Absolutely GOATed lines
https://t.co/Vi89rdpJha Indian army ke slogans lgao , RAF and DP ko attack karo .
Paid pille to bolne aa hi jayenge Resign nahi diya isliye ho raha ye 🤡🤡
Nothing will happen. Remain calm & carry on. The state will take care. The escalation curve in India is generally very flat, the tolerance for anarchy very high, until the curve hits "subversion" on the x-axis. It then takes a 90 degree turn to "FAFO" on the y-axis.
Arnab makes a terrific point - that he is following social media marketing companies and there’s a money trail.
Influencers with <100k followers are being paid 40-50k per reel and 30k per story. Their books should be examined. Should be brought under PMLA.
In a country with Bhim, MIM, Khangressi, Liberandu, Commie clown nuisance creating unrest.
There has to be Soft Dictatorship to keep them under check.
We just can afford to go so soft on them.
Do you agree??
🚨77 दिन का मौन चीत्कार और भीड़तंत्र का बहरापन!
रवींद्र जठेड़ी जी पिछले 77 दिनों से भेदभावपूर्ण SC/ST एक्ट और आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ आमरण अनशन पर हैं।
उनकी हालत दिन प्रतिदिन नाजुक होती जा रही है। लेकिन सबसे बड़ा और कड़वा सच यह है कि वह आज भी उतने ही अकेले हैं, जितने पहले दिन थे।
रवींद्र जी, आपको एक बहुत ही कठोर वास्तविकता समझनी होगी।
आप CJP के कोई 'दिपके' नहीं हैं। आपके पीछे कोई विदेशी फंडिंग, पीआर एजेंसी या मोमबत्ती लेकर घूमने वाला इकोसिस्टम नहीं है जो आपके लिए रातों रात नेशनल मीडिया को इकट्ठा कर ले।
और जिन कथित सवर्ण (GC) राजनीतिक संगठनों से आप उम्मीद लगाए बैठे हैं, वह भी कभी आपके समर्थन में नहीं आएंगे।
मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों की तरह ही, इन संगठनों को भी इस मुद्दे से सिर्फ अपना राजनीतिक स्वार्थ साधना है।
वह चाहते हैं कि यह मुद्दा सुलगता रहे ताकि उनकी दुकान चलती रहे।
जब कोई व्यक्ति सच में इस लड़ाई के लिए अपने प्राण दांव पर लगाता है, तो ये संगठन सबसे पहले गायब हो जाते हैं।
यह देश केवल भीड़तंत्र और शक्ति प्रदर्शन की भाषा समझता है।
जहां पीछे उग्र भीड़ नहीं होती, वहां सत्ता के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।
आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि कृपया अपना यह अनशन तुरंत समाप्त करें।
यह संवेदनहीन सिस्टम आपके इस बलिदान के लायक बिल्कुल नहीं है।
कृपया अपनी सेहत पर ध्यान दें, आपके प्राण आपके परिवार के लिए बहुत कीमती हैं। 🙏🚩
#RavindraJatheri #SystemFailure #RealityCheck #ReservationSystem
Instagram has launched full algorithm supported propaganda for CJP Protests.
To make India into Nepal, Bangladesh plan activated.
Needs to be seriously countered.
Don't fall for any left propaganda
Common public are not part of this protest
Following groups are there in disguise of common public
▪️Samajwadi Party goons
▪️Left Student unions of JNU, DU, Jamia
▪️AAP volunteers
▪️Azad Samaj Party volunteers
▪️Communist Party members
This is not public protest, this is completely political protest
Kejriwal’s children aren’t here.
Sisodia’s children aren’t here.
Sonam Wangchuk’s children aren’t here.
Dimple Kapadias children aren’t here.
Rajdeep Sardesais children aren’t here.
Rahul Gandhis children aren’t here.
आदिनाथ मंदिर, जिसे आज 'आदिना मस्जिद' कहा जाता है, वहाँ आज भी देवी-देवताओं की मूर्तियाँ एवं मंदिर स्थापत्य के अवशेष स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं, तो क्या बहुसंख्यक समाज को अपनी आस्था, अस्मिता और सम्मान के साथ जीने का अधिकार नहीं है?
