बिहार की पूरी स्वास्थ्य सेवा को सेना को सौंप देना चाहिए- पटना हाईकोर्ट
महामारी में भी नीतीश सरकार गंभीर और मानवीय नहीं है।
भौं-भौं और हुंआ-हुंआ कर जंगलराज जंगलराज चिल्लाने वाले कहाँ दुबके है?
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हेल्थ मिनिस्टर @drharshvardhan आप कुर्सी से उतर क्यों नहीं जाते? क्यों देश को चौपट करने पर तुले हो? निक्कमे, निठल्ले शर्म कर। इस्तीफा दें। #ResignHarshvardhan
उच्च न्यायालय ने भी नीतीश सरकार को TOTAL FAILURE बताया है। इस महामारी में बिहार सरकार कहीं नहीं दिख रही।आम आदमी इधर-उधर दौड़ कर मदद की गुहार लगा रहा है चाहे ऑक्सिजन हो दवाई हो, अस्पताल में भर्ती और यहाँ तक की दाह-संस्कार करना हो। इतनी निष्क्रिय सरकार इतिहास ने नहीं देखा होगा।
जिस तरह से वैक्सीन के सर्टिफिकेट पर मोदी का फोटो लगा हुआ है, उसी तरह से उन लोगों के डेथ सर्टिफिकेट पर भी मोदी का फोटो होना चाहिए जो कोविड की वजह से मर गए ! #COVIDEmergencyIndia
आदरणीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी , आपको सार्वजनिक तौर पर SUPER GUNDAI करने और 2002 के दंगो की तरह “विराट रूप” दिखाने की सलाह देने वाली की Y SECURITY कब हटा रहे हैं ? आप प्रधानमंत्री हैं , कृप्या पद का मान रखिए सर।
पैट कमिंग्स ने कोविड आपदा के लिए 50000 डॉलर पीएम केयर फण्ड में न देकर बल्कि यूनिसेफ ऑस्ट्रेलिया के माध्यम से भारत की मदद करने का ऐलान किया है.
कही कमिंग्स को भनक तो नहीं लग गयी कि इस पैसे से भारत में विधायक सांसद न खरीद लिए जाए
नीतीश कुमार जी आज फिर पटना के कुछ क्षेत्रों के निरीक्षण करने निकले है।यह शायद उनका दूसरा “निरीक्षण” होगा ।
पर यह समझना मुश्किल है की बिना किसी हॉस्पिटल या वैक्सीनेशन केन्द्र जाए हुए ,वे निरीक्षण किस चीज़ का करते है ।
#बिहार#Planned_Lockdown
फ्लॉप दंगाना का कहना है कि 2000's में मोदी जी सुपर गुंडा थे? मरीजों को ऑक्सीजन या बेड देने के बजाय नरसंहार के लिए आवाज़ लगा रही हैं? बेहूदा औरत है ये इसको कोई पागलखाने में भर्ती कराओ।
भारत के प्रधानमंत्री @narendramodi , @KanganaTeam आपको सलाह दे रही है कि आप “SUPAR GUNDAI” पर उतर जाओ,वो आपसे ये भी कह रही हैं कि “Early 2000“ जैसा “विराट रूप“ भी दिखाएं। ( Early 2000 तो आपको याद ही होगा , जब गुजरात में सैकड़ों मुसलमान मारे गए थे ) कत्लेआम की सलाह पर क्या कहेंगे?
कल्पना कीजिए कि अगर बंगाल में त्रिशंकु विधानसभा होती तो ये दोनों , कोरोना और लापरवाही की हज़ारों चिताओ को छोड़कर विधायकों की तोड़ फोड़ में जुट गए होते।
सोचकर सिहर उठता हूँ कि अगर एक-दो महीने यही हाल रहा तो पता नहीं हममें से कौन रहेगा कौन चला जाएगा ?
आसपास के न जाने कितने लोगों को हम सब खो चुके होंगे ..