जरूरी सूचना - कल दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई करवाएँगे
यदि आपके पास जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़, पुलिस वैन को नुकसान या पुलिसकर्मियों पर हमले की फोटो/वीडियो है, तो कृपया तुरंत DM करें।
आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी - Pl Rt
@ANI@PTI_News@ians_india
Shabana Azmi is the Chairperson of the Governing Board of ActionAid India.
The organisation receives crores of Rupees in foreign funding every year.
When the Chairperson of a heavily foreign-funded NGO repeatedly stands with illegal protests in the name of “students,” every Indian has the right to ask: Are you even concerned about students, or is it about protecting yourselves and your eco-system that fears stricter FCRA scrutiny and greater transparency.
Don't be fooled by her weathered look, simple cotton saree and unkempt hair when she comes to support the ‘Cockroach Janta Party’. There is big money riding on this entire eco-system!!
यह आंटी उत्तराखंड में एक आश्रम चलाती है जिसके कोई काग़ज़ पत्र नहीं है आंटी के पास।🧐
यह आंटी धामी सरकार की हर नीति के ख़िलाफ़ है जो उत्तराखंड को और विकसित बनाए उत्तराखंड के अंदर किसी भी प्रकार का कोई डेवलपमेंट आंटी को नहीं चाहिए।🧐
एक बारी आंटी की भाषा सुन लो।🧐
ज्योति के साथ जो हुआ, भयावह है। बरसों गोदी मीडिया का व्यवहार करने वाले और अब टीवी के एकाधिकार से बाहर कर दिए गए लोग खुश होंगे। यही आयातित विचार वाली तानाशाही मानसिकता है जो किसी और विचार को बोलने की स्वतंत्रता भी नहीं देती। चीन से लेकर उत्तर कोरिया तक, इस मानसिकता के जाने कितने उदाहरण हैं। ज्योति को मैं निजी तौर पर जानता हूँ। उसने कोई गलत बात कही होगी, संभव ही नहीं है। दूसरे रिपोर्टर जिनको नहीं जानता, उन्होंने भी कोई गलत बात नहीं कही। यह भीड़ इस तरह से तैयार कर दी गई है जिसके मन-मस्तिष्क में सिर्फ जहर है। गलत बात कहने पर भी क्या रिपोर्टर के साथ यह व्यवहार ठीक है। यह तो तानाशाही, बर्बर राज में होता है कि, हमारे मन का कहो नहीं तो मार देंगे।
इसके राज में बंगाल को बांग्लादेश के घुसपैठियों के लिए सेफ़ जोन बना दिया गया |
इसने अपनी सरकार के दौरान जो रोजगार हिंदुओं को मिलना था वह बांग्लादेशी घुसपैठियों को दे दिया | 😡
अब यह महिला कह रही है कि कॉकरोच प्रोटेस्ट में पहुंच कर आंदोलन को मजबूत करेगी |
क्या छात्रों को नहीं लगता है कि यह प्रोटेस्ट अब स्टूडेंट का नहीं बल्कि विपक्षी पार्टियों का बन गया है |
बच्चों को राजनैतिक रोटियाँ सेकने के लिए झोंक दिया गया, इन्टरनेट के माध्यम से प्रोटेस्ट फ्यूल किया गया,
बेचारे छोटे छोटे बच्चे किसी तरह दिल्ली पहुँचे,जब संसद मार्च की परमिशन नहीं थी तो उनको बिना किसी लीडरशिप के आग में जानबूझकर क्यूँ झोंका गया?
अरविंद केजरीवाल ने 2011 से 2015 तक अनेक नेताओं पर आरोप लगाए , इनके समर्थकों ने भी यही किया, जब मुक़दमे हुए तो केजरीवाल ने माफ़ी मांग कर खुद के मुक़दमे हटवा लिए, ना जाने कितने आप समर्थक और कार्यकर्ता आज भी कचहरी के चक्कर काट रहे,
CJP की पूरी लीडरशिप गायब रही, कोई ट्रक में छिपकर पानी पी रहा था तो कोई बर्गर खाने में बिजी था।
BIG RELIEF FOR MODI SARKAR!
Delhi Court has allowed shifting Sonam Wangchuk from Govt Hospital to Private Medanta Hospital.
SO IF ANYTHING GOES WRONG & HE DIES... MODI SARKAR WON'T BE RESPONSIBLE. ONLY PERSON RESPONSIBLE WILL BE HIS WIFE GITANJALI AS SHIFTING IS HAPPENING AT HER INSISTENCE.
I hope BJP IT Cell smells the coffee & Spreads this information cum Warning on all Social Media platforms. Normally, it wakes up only after losing Information War.
And for all readers.... I've dropped a big hint as it's only way left with Cockroaches & their political masters to burn Nation after yesterday's failed attempt.
Ask yourselves
If this was indeed about Paper Leaks
1) Why the complete silence on Punjab Pharmacy paper leak ?
2) Why credit war by AAP & Cong leaders
3) Why target journalists, security personnel and private and public property ?
