@Baliyan_x यूपी में भाजपा की नहीं अधिकारियों की सरकार है। इस समय यूपी में भ्रष्टाचार और अफसरशाही जबरदस्त है। कार्यकताओं की उपेक्षा हद के पार जा चुकी हैं। कार्यकर्ता कोई रोबोट थोड़े ही हैं कि हमेशा आदेश पर काम करेगा। कार्यकर्ताओं के साथ इस सरकार में अत्याचार हो रहा है बस।
किसी दुर्घटना-आपदा में केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ @RSSorg के कार्यकर्ता ही मदद के लिए आगे आते हैं कोई मुस्लिम संगठन,या ईसाई मिशनरी के लोग क्यों नहीं आते ?मरने वालो में सभी धर्मों के लोग हैं.पत्रकार के रूप में जहाँ दुर्घटना कवर करने गया,हर जगह मुझे संघ कार्यकर्ता सेवा करते मिले
दुरभिसंधियों का देवता : नरेंद्र मोदी
वह उस परिवार मे जन्मा था। जिसकी कोई राजनैतिक व आर्थिक पृष्ठभूमि नहीं थी। उसके राजनैतिक यात्रा के लिए यह ईश्वरीय दुरभिसंधि थी। फिर भी बकौल राजदीप सरदेसाई 1995 में गुजरात विजय के बाद पार्टी कार्यालय मे मीटिंग चल रही थी। और वह शख्स बाहर बैठा था। पूछने पर बताया कि अंदर बड़े लोगों ( शंकर भाई वाघेला और केशुभाई पटेल इत्यादि) की मीटिंग चल रही है। वह मामूली कार्यकर्ता है। इसलिए बाहर है।
उस शख्स को गुजरात से भगाने के सफल षड्यन्त्र हुए। मगर पाँच साल बाद वो फिर से गुजरात में हाजिर था। इसबार मुख्यमंत्री बनने का परवाना लेकर।
केशुभाई पटेल , शंकर भाई वाघेला , संजय जोशी ,इत्यादि उसके खिलाफ षड्यंत्रों मे शामिल होते , लड़ते भीड़ते नेपथ्य में चले गए। फिर कभी मुख्यधारा मे नहीं लौटे। (१)
@shadab_chouhan1@narendramodi@RahulGandhi वह सांसद होते हुए केवल मुसलमान का आवाज उठाता था वह केवल मुसलमान का नेता था तो क्यों दूसरा कोई उसके मृत्यु पर संवेदना प्रकट करें। मुसलमान का केवल नेता था तो केवल मुसलमान संवेदना प्रकट करें या छाती पीटे।