#WATCH | Mumbai: On the IIT Bombay suicide case, Former IIT-Bombay Board of Governors Chairman Sharad Kumar Saraf says, "...Professor Doolla is totally innocent. There is no iota of evidence against him, and still he is being mentally tortured and treated like a criminal, which is very offensive. In fact, it is very shameful and very bad. I have known Professor Doolla. During my tenure as Chairman of the Board of Governors of IIT, he was the Dean of Students' Affairs, one of the most upright professors that we have, a highly decorated, award-winning professor. And he took a lot of initiatives for the well-being of the students. And never, ever in his career was there a case of any discrimination or caste or anything. Even in this present case also. There was never any discussion about caste. Now suddenly his parents have started raising this issue two days after his death, which is very unfortunate..."
बीस साल जेल में सड़ाया, और सरकार कह रही है कि मानवाधिकार उल्लंघन हुआ ही नहीं...
SCST वर्ग से होता तो नरेन्द्र मोदी सहित पूरी भाजपा सिर पर उठाए फिरती, देश में आंदोलन होते, दंगे ओर बलवे होते...
सवर्ण है इसीलिए भाजपा के नेता, सामान्य वर्ग के नेता, विपक्ष के नेता सब मौन हैं।
ललितपुर के विष्णु तिवारी जी पर एक कथित फर्जी SC/ST मामले में बीस साल जेल। बीस साल यातना। पैरोल तक नहीं मिली। मानो उसे जिंदा दफना दिया गया हो और उसके परिवार को सामने खड़ा करके देखते रहने को मजबूर किया गया हो।
और अब उत्तर प्रदेश की सरकार मुआवजा देने से साफ इनकार कर रही है। कह रही है यह मानवाधिकार उल्लंघन का मामला नहीं है। यानी बीस साल की कैद, रोज की यातना, टूटा परिवार, बर्बाद हुई जिंदगी, इन सबको सरकारी भाषा में मानवाधिकार उल्लंघन नहीं कहा जाता। तो साहब, मानवाधिकार उल्लंघन आखिर क्या होता है?
और यह भी याद रखिए, यह उत्तर प्रदेश है। यहां भाजपा की सरकार है। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी हैं। जिनके भाषणों में हर रोज कानून और इंसाफ का राग बजता है। जब किसी कथित फर्जी मामले में आम आदमी बीस साल काट देता है, तब इन भाषणों की एक लाइन भी काम नहीं आती।
विष्णु तिवारी को भूलना नहीं है। वह नाम हर उस आदमी को याद रखना चाहिए जो सोचता है कि SC/ST मोदी Act एक सुरक्षा कवच है। यह कानून बचाता किसी को नहीं, बर्बाद करता है। कभी सामान्य वर्ग को, कभी OBC को। और जब बर्बादी का हिसाब मांगो तो सरकार मुंह फेर लेती है।
इसलिए यह मामला सिर्फ एक आदमी का नहीं है। यह हर उस घर का मामला है जहां रात को नींद इस डर से उड़ जाती है कि कल कोई झूठा केस आ जाएगा और जिंदगी खत्म। मीडिया को इसे घर घर पहुंचाना चाहिए। और जनता को यह समझना चाहिए कि बीस साल की कीमत वोट के एक बटन से चुकाई जाती है।
जब तक यह काला कानून जिंदा रहेगा, विष्णु तिवारी जैसे लोग बनते रहेंगे। और जब तक वोट का हिसाब नहीं बदलेगा, सरकारें यही कहती रहेंगी कि मामला मानवाधिकार उल्लंघन का नहीं है। #UGC_Rollback
"हम जेल में थे, हमारे माँ बाप खत्म हो गए, दो भाई खत्म हो गए, उनके दाहसंस्कार के लिए भी नहीं निकलने दिया! जेल में हमको मारते पीटते थे! आज भी हम ठीक से चल नहीं पाते!"
-विष्णु तिवारी
बता दें कि विष्णु तिवारी को 20 साल तक जेल में फ़र्ज़ी SC/ST एक्ट लगाकर रखा गया!
और इनको 20 साल बाद, बाइज़्ज़त बरी होने के बाद भी आजतक कोई मुआवजा नहीं मिला!
किसी इंसान की जिंदगी खत्म हो गयी, लेकिन सरकार ने एक पैसा नहीं दिया! जबकि करोड़ों rupye SC/ST एक्ट में दिये जाते हैं औऱ फ़र्ज़ी केस साबित होने के बाद भी वसूले नहीं जाते!
धन्यवाद इस मीडिया को विष्णु तिवारी की आवाज़ जनता तक पहुंचाने के लिए!
हमने मोदी को सनातनी मानकर प्रधानमंत्री बनाया। जात-पात नहीं देखी। उन्होंने UGC और SC-ST एक्ट से पीठ में छुरा घोंप दिया।
SC-ST एक्ट अब कमाने का धंधा बन गया है।
🚨 बड़ी खबर: IIT-बॉम्बे के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के पूर्व चेयरमैन शरद कुमार सराफ ने कहा कि प्रोफेसर दुल्ला एक पुरस्कार-विजेता (Award-Winning) प्रोफेसर हैं।
उन्होंने दावा किया कि प्रोफेसर दुल्ला "पूरी तरह निर्दोष" हैं और उनके खिलाफ "सबूत का एक भी अंश नहीं" है।
सराफ ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान प्रोफेसर दुल्ला से जुड़ा जातिगत भेदभाव या किसी प्रकार के भेदभाव का कोई मामला कभी नहीं रहा।
उनके अनुसार, प्रोफेसर दुल्ला को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और उनके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया जा रहा है, जो बेहद दुखद और आपत्तिजनक है।
SC/ST एक्ट पर इस वीडियो ने इंटरनेट आग लगाई
SC/ST एक्ट मूर्खतापूर्ण है अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इसमें आया नहीं है एक आदमी उंगली उठाए और दूसरा जेल में चला गया तो विदेशी भारत नहीं आयेंगे
अगर अमेरिका समेत विकसित देशों को भारत के इस कानून का पता चला, तो वो भारत को पागल देश कहेंगे न..?
सीधी भाषा में कहे तो
भारत में लगातार हो रहे आतंकी हमलों के पीछे छुपी हुई कांग्रेस थी और है भी
कांग्रेसियों के सहयोग से बम धमाके होते रहे और कोई कठोर कार्यवाही भी नहीं होती थी
वीडियो में कहा गया है आप में है हिम्मत तो मोदी जी योगी जी से इनको मुआवजा दिलाइए।
मैं कहता हूं मोदी जी और योगी जी में हिम्मत है, जो इनको को मुआवजा दे।
वैसे आजकल मोदी जी बहुत बांट रहे हैं तो थोरा कृपया इन पर भी बरसा दीजिए।
कुछ तो भला हो जाएगा।
@narendramodi@myogiadityanath
मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत बनी हुई एक क्रांतिकारी माल वाहक ट्रेन जो वंदे भारत ट्रेन की स्पीड से चलती है लेकिन इसमें कोई इंजन नहीं होता।
ऑटोमेटिक लोडिंग सिस्टम और सीसी टीवी कैमरे से लैस पूरी तरह से सुरक्षित है एक्सीडेंट रोकने के लिए अपना कवच सिस्टम है।