@PoojaHindu50 1966 में भारतीय वायुसेना ने मिजोरम (तत्कालीन लुशाई हिल्स) में बमबारी की थी क्योंकि Mizo National Front (MNF) के बागी आइज़ॉल पर कब्जा कर चुके थे और भारत से अलगताव का रास्ता अपनी रहे थे।बागियों को भगाने और भारत के आधिपत्य को फिर से जमाने के लिए यह बमबारी जरूरी हो गया था
@premkumarcbn01 भारत दुनिया का अकेला देश है जहाँ पेट्रोलियम वाहनों उम्र नियत है,जिसके पीछे कार कंपनियां है,क्योंकि कार स्क्रैप होने से उनको लाभ है,इसी प्रकार एथेनॉल को ईंधन के रूप में प्रयोग करने पर उपभोक्ता को कोई लाभ नहीं होगा क्योंकि पेट्रोल की तुलना में कीमत बहुत कम नहीं होगी,माइलेज घट जाएगा
@Ramesh18498367 रवि किशन का बयान समोसे की कीमत के बारे में संसद में दिया था (जुलाई 2025), लेकिन चॉकलेट और दूध/दही की तुलना अमेरिका और भारत के बीच नहीं किया था।ढाबों से लेकर 5-सितारा होटलों तक में खाने-पीने की चीजों की कीमत और मात्रा को नियंत्रित करने का अनुरोध किया था।
@REAL___HINDUVT चीन ने ब्रह्मोस मिसाइल की तैनाती पर भी तीखी आपत्ति जताई थीl पूर्व की सभी सरकारों की भांति वर्तमान सरकार ने भी चीन की आपत्ति खारिज की, कहा निर्णय चीन से प्रभावित नहीं होगा
@RajatSharmaLive रूस से सस्ता तेल भारतीयों के लिए नहीं अमेरिकी अनुमति से यूरोप के निर्यात के लिए खरीदा,जिसमें हमारे एक सेठ ने 4.50 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया और हमारे पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलवा दिया l
@_KajalKushwaha तो क्या अब वाले विश्वगुरु भी बिना चुनाव के 10 साल रहने की योजना बना रहे हैं? यदि सब कांग्रेस जैसा ही करना है तो फिर कांग्रेस को ही सत्ता में ले आओ, नकली कांग्रेस को सत्ता में रखने से क्या लाभ है?
@news24tvchannel@MEAIndia 11 जून 2026 (विरोध के बाद फिर हमला): भारत द्वारा आधिकारिक विरोध दर्ज कराए जाने के कुछ ही घंटों बाद, अमेरिकी सेना ने खाड़ी में एक और कदम उठाया। उन्होंने ओमान के तट के पास 20 भारतीय चालक दल वाले गिनी-बिसाऊ ध्वज वाले ऑयल टैंकर 'एमटी जलवीर' (MT Jalveer) को निशाना बनया।
@WasimAkramTyagi भारत में किसी भी प्रधानमंत्री ने पद पर रहते हुए छुट्टी नहीं ली है, क्योंकि भारत के प्रधानमंत्री के लिए छुट्टी का कोई आधिकारिक नियम नहीं है और उन्हें "हर समय ड्यूटी पर" माना जाता है। लेकिन पाखंडवाद के चलते प्रचार पहली बार हो रहा है।
@hindipatrakar पिछले दिनों एक SDM से अनौपचारिक वार्ता में बताया कि सरकार क्या है समझ लीजिये माननीय जी के कुछ बड़का साहेब लोग हैं,सरकार उन्हीं के इशारे पर काम करती है,कई बार तो मंत्री/विधायक 2-3 घंटे भी इन बड़का साहेब लोग से मिलने का इंतजार करते हैं।सरकार में नौकरशाबों की बड़ी औकात है।