चंद्रशेखर आज़ाद जी, RHA की ओर से अजीत भारती ने आपकी बहस की चुनौती स्वीकार कर ली है।
अगर, जैसा मुझे लगता है, आपने चुनौती आवेश में आकर दी थी, तो उसे वापस ले सकते हैं। और अगर सच में चुनौती दी थी, तो तारीख, समय और जगह तय कीजिए। बहस तर्क और तथ्यों पर होगी।
अजीत भारती को उनकी बहन की शादी चंद्रशेखर से करने की सलाह देने वाले यह सलाह चंद्रशेखर को ही क्यों नहीं देते कि वो रोहिणी को न्याय दे?
अजीत भारती की बहन पर जो टिप्पणी की गई, उस संदर्भ को लिबरल लॉबी ने गायब कर दिया। उकसाने के बाद अजीत ने क्या कहा, उसे काटकर चलाया जा रहा है कि दलितों को गाली दे दी। यह झूठ है।
यदि टिप्पणी करने वाले की माँ-बहन और चंद्रशेखर को कुछ कहना अगर समूचे दलित समाज का अपमान है तो क्या अजीत की बहन की कोई गरिमा नहीं? या वो इस समाज का हिस्सा नहीं?
चंद्रशेखर किसी भी पद पर हों, उनके सार्वजनिक जीवन के अनेक अध्याय यहाँ उड़ते पाए जाते हैं। यह परिप्रेक्ष्य ही वितृष्णा के लिए पर्याप्त है। ऐसे व्यक्ति से अपनी बहन ब्याहने का कोई विचार भी कर सकता है? इसलिए अजीत पर किए कमेंट के बाद एक भाई का प्रतिकार समाज का अपमान नहीं हो सकता। व्यक्ति पर टिप्पणी थी, समाज पर नहीं। चंद्रशेखर कबसे “दलित समाज” हो गए?
और वैसे भी, कॉकरोच आंदोलन के बाद इन लिबरल्स ने सार्वजनिक भाषा का नया मानदंड रचा ही है कि गालियाँ दी जानी चाहिए, कोई अपराध नहीं है। कुछ दिन पहले ही गालियों के पक्ष में अनेक सौंदर्यशास्त्र रचा जा रहा था। आज अचानक ‘गाली’ पर मुक़दमा कैसे हो रहा है?
मोदी की माँ और उनको दी भद्दी गालियों से जब ओबीसी का अपमान नहीं हुआ तो आज दलितों का अपमान कैसे हो गया?
#AjeetBharti
मशहूर यूट्यूबर अजीत भारती के ऊपर एससी/एसटी एक्ट की गंभीर धाराओ में मुक़दमा पंजीकृत किया गया है,
हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ,
जिसमें अजीत भारती ने नगीना सांसद चंद्रशेखर पर कुछ टिप्पणी की थी, उसी को आधार मानकर मुक़दमा लिखा गया है,
ये FIR दिल्ली के नार्थ एवेन्यू में दर्ज कराई गई है, ये सामान्य वर्ग की आवाज उठाने वालों को दबाने का प्रयास है,
We stand with @ajeetbharti ✊
Gautam Adani coming out of PM Modi's residence.. Modi sold entire India to Adani.....oh wait.... It's Karantaka CM DK Shivkumar's residence in Bengaluru...
मैं @BhimArmyChief को अजीत भारती और अनुराधा तिवारी के साथ SC/ST Act, UGC Act और जाति-आधारित आरक्षण पर खुले मंच पर बहस की चुनौती देता हूँ।
अगर हिम्मत है तो आइए, आमने-सामने खुली बहस करते हैं। बात होगी व्यवस्था, उसके प्रभाव और –9, –40 और 4 जैसे अंकों को सही ठहराने की।
न नारे होंगे, न व्यक्तिगत हमले, सिर्फ तथ्य, तर्क और जवाबदेही।
IAS संतोष वर्मा के इस आपत्तिजनक बयान का समर्थन सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने खुलकर किया था।
अगर अजीत भारती के कमेंट पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है तो फ़िर इस बयान पर कार्रवाई कब होगी?
सैनिक स्कूल से पढ़ाई, किरोड़ीमल कॉलेज के टॉपर, UGC-NET क्वालिफाइड और जर्नलिज्म के प्रोफेसर.....
जब इतने तगड़े क्रेडेंशियल्स वाला इंसान सरकार और व्यवस्था की नीतियों पर तर्क के साथ सवाल उठाता है, तो 'दो कौड़ी के ट्रोलर्स' का लॉजिक पानी मांगने लगता है!