🚨 25 MAY | 11:00 AM 🚨
अब आवाज़ दबेगी नहीं! ✊
मेहनत हमारी, न्याय भी हमारा!
युवाओं की आवाज़ बुलंद करें।
#LekhpalExamInvestigation#JusticeForStudents
एक ट्वीट नहीं, लाखों युवाओं की पुकार है! 🔥
जनसंख्या में उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है जब उससे कम आबादी वाले राज्य अपने राज्य के छात्रों के लिए सीट रिजर्व कर सकते हैं तो फिर उत्तर प्रदेश क्यों नहीं?
We want Domicile 🙏
@myogiadityanath@UPGovt@CMOfficeUP
@myogiadityanath@Uppolice@prayagraj_pol@ADGZonPrayagraj
मान्यवर , किसान राजित राम सिंह जो कि ग्राम सभा पंचवह खजूरी के रहने वालें हैं। कल इनके पास कोरांव थाना में तैनात 'उपनिरीक्षक अजय कुमार ' ने किसी व्यक्ति के कहने पर राजित राम सिंह को फोन करके थाने पर बुलाया और आज वो जब 1/2
वो थाने पर गए तो उनको गाली देके ,मारने की धमकी देके , अंदर डाल देने की धमकी के नाम पर उनसे जबरन हलफनामे पर हस्ताक्षर करवा रहे हैं। जो एकदम निराधार है,और उनको बैठा के थाने पर रखे हुए हैं।
मान्यवर आपसे अनुरोध है कि इस पर तुरंत संज्ञान ले। @myogioffice
@myogiadityanath@Uppolice@prayagraj_pol@ADGZonPrayagraj
मान्यवर , किसान राजित राम सिंह जो कि ग्राम सभा पंचवह खजूरी के रहने वालें हैं। कल इनके पास कोरांव थाना में तैनात 'उपनिरीक्षक अजय कुमार ' ने किसी व्यक्ति के कहने पर राजित राम सिंह को फोन करके थाने पर बुलाया और आज वो जब 1/2
UP SI की भर्ती 4+ वर्ष बाद आई है और अब भी भर्ती बोर्ड के अनावश्यक फैसलों की वजह से लाखों अभ्यर्थी फॉर्म भरने से वंचित हैं, रो रहे है, परेशान हैं कि सुनवाई भी नहीं हो रही है। भर्ती बोर्ड से विनम्र निवेदन है कि अभ्यर्थियों की निम्न समस्याओं पर ध्यान दें
1- दस्तावेज की जांच DV के समय होती है तो डिग्री DV के समय उपलब्ध होनी चाहिए। डिग्री की फॉर्म भरने में क्या अनिवार्यता है ये समझ से बाहर है
आप मार्कशीट से भी उसकी शैक्षिक योग्यता जांच सकते हैं। जो चीज DV के समय आवश्यक होती है उसकी वजह से फॉर्म भरने से क्यों रोका जा रहा है।
निवेदन है कि लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य हेतु मार्कशीट से फॉर्म भरना ALLOW करें 🙏
2- उत्तरप्रदेश के EWS प्रमाणपत्र में आवेदन संख्या नहीं होती है तो अभ्यर्थी आवेदन संख्या क्या डालें,ये भी एक कन्फ्यूजन है
3- पिता पक्ष के प्रमाणपत्र की अनिवार्यता के कारण लाखों विवाहित महिलाएं आवेदन करने से वंचित हो रही हैं। बहुत सी महिलाओं की कम आयु में शादी हो जाती है ,ऐसे में पढ़ नहीं पाती हैं,जो पढ़ना चाहती हैं उनके सामने दस्तावेज की समस्या आ जाती है। अतः शासन स्तर पर कोई उपचार उपलब्ध कराने का कष्ट करें 🙏
4- भारत का प्रत्येक बोर्ड एवं आयोग 3-4 दिन का समय फॉर्म में करेक्शन के लिए देता है जिस से त्रुटियां ठीक हो सकें। कई वर्ष बाद भर्ती आई है,कृपया त्रुटि ठीक करने हेतु कुछ समय जरूर प्रदान किया जाए।
अभ्यर्थियों का भविष्य बोर्ड के फैसलों पर निर्भर करता है, कृपया संज्ञान लें 🙏
उम्मीद है कि भर्ती बोर्ड उपरोक्त बिंदुओं पर सकारात्मक दृष्टिकोण रखकर जल्दी इन समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराएगा।
#UPSI_FORM_CORRECTION
#UPSI_ALLOW_MARKSHEET
@Rajeevkrishna69@dgpup@UPGovt@myogiadityanath@CMOfficeUP@myogioffice 🙏
@RailwaySeva@IRCTCofficial This is my PNR number 6651475636 , 6651455619 , my tickets is cancelled but I have not received my tickets fare. Plz consider my grievance.
