सरलीकरण यात्रा में उमड़ रहे हजारों लोगों के जनसैलाब के बीच रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा को लेकर गंभीरता जरूरी है। इतनी विशाल भीड़ में एक अकेला पीएसओ पर्याप्त नहीं है।
प्रशासन से विनम्र अपील है कि सुरक्षा व्यवस्था तत्काल बढ़ाई जाए... ताकि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को टाला जा सके।
#सरलीकरण #JusticeForEws
@RajCMO@BhajanlalBjp@RavindraBhati__
प्रिय नौजवान साथियों,
आपका अटूट स्नेह, विश्वास और समर्थन मुझे हमेशा ऊर्जा प्रदान करता रहा है। आज उसी विश्वास के साथ आपसे एक छोटी सी, लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण अपील कर रहा हूँ।
वर्तमान समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सूचनाओं को साझा करने का एक मजबूत स्तंभ है इसे हम समाज को जोड़ने, सकारात्मक सोच फैलाने और अच्छे कार्यों के लिए इस्तेमाल करें। अगर आप स्वयं को मेरा समर्थक मानते हैं, तो मेरी आपसे विनम्र अपील है कि किसी भी जाति, धर्म, वर्ग या व्यक्ति विशेष के खिलाफ अमर्यादित टीका-टिप्पणी से दूर रहें।
मेरे राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी पूंजी अपणायत, भाईचारा और आपसी सम्मान रही है जो कि मुझे मेरे पूर्वजों से मिली हैं। राजनीति और वोट से कहीं ऊपर हमारा सामाजिक सौहार्द है, जिसे बनाए रखना हम सबकी सामुदायिक जिम्मेदारी है।
बीते कुछ समय से हमारी इस पावन अपणायत की धरती पर सुनियोजित तरीके से नकारात्मकता फैलाकर आपसी वैमनस्य बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। लेकिन यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम अपने स्वविवेक, समझदारी और संयम का परिचय देते हुए इन प्रयासों को सफल न होने दें।
बरसों से चली आ रही भाईचारे, अपनत्व और सामाजिक समरसता की इस परंपरा को बनाए रखना ही हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
आपका अपना,
रविन्द्र सिंह भाटी
में जालम सिंह राजपूत विधानसभा भीनमाल जालौर
आज में माँ भवानी को शाक्षी मान कर सपत लेता हूँ की में और मेरा परिवार (bharatiya janta Party) और साथ ही
सिंगर छोटू सिंह रावण का आजीवन बहिष्कार करता हूँ कभी उसका गाना या जागरण नहीं सुनूँगा
जय माँ आशापुरा
@RavindraBhati__
देवासी समाज के प्रतिष्ठित भामाशाह श्री मेहेशा राम जी बागोड़ा सुपुत्र श्री बाबरा राम जी बागोड़ा के आकस्मिक सड़क दुर्घटना में निधन का अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक समाचार प्राप्त हुआ। यह असमय वियोग न केवल उनके परिवार, बल्कि समूचे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
मैं परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक की इस कठिन घड़ी में शोकाकुल परिजनों को धैर्य, संबल और इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
निर्मल भाई, ये तो वही बात हो गई कि….
गावों में जब सरपंचों के चुनाव होते हैं…
तब हर गाँव में एक दो ऐसे युवा नेता होते हैं…
जो पाँच साल टाँग पर टाँग चढ़ाकर बैठे रहते हैं…
भलाई के नाम पर लोगों की चुग़लियाँ करते फिरते हैं…
चुनाव आते ही सफ़ेद कुर्ता पजामा पहनकर गाँव में निकलते हैं…
महीना भर स्कॉर्पियो लेकर गाँव में धूल उड़ाते घूमते हैं…
फिर चुनाव में ज़मानत ज़ब्त होती है…
तो सोशल मीडिया पर स्टेट्स लगाते हैं कि…
•• तुम्हारी साज़िशों के आगे मेरा संघर्ष हार गया…
•• तुम्हारी जीत से ज़्यादा मेरी हार के चर्चे हैं…
•• मेरा पानी उतरता देख किनारे पर घर मत बसा लेना…
मैं समंदर हूँ, लौट कर वापस आऊँगा…
•• कदे कदे गाडरां सूं सिंग हार जावे…