In Kota, we exposed the extortion machine feeding on students’ dreams.
In Dehradun, we exposed the rigged system behind paper leaks that destroy countless lives.
In Prayagraj, we will expose the reality of the job crisis.
The students of our country have stood up against this oppressive regime, they will no longer accept empty promises and hate-filled propaganda.
We will ensure their voice is heard across the country.
Join us in Prayagraj on 8th August, 5pm for #ChhatronKiGoonj
https://t.co/g6mbw7X5XC
“जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।”
कोटा के बाद, देहरादून के बाद अब ‘छात्रों की गूंज’ प्रयागराज पहुंच रही है।
यह वो शहर है जहां लाखों नौजवान सालों से तैयारी कर रहे हैं - फ़ॉर्म भरते हैं, फीस देते हैं, और इंतज़ार करते रहते हैं।
पेपर लीक ने उनका आज छीना। रुकी हुई भर्तियों ने उनका कल। और अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए - सिर्फ़ इसलिए कि उन्होंने अपने हक़ की बात की।
हम उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे और उन्हें इंसाफ़ दिलाकर रहेंगे। अब बहाने नहीं चलेंगे - जवाबदेही लीजिए, या कुर्सी छोड़िए।
8 अगस्त - प्रयागराज में मिलते हैं।
#ChhatronKiGoonj
நாடளுமன்ற தொகுதிகளை திருத்தி அமைக்க பாஜக கொண்டு வர திட்டமிட்டு இருக்கும் சட்டத்தை ஆதரிக்கும் எவரும் தமிழ்நாட்டுக்கு மிகப்பெரிய துரோகத்தை செய்கிறார்கள். அவர்களை 21 ஆம் நூற்றாண்டு எட்டப்பர்கள் என்றே வரலாறு பதிவு செய்யும்
Any political party or person who is supporting the BJP in its quest to pass the delimitation bill is betraying the people of Tamil Nadu and history will remember them as the 21st century Ettappan.
अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता के आंसू, उनका बिलखना - इससे बड़ा कोई दुःख नहीं होता।
ये एक ग़म उनके साथ हमेशा जिंदा रहेगा - और साथ ही रह जाते हैं इस टूटी और भ्रष्ट education system के बारे में कई सवाल।
पेपर लीक | रद्द परीक्षाएं | सालों की तैयारी एक पल में बर्बाद - हमारे छात्रों को उस सिस्टम में ईमानदारी से मेहनत करने के लिए कहा जाता है जो खुद बेईमान है।
और उसके बाद भी प्रधानमंत्री की ये हिम्मत है कि वो छात्रों को "माफ़" करने की बात करते हैं।
क्या वो एक भी शोकाकुल परिवार से मिले जिन्होंने अपने बच्चे को खोया है या उन लोगों से जिनकी जमा पूंजी, ज़िंदगी, वक्त और सपने सब पेपर लीक से छीन लिए गए? जवाब है नहीं!
भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की ज़रूरत नहीं - मोदी जी को उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए।
Nothing is more painful than seeing a parent grieve their child.
Behind every young life lost is a family carrying pain that will never leave them - and serious questions about a broken education system.
Leaked papers. Cancelled exams. Years of preparation destroyed overnight. Our students are told to work honestly in a system that is not honest with them.
And the Prime Minister has the audacity to speak of “forgiving” students.
He has not met a single grieving parent. He has not sat with a single student whose future was stolen by a leaked paper.
India’s students do not need his forgiveness. They are owed his apology.
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए दुस्साहसी आतंकी हमले में देश के दो श्रमिकों की हत्या अत्यंत दुखद है। शोकाकुल परिवारों को अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।
आतंकियों के ऊपर इस कायराना हमले के लिए सख्त कार्रवाई हो और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले। आतंकवाद के खिलाफ देश हमेशा एकजुट है।
PM Modi and Amit Shah - you cannot threaten Gen Z into silence.
First you broke their bones. Now you are filing FIRs and taking down their accounts.
You are India’s past. Be careful about how you treat India’s future.
छात्रों पर बर्बरता के ज़िम्मेदार अमित शाह हैं!
या तो उन्होंने इस हमले का आदेश दिया - ऐसे में वो सीधे गुनहगार हैं।
या फिर उन्हें हमले की कोई जानकारी नहीं थी - ऐसे में वो नाकाबिल गृह मंत्री हैं।
आज संसद में मेरे भाषण के दौरान मैंने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके ज़िम्मेदार का नाम लिया - गृह मंत्री अमित शाह।
मुझे BJP ने बोलने नहीं दिया।
आज शाम 6 बजे - प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा और वो सब कहूंगा जो सदन में कहने नहीं दिया गया।
माइक बंद कर सकते हैं - छात्रों की गूंज नहीं।
There can be no filthier type of man than one who defends rapists.
Pralhad Joshi is an insult to our education system and an insult to every student in it. Crores of young women study in the institutions he now oversees.
India’s women will never accept PM Modi’s new Education Minister.
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
सत्य और सत्याग्रह - दोनों से डरती है मोदी सरकार।
मध्य प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर इसलिए बैठे थे क्योंकि केन-बेतवा परियोजना में उनकी ज़मीन छीन ली गई, लेकिन उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवज़ा मिला और न सम्मानजनक पुनर्वास।
"सत्य" यह है कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं - जल, जंगल और ज़मीन पर सबसे पहला हक़ उन्हीं का है।
और उनका "सत्याग्रह" इसलिए है क्योंकि वही हक़ आज उनसे छीना जा रहा है।
अपने अनोखे तरीके से उनकी मांग बस इतनी है कि गुज़र-बसर करने के लिए उचित सहारा तो दो - वरना जिंदगी तो चिता के ही समान है।
मगर यह भी भाजपा सरकार को मंज़ूर नहीं। उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल से उनका शांतिपूर्ण विरोध भी कुचला जा रहा है।
हम अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ हैं। उन्हें न्याय दिला कर रहेंगे - मुआवज़ा और पुनर्वास तो देना ही पड़ेगा।
Credits for video: Shiksha Pareek and Lok Singh
@faeloreeah @lok_singh_
छात्रों के ख़िलाफ़ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है।
खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियाँ चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार करके उनपर FIR की जा रही है।
मोदी जी, कहाँ गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है।
दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK-47। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली - हर जगह पैटर्न एक ही है।
पहले भी कहा है, ये सरकार झूठी है। सुधार इनके बस का नहीं है। अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज़ दबाएगी।
मोदी जी, देश के छात्रों से माफ़ी मांगिए। और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उनपर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं।