@uttarakhandcops
सर हमारी यात्रा 6 अक्टूबर 2026 से श्री यमुनोत्री जी से प्रारम्भ है और 14 अक्टूबर 2026 को श्री बद्रीनाथ जी तक खत्म होनी है और हमारे साथ 4 लोग 60+ साल के बुजुर्ग है, क्या यात्रा करना सही है. 🙏🙏
आज गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मियों से मिली और उनके साथ हुए अन्याय के विरोध में उनका साथ देने का वचन दिया। बर्खास्त कर दिए गए कर्मियों को सरकार तुरंत बहाल करे और इन कर्मियों की सेवा नियमित हो, इसके लिये मैं प्रतिबद्ध हूँ। @narendramodi@NitishKumar
दरभंगा शहर के पुराने गौरव की वापसी और इसे देश के सर्वश्रेष्ठ शहरों में एक बनाने के लिए स्थानीय जनता से संपर्क सबसे ज़रूरी है। संवाद, सुझाव और समाधान के सिद्धांत पर दरभंगा विधानसभा के सभी वार्ड और पंचायत में मेरा जनसम्पर्क कार्यालय खोला जा रहा है। आज चार वार्डों में शुभारंभ हुआ।
मा. प्रधानमंत्री पिछले 10 साल से बिहार आ रहे हैं और हमेशा हज़ारों-लाखों करोड़ की ‘सौग़ात’ दे रहे हैं। पर बिहार भी कितना थेथर है कि विकास के मापदंड पर 28वें से 27वें स्थान पर भी आने का नाम ही नहीं ले रहा! क्या सच में हमारा “DNA” ही गड़बड़ है नीतीश जी? @narendramodi@NitishKumar
बिहार में विकास की सीटी बजे और हम विरोधियों की सीटी बजाएँ, इसके लिए हमने चुनाव आयोग से “सीटी (Whistle)” चुनाव चिह्न माँग कर लिया है। इस साल बिहार का बच्चा-बच्चा नये बिहार को चुनने की धुन पर सीटी बजाएगा। #Whistle#ChooseProgress
The Plurals Party को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया गया है। अब सीटी (Whistle) हमारे संकल्प, संघर्ष और परिवर्तन की पहचान होगी।
बिहार में महिलाओं का टोकन सशक्तिकरण हुआ है। जब तक संस्थागत तरीक़े से उनको ग्रामीण समाज में आर्थिक स्वतंत्रता नहीं मिलेगी, उनका टोकन राजनीतिक प्रतिनिधित्व अर्थहीन है। हमने पहले भी कहा था कि उनके लिए महीने में कम के कम ₹26000 आय सुनिश्चित करना होगा। #सबकाशासन
बड़ी संख्या में युवा मानते हैं कि बिहार की सरकारी नौकरियों में कम से कम 90% सीटें बिहारियों के लिए सुरक्षित की जाए। मुख्यमंत्री जी, डोमिसाइल नीति पर आपको शीघ्र निर्णय लेने की ज़रूरत है। @NitishKumar#बिहार_मांगे_डोमिसाइल
बिहार की सरकारी नौकरियों में डोमिसाइल नीति लागू करने के संबंध में अपना स्टैंड स्पष्ट करने के लिए विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल के प्रमुख को भी आज ही पत्र लिखा है।
द प्लुरल्स पार्टी (दप्पा) के महासचिव श्री अनुपम कुमार सुमन आजकल राज्य में पंचायत-प्रखंड तक पार्टी संगठन से संवाद कार्यक्रम कर रहे हैं। इस क्रम में आज उन्होंने जिले के मुंगेर सदर और खड़गपुर प्रखंडों में दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी संगठन विस्तार की समीक्षा की। आज की बैठक में उन्होंने आगामी चुनावों से पहले कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक पार्टी संगठन को पहुँचाने का लक्ष्य दिया जिसमें सभी जाति और धर्म के लोगों की पार्टी कैडर में भागीदारी हो। उन्होंने कहा कि 2020 में बिहार की राजनीति में बदलाव लाने की जो प्रक्रिया प्लुरल्स पार्टी ने शुरू की उसे बिहार में सरकार बनाकर ही हम पूरा करेंगे क्योंकि प्लुरल्स पार्टी ही बिहार का वास्तविक विकास करने में सक्षम है। श्री सुमन ने यह भी कहा कि यह दप्पा सुप्रीमो पुष्पम प्रिया चौधरी ही थीं जिन्होंने पूरे बिहार में घूम-घूम कर बंद पड़े उद्योगों को दिखाया, राज्य में कृषि की अथाह संभावना को बताया और साथ ही प्राचीन बिहार की गौरवशाली धरोहरों से भी युवाओं को अवगत कराया। उन्होंने दावा किया कि यह प्लुरल्स पार्टी ही है जिसने बिहार की राजनीति में विकास और जाति-धर्म मुक्त राजनीति को चुनावी मुद्दा बना दिया और और अब सभी दल यही बात कर रहे हैं। दप्पा महासचिव ने कार्यकर्ताओं को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए भी तैयार रहने को कहा और मुंगेर लोकसभा क्षेत्र में बूथ स्तर तक तैयारी करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कई नये ज़मीनी लोगों को पार्टी सदस्यता भी दिलायी।
