🚨 Expired food item alert!
Purchased a packet of Dahi today, only to find the "USE BY" date was 05 AUG 26, while the "MFD" shows 22 AUG 26?! 🤯Selling expired dairy with faulty dates is a major food safety hazard. Requesting urgent action
@MotherDairyMilk@fssaiindia@CMODelhi
भाजपा की नई सरकार ने शपथ लेते ही युवा सपनों पर फिर से प्रहार शुरू कर दिया। NEET परीक्षा परिणाम में गड़बड़ियों पर शिक्षा मंत्री का अहंकार भरा जवाब 24 लाख छात्रों एवं उनके अभिभावकों की चीख-पुकार की पूरी तरह से अनदेखी करता है। क्या शिक्षा मंत्री जी को सार्वजनिक रूप से मौजूद तथ्य नहीं दिखते?
क्या बिहार और गुजरात में जो पुलिस कार्रवाइयां हुईं और रैकेट पकड़े गए, सरकार उन्हें भी झूठा मानती है?
क्या 67 टॉपर को पूरे मार्क्स मिलना भी झूठ है?
सवाल यह है कि लाखों युवाओं और उनके माता-पिता की अनदेखी कर सरकार सिस्टम में किसको बचाना चाहती है?
क्या युवाओं के सपनों को इस भ्रष्ट परीक्षा प्रणाली की भेंट चढ़ाना बंद नहीं होना चाहिए?
क्या सरकार की ये जिम्मेदारी नहीं बनती कि छात्रों व अभिवावकों की बात की अनदेखी करने की बजाय, शिकायतों पर गंभीरता से गौर करे व एक्शन ले?
भाजपा सरकार को अपना अहंकार त्यागकर युवाओं के भविष्य के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और परीक्षाओं में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के उपाय करने चाहिए।
आज से पुस्तक मेला शुरू हो रहा है। इस सरकारी विज्ञापन में लिखा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान उद्घाटन करेंगे मगर उनकी तस्वीर नहीं है। अगर आप ध्यान से न पढ़ें तो फोटो देखकर यही लगेगा कि प्रधानमंत्री मोदी ही उद्घाटन करने आ रहे हैं। कैबिनेट मंत्रियों का दर्जा इतना घट गया है कि उनके ही मंत्रालय के कार्यक्रम में उनकी तस्वीर नहीं है। जो उपस्थित होगा उसकी तस्वीर नहीं होगी, जो अनुपस्थित होगा उसकी तस्वीर होगी।
मोदी सरकार ने शिक्षा मंत्री व NTA के द्वारा NEET घोटाले की लीपापोती चालू कर दी है।
अगर NEET में पेपर लीक नहीं हुआ तो —
1. बिहार में 13 आरोपियों को पेपर लीक के चलते गिरफ़्तार क्यों किया गया?
क्या रैकेट में शामिल शिक्षा माफिया व संगठित गिरोह को पेपर के बदले ₹30-₹50 लाख तक के भुगतान का पटना पुलिस की Economic Offences Unit (EOU) ने पर्दाफ़ाश नहीं किया?
2. गुजरात के गोधरा में NEET-UG में धोखाधड़ी करने वाले रैकेट का भंडाफोड़ नहीं हुआ है?
जिसमें कोचिंग सेंटर चलाने वाले एक व्यक्ति, एक शिक्षक और एक अन्य व्यक्ति समेत 3 लोग शामिल हैं और गुजरात पुलिस के अनुसार आरोपियों के बीच 12 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन सामने आया है?
अगर मोदी सरकार के मुताबिक़ NEET में कोई पेपर लीक नहीं हुआ तो ये गिरफ़्तारियाँ क्यों हुई? इससे क्या निष्कर्ष निकला?
क्या मोदी सरकार देश की जनता की आँखों में पहले धूल झोंक रही थी या अब?
मोदी सरकार ने 24 लाख युवाओं के अरमानों का गला घोंटने का काम किया है।
NEET में 24 लाख युवा डॉक्टर बनने के लिए परीक्षा देते हैं, जिसमें वो 1 लाख मेडिकल सीटों के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं।
इन 1 लाख सीटों में से क़रीब 55,000 सरकारी कॉलेजों की सीट है जहॉं SC, ST, OBC, EWS वर्गों की सीट आरक्षित हैं।
इस बार मोदी सरकार ने NTA का दुरुपयोग कर Marks और Ranks की ज़ोरदार धाँधली की है जिससे आरक्षित सीटों का Cut-off भी बढ़ गया है।
ऐसा प्रतीत होता है कि गुणवान के छात्रों को रियायती दरों में सरकारी दाखिले से वंचित करने के लिए Grace Marks, Paper Leaks और धांधली का खेल खेला गया।
#NEET_परीक्षा धांधली पर ध्रुव राठी ने शिक्षा मंत्री को गांव-गांव में फेमस कर दिया!
