हयग्रीव हयग्रीव हयग्रीवेतियोवदेत् तस्य निस्सरते वाणी जह्रुकन्या प्रवाहवत्।
One who takes the name of #Hayagriva daily their speech becomes pure and flows with beauty like the river Ganga!
#सुप्रभातम्#aarylive
भावार्थ: कमल जल में खिलता है और चन्द्रमा आकाश में। लेकिन चन्द्रमा का प्रतिबिम्ब जब जल में चमकता है तो लगता है जैसे चन्द्रमा खुद कमल के पास आ गया।
वैसे ही जब कोई इंसान ईश्वर से प्रेम करता है वो ईश्वर स्वयं चलकर उसके पास आते हैं।
मनुष्य के जीवन में प्रत्येक वस्तु का अपना महत्व होता है व्यक्ति उन सभी वस्तुओं को जीवन में इतना अधिक महत्व देता है की ईश्वर को भी भूल जाता है।
जब की ईश्वर के बिना किसी भी वस्तु का कोई महत्व नहीं कोई अर्थ ही नहीं।
#सुप्रभातम्#krushnlive
जो शासन करते हैं, उन्हें यह अवश्य देखना चाहिए कि शासन के प्रति जनता की प्रतिक्रिया कैसी है। अंततः, जनता ही अंतिम निर्णायक है।
~ लाल बहादुर शास्त्री
#krushnlive
सद्गुणों की शुरुआत,
स्वयं से ही करनी होती हैं,
क्योंकि....
जब तक आपकी ऊँगली, पर कुमकुम ना लगे...
तब तक सामने वाले के, ललाट पर तिलक कैसे लगे।।
#krushnlive
‘जैसा अन्न वैसा मन’। खाया हुआ आहार ३ भागों में विभक्त होता है। स्थूल भाग मल मूत्रादि के रुपमें शरीर से निकल जाता है। मध्य भाग रस रक्त आदि सात धातुओं में परिणत होता है। सू़क्ष्म भाग से मन बनता है, जो कि मनुष्य के बंधन-मुक्ति का कारण है। आहार शुद्ध हो।
- सप्रेम हरिस्मरण