बारिश की हर बूँद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं, जिन्होंने अन्याय किया वो कितने ही ताकतवर क्यों ना हो, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना हो, लेकिन जवाब देना ही होगा।
महापुरुषों के विचार ही मेरे संघर्ष की ताक़त हैं। जय भीम, जय भारत।
ये शिवम सोनकर है। 8 बार NET क्वालीफाई कर चुका है। BHU में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में सामान्य वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त कर चुका है। BHU में इसे प्रवेश से वंचित कर दिया गया और प्रशासन द्वारा कहा जाता है कि "जाकर जूता साफ करने का काम करो", केवल इसलिए क्योंकि वह एक दलित समुदाय से आता है। इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण क्या हो सकता है कि एक मेधावी छात्र, जिसने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया, आज विश्वविद्यालय के द्वार पर खुले आसमान के नीचे अन्याय के खिलाफ बैठने को मजबूर है।
BIG NEWS 🚨 BOMBAY HIGH COURT का फैसला न्याय संगत नही है.
हाई कोर्ट : जातिगत आरक्षण पर बोलना किसी समुदाय के खिलाफ नही माना जा सकता है, ऐसे मामले में SC ST के तहत केस भी दर्ज नही हो सकता.
न्यायपालिका के यह फैसला पूरी तरह जातिवाद को बढ़ावा देगा.
उदाहरण : मुंबई नायर टोपीवाला मेडिकल कॉलेज में ST समाज की पायल ताडवी MD गायनेकोलॉजिस्ट की पढ़ाई कर रही थी. पायल ताडवी को होस्टल में जो कमरा अलॉट किया गया था,
उसमें जनरल कास्ट की तीन अन्य लड़कियां थी जो पायल ताडवी को आरक्षण पर ताना मारती थीं. आरक्षण की गाली देकर पायल ताडवी का मानसिक शोषण करती थी.
2019 में पायल ताडवी ने आत्महत्या कर ली. हाई कोर्ट का फैसला आरक्षण के नाम पर OBC SC ST को अपमानित करने वालों का हौसला बढ़ाएगा.
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना आतंकवाद की श्रेणी में आना चाहिए. थर्ड एसी कोच के कांच को तोड़कर रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है.
सरकार ने RPF की भर्ती बंद कर दी है. रेलवे स्टेशन पर भीड़ Zombie बन चुकी है. कुंभ मेले में इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद सबको नहाने जाना है ?
China, Japan या South Korea में कोई सरकारी संपत्ति को नुकसान नही पहुंचाता. ये समस्या अफ्रीका, पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश में अधिक है.
China, Europe और America में कोई ऐसी हरकत करेगा, तो उसका इलाज भी अच्छे से किया जाता है.
उत्तरप्रदेश के फतेहपुर में दो मालगाड़ियो के टकराकर भीषण रूप से दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना दुःखद है। रेलवे में कर्मचारियों की कमी के कारण प्रबंधन की व्यवस्था कमजोर हो गई है, इसलिए लगातार रेलवे हादसे बढ़ रहे है। जानकारी के लिए बता दूं कि रेलवे में 3 लाख रिक्त पद है। #TrainAccident
बाबा साहेब व्यक्ति पूजा के खिलाफ थे, मगर वे शायद अंदाजा नहीं लगा पाए कि वे खुद मुल्क के करोड़ों लोगों के मुक्ति का द्वार खोल देंगे।
ईश्वर की यही तो परिभाषा है। यही तो उन्होंने किया।
मेरे जैसे करोड़ों लोगों ने स्वर पाकर स्वर्ग को जमीं पर महसूस किया।
#बाबासाहेब_हमारे_भगवान_हैं