अचानक दिल का दौरा ,अचानक मृत्यु ? तो क्या कोई स्क्रिनिंग टेस्ट है जो ऐसे अचानक दिल के दौरे से होने वाले मृत्यु को पहले बता दें????
कॉलेज के दोस्त, चेहरे पर स्माइल और फेयरवेल... मंच पर ही 20 साल की छात्रा की हार्ट अटैक से मौत !!
ऐसे कई न्यूज़ आपने सुने होंगे
आइए आज मैं कुछ 3-स्टेप स्क्रीनिंग टेस्ट बताता हूँ जो आम लोगों में अचानक दिल का दौरा / अचानक मृत्यु के जोखिम की जांच के लिए उपयोगी है।
यह मॉडल मरीजों को धीरे-धीरे रिस्क की पहचान और गहराई से जांच की ओर ले जाता है **साधारण से लेकर उन्नत स्तर तक।**
🩺 3-स्टेप स्क्रीनिंग मॉडल
🟢 स्टेप 1: बेसिक स्क्रीनिंग (सभी व्यक्तियों के लिए, उम्र 30+ से शुरू)
👉 लक्ष्य:- शुरुआती जोखिम पहचान — जिनमें लक्षण न हों, फिर भी रिस्क हो सकता है।
जांचें:
1. ECG (ईसीजी)
2. ब्लड प्रेशर मापन
3. ब्लड टेस्ट:
- HbA1c (शुगर कंट्रोल)
- Lipid Profile (कोलेस्ट्रॉल)
- Lp(a) (यदि संभव हो)
रिजल्ट से क्या पता चलेगा?
अनियमित धड़कन, हाई BP, हाई शुगर या कोलेस्ट्रॉल — ये सब अचानक मृत्यु के छिपे खतरे दर्शाते हैं।
🟡 स्टेप 2: इंटरमीडिएट स्क्रीनिंग (यदि स्टेप 1 में कोई रिस्क फैक्टर मिले या परिवार में हिस्ट्री हो)
👉 *लक्ष्य:* हृदय की कार्यप्रणाली और संरचना की जांच
जांचें:
1. 2D ईकोकार्डियोग्राफी (दिल की पंपिंग और वाल्व की जांच)
2. TMT (स्ट्रेस टेस्ट) या CAC स्कोर (45+ या मोटापे/डायबिटीज वाले मरीजों में)
3. 24-घंटे की होल्टर मॉनिटरिंग (यदि धड़कन में अनियमितता हो)
क्यों ज़रूरी है?
कमजोर हार्ट मसल, छुपा हुआ ब्लॉकेज, या एरिदमिया — ये सभी SCD (Sudden Cardiac Death) से जुड़े होते हैं।
🔴 स्टेप 3: एडवांस्ड स्क्रीनिंग (उनके लिए जिनमें हाई रिस्क मिले स्टेप 2 में)
👉 *लक्ष्य:* अचानक मौत के ठोस कारण और भविष्य की सुरक्षा की रणनीति
जांचें:
1. Cardiac MRI / CT Coronary Angiography
2. Genetic Testing (यदि परिवार में किसी की कम उम्र में हार्ट अटैक से मौत हुई हो)
3. LVEF जांच (Echo/MRI से)
- यदि EF < 35%, तो ICD (Defibrillator) की आवश्यकता हो सकती है
NOTE यह पोस्ट जागरूकता मात्र के लिए हैं कार्डियोलॉजिस्ट Dr. anshu से विचार विमर्श कर यह पोस्ट बनाया गया है ,
कोसिस करें यह test किसी सरकारी संस्था में कराये
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