प्रखंड स्तरीय बैठकों में श्री सुमन के साथ पार्टी के संयुक्त सचिव (संवाद) व प्रदेश प्रवक्ता कुमार कन्हैया, संयुक्त सचिव (विधि व प्रशासन) एडवोकेट प्रांजल सिंह, मुंगेर ज़िला अध्यक्ष डॉ विकास कुमार, सचिव मोहम्मद शाहबाज़ हुसैन, बेगुसराय ज़िला अध्यक्ष बिन्दु कुमारी, मुंगेर सदर प्रखंड अध्यक्ष अज़हरुद्दीन, खड़गपुर प्रखंड अध्यक्ष शानू, कुतलूपुर पंचायत अध्यक्ष फुलेंद्र पाठक तथा अनेक कार्यकर्ता, सदस्य आदि शामिल हुए।
भारत को सुपर पावर बनाने के लिए बिहार की आर्थिक आज़ादी ज़रूरी - पुष्पम प्रिया चौधरी
स्वतंत्रता-दिवस के अवसर पर बिहार की लोकप्रिय युवा नेता और प्लुरल्स सुप्रीमो सुश्री पुष्पम प्रिया चौधरी ने आज दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड में रामभद्रपुर पंचायत के श्रीदिलपुर क्रांति-स्तम्भ स्थल पर झंडोत्तोलन किया। ज्ञात हो कि यह क्रांति-स्तम्भ दरभंगा के बहादुरपुर, बहेड़ी और हायाघाट प्रखंडों के संगम पर अवस्थित है और आज़ादी के आंदोलन के दिनों में स्थानीय स्वतंत्रता-सेनानी यहीं पर बैठक किया करते थे। झंडोत्तोलन के बाद अपने संबोधन भाषण में पुष्पम प्रिया चौधरी ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाषचंद्र बोस, डॉ भीमराव अंबेडकर और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद जैसे आज़ादी के नेताओं के बारे बात करते हुए कहा कि वे न सिर्फ़ दूरदर्शी और ईमानदार थे बल्कि खूब पढ़े-लिखे थे। उन सब ने भी विदेश में ही ऊँची पढ़ाई की और फिर अपना सब कुछ देश के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि आज भारत को और विशेषकर बिहार को पढ़े-लिखे दूरदर्शी नेताओं की ज़रूरत है। तभी बिहार का आर्थिक विकास होगा और देश में हमें सम्मान की नज़र से देखा जाएगा। पुष्पम प्रिया ने मिथिला के भी सम्मान की बात कहते हुए इसकी विद्वान परंपरा का ज़िक्र किया और याज्ञवल्क्य, गौतम, मंडन, वाचस्पति जैसे विद्वानों की याद दिलाई। उन्होंने पूछा कि आज की शिक्षा व्यवस्था में वह विद्वता कहाँ है। उन्होंने आह्वान किया कि स्वतंत्रता दिवस को सिर्फ़ 24 घंटे के लिए न याद रखें बल्कि संकल्प लें देश के लिए जो गौरवशाली लक्ष्य रखते हुए हमारे आज़ादी के नेता शहीद हो गए, उन्हें हम आज की राजनीति को बदल कर पूरा करें। पुष्पम प्रिया चौधरी की उपस्थिति से स्थानीय जनता में ख़ासा उत्साह दिखा और इस अवसर पर लोगों ने उनके दिवंगत पिता विनोद कुमार चौधरी को भी याद किया जो इस क्रांति स्तंभ स्थल पर आया करते थे। कार्यक्रम के आयोजक डॉ चंदन ठाकुर ने धन्यवाद भाषण में संकल्प दिलाया कि हम शिक्षित राजनीति के माध्यम से मिथिला की राजनीति और विकास को बदलें। इससे पहले प्लुरल्स के महासचिव अनुपम सुमन ने युवाओं को प्रेरित करते हुए जीवन में असफलता व हार के डर से आज़ादी पाने की बात कही। झंडोत्तोलन कार्यक्रम में तीनों प्रखंडों की आम जनता के अतिरिक्त प्लुरल्स ज़िला अध्यक्ष विक्रम कुमार, उपाध्यक्ष रईस अहमर, संगठन मंत्री रतन चौधरी, कोषाध्यक्ष कृष्णानंद सहित ज़िला भर से प्लुरल्स के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अपर मुख्य सचिव के के पाठक साहब का फरमान था कि शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य में ना लगाया जाये अब वही साहब को आदेश निकालना पड़ा की शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति जनगणना में कीजिये अब सोंच लीजिये की शिक्षा, छात्र और विद्यालय जरूरी कितना था बस शिक्षकों को प्रताड़ित करना था ।