कोर्ट की यूपी पुलिस पर सख़्त टिप्पणियाँ हैं।
मौके पर पकड़कर पुलिस को सौंपा गया व्यक्ति FIR में ‘अज्ञात’ हो गया; बाद में नाम आया और फिर क्लीन चिट के आरोप लगे। कोर्ट ने जाँच पर “cover-up job” तक कहा।
जब सुप्रीम कोर्ट को पूछना पड़े कि “जनता आप पर भरोसा कैसे करे?” तो यूपी की कानून-व्यवस्था पर इससे बड़ा सवाल और क्या होगा?
@baghpatpolice@BhimArmyChief@CMOfficeUP@PMOIndia इस प्रकरण के संबंध में महिला व नाबालिक छोटी बच्चियों प्रतिदिन थाने बुलाई जाती हैं और पूरा दिन बैठकर उन्हें शाम को भेज दिया जाता है परंतु बयान दर्ज नहीं कराए जाते हैं यह प्रकरण है बागपत पुलिस का
@baghpatpolice थाना पुलिस बड़ौत द्वारा महिला व बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म के संबंध में भी बयान दर्ज नहीं कराये जा रहे हैं महिला ने डीएम साहब को गुहार लगाई है थाना पुलिस बडौत सजीश करके इस तरह के कार्य करती है और अभियुक्त का साथ देती है
@krishmaraa17784@BhimArmyChief@CMOfficeUP@PMOIndia अवगत कराना है कि उक्त प्रकरण के संबंध में थाना बड़ौत पर अभियोग पंजीकृत है। प्रकरण में विवेचनात्मक कार्यवाही प्रचलित है तथा विवेचना के दौरान प्राप्त तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
@BoltaHindustan इससे भी बड़ा धाधले बाज वह व्यक्ति है जिसने ज्ञानेश कुमार को इस पद पर बैठाकर चोरी के लिए ताकत दी और उससे चोरी करा कर अपनी सत्ता हासिल की
ज्ञानेश कुमार चोर है, डाकू है, वोट चोरी किया, EVM मशीन हैक किया, EVM मशीन जला दिया
ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए
: ममता बनर्जी, पूर्व मुख्यमंत्री
@baghpatpoliceथाना पुलिस बडौत द्वाराअभद्र व्यवहार गाली गलौज व झूठे केस में जेल भेजने की धमकी देना जबकि थाना पुलिस से सहजतापूर्ण व्यवहार में बयान के लिए पूछा गया एक केस में पिछले करीब 10 12 दिनों से थाना पुलिस बडौत बेवकूफ बना रही थीऔर बयान महिला के दर्ज नहीं कराए गए उचित कार्रवाई
@baghpatpolice@BhimArmyChief@yadavakhilesh@CMOfficeUP@PMOIndia इतना कुछ जानने के बाद अब आप बताइए ना आपने पुलिसकर्मी के खिलाफ क्या एक्शन लिया क्योंकि आपको तो कानून व्यवस्था स्वयं ही खराब करनी है पुलिस वाले ही पुलिस वाले के खिलाफ एक्शन लेने से कतराते हैं
@baghpatpoliceथाना पुलिस बडौत द्वाराअभद्र व्यवहार गाली गलौज व झूठे केस में जेल भेजने की धमकी देना जबकि थाना पुलिस से सहजतापूर्ण व्यवहार में बयान के लिए पूछा गया एक केस में पिछले करीब 10 12 दिनों से थाना पुलिस बडौत बेवकूफ बना रही थीऔर बयान महिला के दर्ज नहीं कराए गए उचित कार्रवाई
#baghpatpolice
थाना खेकडा साइबर सेल टीम द्वारा एक व्यक्ति के खाते से ऑनलाइन धोखाधडी के माध्यम से निकाली गई 2,10,000/- रूपये की सम्पूर्ण धनराशि वापस करायी गई–
#Uppolice
तबस्सुम पत्नी जुल्फिकार गांव असारा थाना रमाला
महिला के साथ कई दबंगों द्वारा दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध किया और महिला के साथ बुरी हालत करके उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर कार्रवाई को दबाने का प्रयास किया गया महिला पिछले एक माह से थाना पुलिस के चक्कर लगा रही है
@dgpup
@baghpatpolice@BhimArmyChief@yadavakhilesh@CMOfficeUP@PMOIndia मान्यवर महोदय पुलिस वाले पुलिस वाले की गलती छुपाने के लिए कितनी आसानी से झूठी बाते लिखकर भेज देते हैं हमारे पास इस प्रकरण में जो भी बातें हुई है उनकी रिकॉर्डिंग मौजूद है और आपने साफ-साफ तौर पर उसे बचाने के लिए लिख दिया सच लिखना गुनाह है क्या
बागपत रमाला थाना क्षेत्र निवासी तबस्सुम पत्नी ज़ुल्फ़िकार को राजनीति का झाँसा देकर लोकेंद्र व सतेंदर जैन व ड्राईवर के द्वारा दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी 4 दिन से पीड़िता थाने के चक्कर काट रही है @baghpatpolice मुक़दमा दर्ज कर कार्यवाही करे
@dgpup@BhimArmyChief
@baghpatpolice@Ashishk28787871@dgpup@BhimArmyChief महिला के साथ हुए इस तरह के गंभीर प्रकरण में थाना पुलिस द्वारा जांच पिछले कई दिनों से चली आ रही है परंतुजांच के नाम पर सिर्फ बहकाया जा रहा है क्योंकि दूसरा पक्ष राजनीतिज्ञ व्यक्ति है और महिला गरीब और साधारण
अवगत कराना है कि उक्त प्रकरण के संबंध में थाना रमाला पर प्राप्त तहरीर का संज्ञान लेते हुए प्रकरण की गहनता एवं निष्पक्षता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान उपलब्ध तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर प्रकरण प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। मामले से संबंधित सभी तथ्यों, साक्ष्यों एवं अन्य आवश्यक बिंदुओं का परीक्षण किया जा रहा है। जांचोपरांत प्राप्त साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।