KERALA FILM DIRECTOR ALI AKBAR OFFICIALLY CONVERTS TO HINDUISM
Akbar had decided to change his religion after seeing its adherents leave “laugh reacts on posts of death of Gen Bipin Rawat.
He has also changed his name from
Ali Akbar to Ramasimhan
Today the Indore High Court has delivered a historic verdict, the Court has granted the Hindu side the right to worship and has recognised the Bhojshala complex as belonging to Raja Bhoj.
Dharm ki jay ho, Adharm ka Naash ho🚩
Jai Maa Vaag Devi🙏🏻
उदयनिधि स्टालिन और अन्य लोगों द्वारा सनातन धर्म को मिटाने की बात पर तमिलनाडु के हिंदू आक्रोशित क्यों नहीं होते?
इसका जवाब arattai के संस्थापक श्रीधर वेंबू ने अपने एक ट्वीट से दिया है जिसका हिंदी अनुवाद निम्न है।
उदयनिधि स्टालिन जब बार-बार तमिल में “सनातनम” पर हमला करते हैं, तो अत्यधिक धार्मिक तमिल हिंदू समाज में उतना बड़ा आक्रोश क्यों नहीं दिखता?
मुझे लगता है कि इसका एक बड़ा कारण भाषा है।
तमिल भाषा में “सनातनम” (जिसका अंग्रेज़ी में अर्थ “eternal” यानी शाश्वत होता है) शब्द आम बोलचाल में इस्तेमाल नहीं होता।
अधिकांश तमिल लोग इस शब्द को नहीं जानते, और बचपन में मैं भी इस शब्द से परिचित नहीं था।
इसके विपरीत, “धर्म” शब्द (तमिल में “धर्मम” या “धरुमम”) तमिल में काफी प्रचलित है। तमिलनाडु में “धर्मपुरी” नाम का एक जिला भी है। इसके अलावा “अरम” शब्द भी तमिल में धर्म के समान अर्थ में इस्तेमाल होता है।
दिलचस्प बात यह है कि हिंदी में “धरम” शब्द सामान्य रूप से “religion” यानी धर्म के लिए प्रयोग होता है। हिंदू धर्म को “हिंदू धरम” या “सनातन धरम” कहा जाता है, जबकि ईसाई धर्म को “इसाई धरम” कहा जाता है।
लेकिन तमिल उपयोग में “धर्मम” का अर्थ प्रभावी रूप से वही है जो हिंदी में “हिंदू धर्म” का होता है।
अब यदि तमिल में “धर्मम” पर हमला करते, तो उन्हें व्यापक आलोचना झेलनी पड़ती, क्योंकि वह सीधे “अधर्म” का समर्थन करने जैसा माना जाता।
इसीलिए वे “सनातनम” शब्द को निशाना बनाते हैं, क्योंकि यह शब्द तमिल में व्यापक रूप से जाना-पहचाना नहीं है।
हालाँकि, अपने इस “ईमानदार” प्रयास में वे इस शब्द को तमिल समाज में लोकप्रिय भी बना रहे हैं, और उन्होंने पहले से मौजूद विशाल anti-DMK वोट बैंक को और बड़ा कर दिया है।
डीएमके कभी भी अपने दम पर पूर्ण बहुमत नहीं जीत पाई, क्योंकि तमिलनाडु में हमेशा एक मजबूत anti-DMK धारा रही है। यह धारा उनकी हिंदू देवी-देवताओं पर लगातार की गई टिप्पणियों से बनी।
TVK ने ऐसा नहीं किया, इसलिए उन्होंने इस anti-DMK भावना का अच्छा लाभ उठाया।
अब, जबकि नई anti-DMK पार्टी बनकर उभरी, और anti-DMK वोट बाँट दिए, फिर भी — भारी धनबल, मजबूत गठबंधन, और TVK के बिना गठबंधन के चुनाव लड़ने के बावजूद — DMK चुनाव हार गई।
शायद यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि DMK फिर कभी सत्ता में वापस न आए।
ईश्वर करे शाश्वत सनातन धर्म उनकी यह इच्छा पूरी करे 🙏😉