4) Why Political artists misleading innocent protesters
योगी जी होते तो इनका इलाज़ ठीक से करते
माननीय @narendramodi जी, कृपया @myogiadityanath जी को कुछ समय के लिए दिल्ली भेज दिजिए, वो इन जिहादी कॉकरोचों को ठीक कर देंगे।
भारत में एनजीओस को फंडिंग करने वाले विदेशी फंड्स सरकार पर लगातार दवाब बना रहे थे |
पर नरेंद्र मोदी ने रातों रात एफसीआरए में बदलाव कर विदेशी फंडिंग्स पर नकेल कस दी |
हिंदुओं इस मुद्दे पर सरकार के लिए बैकअप बनाए रखना क्योंकि विदेशी फंडिंग ही धर्मांतरण का सबसे बड़ा हथियार है |
@amitmalviya
तुमसे बड़ा लोकतंत्र का हत्यारा कौन होगा? तुम्हारे बोए जहर से तैयार हुई भीड़ ने तुम्हारे साथ काम किए संवाददाताओं को भी नहीं बख्शा। नाम इसलिए नहीं लिख रहा कि, उसकी पीड़ा बताना है, उसे पीड़ित नहीं दिखाना। असली गोदी मीडिया तुम्हारे जैसे लोग हैं जो सारी जिंदगी गोदी में ही बैठे रहे और गोदी से उतार दिए जाने पर रोने लगे। जरा सा भी शर्म आ रही हो तो अलग-अलग चैनलों के उन रिपोर्टरों से बात करो जिनके साथ भीड़ ने गंदा व्यवहार किया है। शर्म आए तो उनसे माफी मांगो और खुद को पत्रकार कहना बंद कर दो।
सिख भाई ने समाँ बाँध दिया-
NEET के मुद्दे पर सरकार का विरोध करना है तो करो, परंतु देश की युवा शक्ति को “कॉकरोच” की संज्ञा देकर उन्हें हमेशा के लिए नकारात्मकता में मत झोको।
इस देश का युवा बब्बर शेर है, और पढ़ लिखकर अपने भविष्य को संवारने में लगा है।
यही सकारात्मक मेसेज चाहिए 👇
पाकिस्तान जिस देश का जन्म ही 1947 में हुआ 1947 के बाद से कभी इन्होंने खुद को अरबीयो का बेटा बताया तो कभी खुद को तुर्कियो का बेटा बताया
लेकिन अब पाकिस्तान खुद को सिंधु घाटी सभ्यता का बेटा बताने लगे
सिंधु-सरस्वती सभ्यता प्राचीन विश्व की सबसे बड़ी और भारतीय उपमहाद्वीप की पहली नगरीय सभ्यता है।
यह लगभग 2500 ईसा पूर्व फली-फूली। यह सभ्यता सिंधु और अब विलुप्त हो चुकी सरस्वती (घग्गर-हकरा) नदियों के किनारे बसी थी
नगर नियोजन: शहर बहुत व्यवस्थित थे। सड़कें समकोण (90 डिग्री) पर काटती थीं। घर पक्की ईंटों के बने थे। गंदे पानी की निकासी के लिए ढकी हुई नालियाँ थीं
।प्रमुख नगर: हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, धौलावीरा, लोथल और राखीगढ़ी इसके मुख्य शहर थे।
लोथल एक प्राचीन बंदरगाह था वर्तमान में गुजरात में है जो अहमदाबाद से भावनगर रोड पर है
व्यापार और अर्थव्यवस्था: यह लोग खेती करते थे और धातु की चीजें बनाते थे। वे बाट और माप की मानक प्रणाली का इस्तेमाल करते थे। वे मेसोपोटामिया (आधुनिक इराक) तक व्यापार करते थे।कला और लिपि: यह लोग कांसे की मूर्तियाँ और सुंदर मुहरें बनाते थे। उनकी लिपि में चित्र बने हैं, जिसे अभी तक पूरी तरह पढ़ा नहीं जा सका है।
#IndusSaraswatiCivilisation
2014 तक हमारे देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, अब हमारे देश में 823 मेडिकल कॉलेज हैं।
2014 तक 51000 मेडिकल सीट होती थी, अब 1,36,000 हैं।
NEET Paper जिन्होंने leak किया उन 13 लोगों को भी पुलिस हिरासत में ले चुकी है।
तो दोस्तों Abhijeet Dipke, Arvind Kejriwal और Rahul Gandhi के चक्कर में न पड़े जो आपको डंडे खिला कर खुद अपनी राजनीति चमका रहे हैं।
यह भीड़ छात्रों के हितों के लिए लड़ने वाला हो ही नहीं सकती। यह बर्बर, उन्मादी, ज़हरीली भीड़ है जिसे @ravish_journo जैसे सत्ता की गोदी से बाहर किए गए लोगों ने तैयार किया है। थू है ऐसे नीच लोगों पर। उम्मीद करें कि, @DelhiPolice ने ऐसे लोगों को चिन्हित किया होगा।