पहले RT करो फिर वीडियो देखो!!
हालांकि, अब धर्मेंद्र प्रधान जी कह रहे हैं कि वे NEET परीक्षा पर SC के निर्देशों को मानने के लिए कटिबद्ध हैं। लेकिन राठी को सुनो...
https://t.co/tEFF9vDfAa
ध्रुव राठी NDA के बाद अब NTA पर आ गए हैं।
ध्रुव राठी ने अपनी कल रिलीज की गई वीडियो में देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को निशाने पर लिया है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के बारे में कहा कि
अगर आप इनके ट्विटर पर जाकर देखोगे तो आपको लगेगा कि ये एजुकेशन मिनिस्टर नहीं बल्कि मोदी के PR मिनिस्टर हैं , ऊपर से नीचे तक आपको दिखेगा सिर्फ नरेंद्र मोदी का चेहरा। हर दूसरे ट्वीट में मोदी का मेंशन किया गया है
कभी मोदी अगेन
कभी मोदी 3.0
कभी मोदी ये
कभी मोदी वो
लेकिन NEET एग्जाम को लेकर कोई ट्वीट मिल जाए तो मुझे बताना, अरे NEET तो छोड़ो एजुकेशन को लेकर एक ट्वीट दिखा दो इनके ट्विटर अकाउंट पर, ऐसे लोगों की वजह से पूरे देश के एजुकेशन सिस्टम की ये हालत है।
Power of Dhruv Rathi 🔥
कल ध्रुव राठी ने एक वीडियो में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी को लेकर बताया था कि
धर्मेंद्र प्रधान जी ने NEET के बारे में अब तक कोई भी ट्वीट नहीं किया है और वह लागतार मोदी जी के PR मिनिस्टर बने हुए हैं मगर
आज सुबह से ही धर्मेंद्र प्रधान जी 2 ट्वीट NEET को लेकर कर चुके हैं।
वैसे कोई कुछ भी कहे मगर ये सच है कि ध्रुव राठी ने सोई हुई सरकार को जगाया है।
NEET UG Exam issue is now deviated by the government by telling Supreme Court that they have cancelled the score-cards of 1563 NEET-UG candidates who were given grace marks.
Centre adds that these 1563 students will be given an option to take a re-test.
But the NEET Exam was leaked as per the FIR and arrests are testimony to it
Now they have hidden these irregularities under the name of 1563 students
It’s exactly like a poisonous lizard falls in your meal and instead of removing the entire meal they just remove the lizard to save their work done on cooking it
An Exam whose Foundation is based upon allegations of Scam cannot be supported !
Bihar Police is investigating the paper leak and has arrested brokers who charged from anywhere between 30-50 lakhs, they have said they suspect even a Jharkhand gang was involved in this. But here the Education Minister instead of seeking transparency is busy defending the lapses of administration.
The arrogance hasn’t been tamed least bit.
#WATCH | On the Supreme Court's hearing on the NEET-UG 2024 exam, Alakh Pandey, petitioner and CEO of Physics Wallah says, "Today, NTA accepted in front of the Supreme Court that the grace marks given to the students were wrong and they agree that this created dissatisfaction among the students and they agreed that they will remove the grace marks...Re-examination of those 1,563 students who got grace marks will be done on 23rd June or the original score without grace marks would be accepted by the students. NTA agreed in front of the SC that the grace marks they awarded were wrong. The question is if NTA has other discrepancies that we are unaware of. So, there is a trust issue with NTA...The issue of paper leak is open and hearing on that will continue..."
NEET परीक्षा में हुईं गड़बड़ियों को लेकर आ रहीं सूचनाओं से यह स्पष्ट है कि यह पूरी परीक्षा संदेह के घेरे में है। परीक्षा करवाने वाली एजेंसी NTA की भूमिका ही संदेहास्पद है। यदि सरकार की अभ्यर्थियों के साथ न्याय करने की मंशा है तो NEET परीक्षा को लेकर जल्द से जल्द फैसला लेना चाहिए। अगर मेडिकल की प्रवेश परीक्षा में ही ऐसी अनियमितताएं हो जाएंगी तो यह देश में मेडिकल सेवाओं के भविष्य पर सवालिया निशान लगा देगा।
#NEET_परिक्षा_परिणाम
साफ दिख रहा है कि बॉल गोल पोस्ट के पास मैदान से बाहर जा चुका था।
इसके बावजूद रेफरी ने बेईमानी करते हुए इसे गोल करार दिया। इसी विवादास्पद गोल के कारण भारत कतर से यह मैच 1-2 से हार कर फीफा विश्व कप क्वालीफायर से बाहर हो गया।