जब मैंने सूरत के बाद इंदौर का नाम सुना तो जैसा लगा कि सब कुछ ख़त्म हो गया।अगर बासपा कंडिडेट नामांकन वापस ले लिया तो वहां लोग वोट नहीं कर पाएंगे।मतलब राजनीति अधिकार ख़त्म! तुम्हारा नागरिक अधिकार छीन लिया गया ।फिर भी तुम चुप?ऐसा मुर्दा समाज में लोकतंत्र का दाह- संस्कार होना बाकी है
अगर आपके सरनेम जनरल कैटेगरी वाला हैं.. चाहे आप वामपंथी , समाजवादी, दक्षिणपंथी या लिबरल... इत्यादि कुछ भी हो..! एक विशेष बौद्धिक वर्ग आपको जातिवादी होने का सर्टिफिकेट दे सकते हैं क्योंकि उनकों लगता हैं समाज का Discourse सिर्फ वे ही तय करते हैं।
कार्रवाई नहीं हुई। आदरणीय मानवीय उत्पीड़न की घृणित रूप हैं.. अतः आपसे पुनः निवेदन है मानवीय मूल्यों को बचाने के लिए संज्ञान ले। 🙏2/2
@MadhubaniDm@yadavtejashwi@NitishKumar
आदरणीय आपसे विनम्र निवेदन हैं कि मेरी माँ जो गाँव- उत्तरी ब्रह्मपुर, थाना - फुलपरास, जिला- मधुबनी की निवासी हैं, विधवा महिला होने के कारण उन्हें डाईन कहकर मारा पीटा गया। सर में गभीर चोट हैं। फुलपरास थाना में आवेदन देने और मेडिकल रिपोर्ट सौपने के बाबजूद कोई 1/2
@MadhubaniDm
जिस तरह से पटना में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहें छात्र और छात्राओं पर लाठीचार्ज किया हैं.. ये दर्शाता हैं.. कि हुकूमत उस लोकतंत्र के छत को ध्वस्त करना चाहता हैं जो आंदोलन, धरना - प्रदर्शन और सत्याग्रही के मज़बूत इरादों पर टिकी हैं..!
#BPSC67th#BPSC#BPSC67thPrelims