🚨 गाजियाबाद GRP पुलिस के थाने में 15 वर्षीय नाबालिग की बेरहमी की गई पिटाई!
गाजियाबाद GRP थाने के अंदर एक सिपाही द्वारा 15 वर्षीय नाबालिग लड़के को लकड़ी के फट्टे से बेरहमी से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
बालकिशोर न्यायालय एवं आयोग को ऐसे पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जो नाबालिगों पर इस तरह अत्याचार करतें है।
ये आंध्र प्रदेश की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री है
लोकल बॉडी चुनाव में उम्मीदवार का पर्चा भरने के लिए जा रही थी
बाकी आंध्र प्रदेश पुलिस का व्यवहार देख लीजिए
पूर्व मंत्री महोदया को सीधा जमीन पर पटक दिया
लोकचंद्र में आलूचना अनिवार्य है 🥱
आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत देश में बनी स्मार्ट एम्बुलेंस पर अपने बूढ़े पति को खींच कर ले जाती एक बुजुर्ग महिला,
कुछ राष्ट्रवादी कहेंगे कि बुढ़िया अपने नए इंस्टाग्राम के लिए कंटेंट बना रही है
📍राजकोट, गुजरात
यह कोई इकलौता मामला नहीं है,
ऐसे हजारों मामले सामने आते हैं, जहाँ किसी जागरूक युवा या नागरिक द्वारा सरपंच जी, प्रधान जी, विधायक जी या सांसद जी से विकास कार्यों का हिसाब माँगने पर जवाब में सवालों का नहीं, बल्कि लात-घूँसों का सामना करना पड़ता है।
आरोप है कि जनता के करोड़ों रुपये के विकास बजट में भ्रष्टाचार करने वाले कुछ जनप्रतिनिधि जब हिसाब माँगने पर सवालों के घेरे में आते हैं, तो अपनी ताकत और रसूख का इस्तेमाल कर सवाल उठाने वालों की आवाज दबाने की कोशिश करते हैं।
कई मामलों में ऐसे लोगों पर मारपीट करने, सिर फोड़ने, हाथ-पैर तोड़ने और यहाँ तक कि हत्या जैसे संगीन अपराधों में शामिल होने के आरोप भी लगते रहे हैं।
आखिर लोकतंत्र में जनता द्वारा अपने ही पैसों का हिसाब माँगना इतना बड़ा अपराध कब से हो गया कि इसकी कीमत किसी को अपनी जान जोखिम में डालकर चुकानी पड़े?
वोट मांगने आए थे, बेइज्जत होकर निकले हैं
चुनाव होता तो इसलिए ही है कि जनता नेताओं से अपना हिसाब निबटा सके। पुराना-नया, सब तरह का। वीडियो झालावाड़ से लगते कोटा के इलाके का बताया जा रहा है। महिला मतदाता ने घूंघट में रहकर मर्यादाओं का पूर्ण पालन करते हुए ही वो सब कुछ नेताओं को सुना दिया जो उन्हें सुनना पसंद नहीं है। हालांकि कुछ पुरुष प्रधान शब्दों का गैर जरूरी उपयोग कर दिया गया है, जिनके बिना भी अपनी बात को रखा जा सकता था लेकिन गुस्से में यह सब हो जाता है। हमारी ओर से एडवाइजरी जारी की जाती है कि आप इस वीडियो को ईयर फोन लगाकर ही सुनें। अचानक से वॉल्यूम कम करना चाहेंगे तो हो सकता है टाइम पर नहीं हो पाए।
आपको लग रहा होगा कि वीडियो ड्रोन से शूट किया गया है जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। किसी ने छत पर खड़े होकर वीडियो बनाया है जिससे दृश्य पूरा फिल्मी दिखाई दे रहा है। लेकिन यह किसी फिल्म का हिस्सा नहीं है। यह एकदम रीयल लाइफ ग्रामीण पॉलिटिक्स का जीवंत दृश्य है।
नेताओं के लिए सबक एक ही है कि उस जगह जाकर वोट बिल्कुल भी नहीं मांगें, जहां के लोगों के साथ आपने भेदभाव किया है या कोई गलत काम किया है। कब किस में भाव आ जाए और कब कौन वीडियो बनाकर हम तक भेज दे, कोई नहीं जानता।
पत्रकार होकर भी एमएलसी चुनाव कब हुआ, कैसे हुआ, कौन जीता? ख़बर नहीं मिल पाती थी। लेकिन आपके होने से यह चुनाव दिलचस्प हो गया है.. सुनिए, City Post के पत्रकार श्रीकांत प्रत्युष के सवाल पर पीके का जवाब।
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एक ओर पूरा देश माँ दुर्गा की आराधना में लीन है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के अहंकारी नेता गरबा पंडालों में भी बालिकाओं के अपमान से बाज नहीं आ रहे हैं!
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सरकारी तंत्र कैसे झूठ बोलता है और आंखों में धूल झोंकता है, इसे ऐसे समझिए। कानपुर में #PWD ने DM को बताया था कि कई सड़कें एकदम ठीक कर दी गई हैं। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। 14 अक्टूबर को DM ने निरीक्षण किया, तो सामने आया कि दुरुस्त सड़क की हालत बेहद खराब है। #Kanpur#Roads@NBTLucknow
मस्ती में चूर ये लौंडा बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी का भतीजा देबदीप अधिकारी है
कल शाम चोर बागान के जिस दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 20 लोगों की मौत हुई, उसी आयोजन का यह छोरा संरक्षक है।
अमित शाह इसे अरेस्ट नहीं करवाएगा, क्योंकि पूरी की पूरी सत्ता ही लाशों के ढेर पर टिकी है।