किस बात के अच्छे दिन जब,
1- शेयर मार्केट पाताल लोक में चला गया
2- एशियन गेम्स में 10 वें नंबर पर हैं हम
3- मंहगाई चरम पर है
4-भ्रष्टाचार अपने उच्च स्तर पर है
5- सड़के चांद के सतह जैसी हो गई हैं
6- विधायकों की गुंडा��र्दी आसमान छू रही है
7- पेट्रोल डीजल मंहगा हुआ पड़ा है
8- रुपया धरातल में चला गया है
9- अमेरिका हमको पेले पड़ा है
10- चीन हमसे 100 साल आगे चल रहा है
11- 5 किलो राशन के बदले 900 की गैस मिल रही है
12- व्यापारी लोग माल स्टोर करके मंहगी होने पर जनता को बेचते हों
13- गांवों में अस्पताल नहीं है
14- गाँव में स्कूल नहीं है
15- प्राइवेट स्कूल खून पी रहे हैं
16- प्राइवेट अस्पताल में 400 की दवा 4000 में मिल रही है
17- सरकारी एम्बुलेंस दलाली में मिलती है।
2014 में जिस उम्मीद से लोगों ने चुनाव किया था, उसमें पूरी तरह से फेल हुए हैं।
•पार्टियां मैनीफेस्टो वाला वादा न पूरा करें तो?
•नेता और अधिकारी काम न करें तो?
•पुलिस FIR न लिखे तो?
•सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर इलाज न करे तो?
•सरकारी स्कूलों में अध्यापक पढ़ाएं न तो?
उनसे कैसे भुगतान लिया जाये?
मेरी सुप्रीम कोर्ट से एक और उम्मीद है जिस तरह जनता से हर गलती का हिसाब लिया जा रहा है, उसी तरह जनता के नुकसान का हिसाब भी तय हो।
सड़क में गड्ढा मिले, खराब सड़क की वजह से accident हो, घंटों traffic में फँसकर fuel जले, घटिया construction कुछ महीनों में टूट जाए तो इसका जिम्मेदार कौन? उसकी भी वसूली क्या ठेकेदार और Company के बिजली बिल या Payment से काटेंगे?
माननीय Court से एक और अनुरोध है इतने सारे लंबित Case है कई लोग न्याय के ��ंतजार में है उसका भी कोई सुझाव का इंतजार रहेगा सालों से न्याय के लिए दबी file और Case का क्या होगा ?
चीनी महंगी है तो कम खाओ, पेट्रोल महंगा है तो पैदल चलो, गैस महंगी है तो कच्चा खाओ- बस सरकार से सवाल मत पूछो!
चीनी महंगी करके स्वास्थ्य सुधारेंगे, पेट्रोल महं���ा करके प्रदूषण घटाएँगे- कल बेरोजगारी बढ़ाकर कहेंगे, अब आराम ज्यादा मिलता है! @RubikaLiyaquat
सरकार की जवाबदेही तय करनी थी, तुमने जनता की खुराक तय करने में लगी हो। एंकर हैं या डाइटिशियन?
हम तो चीनी छोड़ दे मगर आप सत्ता कि चाशनी कब छोडेंगी मोहतरमा????
75$ प्रति बैरल कच्चा तेल मिल रहा है,
लेकिन जनता को तेल 110 रुपए लीटर मिल रहा है वो भी इथेनॉल ब्लेंडिंग के साथ।
सोचो पहले 110 $ प्रति बैरल में 70 रुपए लीटर तेल मिलता था वो बिना मिलावट के।
सोचो किस लेवल की लूट मची है।
तेल कंपनियों को र��जा बनाया जा रहा है।
जय हो सरकार.....
अभिनय सर ने अंजना ओम कश्यप को खूब तगड़े से सुना दिया है।
दरअसल,
न्यूज एंकर अंजना ओम कश्यप ने ऑनलाइन पढ़ाने वाले टीचर्स को दो कौड़ी का बताया साथ ही इन टीचर्स को यूट्यूबर कहा।
अब अभिनय सर ने अंजना ओम कश्यप को जमकर घेरा है।
अभिनय सर ने अंजना के लिए कहा कि हम एक हफ्ते में करीब 5 से 10 लाख बच्चों के जवाब देते हैं और तुमने हमें दो कौड़ी का बता दिया।
साथ ही अभिनय सर ने कहा कि,
"जो तुम वर्षों से प्राइम टाइम के नाम पर नफरत फैला रही हो उसका क्या? कभी पूछा तुमने बेरोजगारी पर सवाल?"
नमस्ते मैं खुरपेंच staff,
शर्मिंदगी की बात है कि देश की मीडिया ने TRP और मुठ्ठी भर पैसे के आगे घुटने टेक दिए , उसका विवेक खत्म हो चुका है।
खुरपेंच @khurpenchh और हमारी खुरपेंची टीम MPLADS पोर्टल में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं।
लेकिन देश की मीडिया सिर्फ TRP बढ़ाने वाली खबरों पर ध्यान देती है , भ्रष्टाचार और ज��ता के मुद्दों से उसका कोई वास्ता नहीं है ।
हमारी खुरपेंची टीम ने भ्रष्ट व्यवस्था और रिश्वतखोरों
नेताओ, अधिकारयों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है।
देशवासियों से अपील है , हमारा खुलकर साथ दें ।
🙏🇮🇳