दिल्ली-एनसीआर को दहलाने की साजिश नाकाम
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी-आपराधिक मॉड्यूल का पर्दाफाश कर सात गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया।
इस मॉड्यूल को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर पाकिस्तान में बैठा गैंगस्टर से आतंकी बना शहजाद भट्टी और उसका सहयोगी अजमल गुज्जर चला रहा था।
गिरफ्तार संदिग्धों में छह गाजियाबाद के हैं। इनमें लोनी निवासी अनस उर्फ अनस त्यागी (26), मोहित उर्फ योगी (26), साबिर (30), आरिफ उर्फ प्रधान (30), ट्रोनिका सिटी निवासी दीपक उर्फ दीपक एग्रोला (38), जतन (29) और पंजाब के फतेहगढ़ साहिब का करनवीर सिंह (26) शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों से दिल्ली-एनसीआर के कई सार्वजनिक स्थानों, कुछ हिंदू नेताओं, प्रमुख हस्तियों और हरियाणा के प्रसिद्ध भोजनालय की रेकी कराई थी। संदिग्धों ने इन जगहों के वीडियो और तस्वीरें पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेज भी दी थी।
🚨 DISGUSTING: Jihadi predator caught red-handed luring minor Hindu schoolgirls for grooming & exploitation.
This filth preys on our daughters. Expose, beat & punish these monsters harshly.
No mercy.
भीम आर्मी कमांडर को अपना भाई मानने वाली दलित लड़की से गैंगरेप.
मोहम्मद उमर सहित मुस्लिम समुदाय के 5 आरोपितों पर FIR दर्ज.
सामूहिक बलात्कार के आरोपी दरिंदो की तलाश में मुजफ्फरनगर पुलिस की दबिश जारी.
घटना पर चंद्रशेखर रावण की फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं.
#Muzaffarnagar#BhimArmy@muzafarnagarpol
8000 + से ज्यादा हिंदू महिलाओं के फोटो-वीडियो लव जिहादी के मोबाइल से बरामद!
कर्नावती में लव जिहाद की नई और खतरनाक मोडस ऑपरेंडी का खुलासा हुआ है।
आरोप है कि करीम सिपाही नाम का शख्स मैट्रिमोनियल साइट पर “आदित्य पटेल” बनकर हिंदू विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को फंसाता था। खुद को बड़ा कारोबारी बताता था, भरोसा जीतता था और फिर महिलाओं को अपने जाल में लेता था।
सबसे बड़ा खुलासा — आरोपी के मोबाइल से 8000 से ज्यादा हिंदू महिलाओं के फोटो और वीडियो मिलने की खबर सामने आई है।
यह केवल एक व्यक्ति की करतूत नहीं लगती, यह हिंदू बहन-बेटियों की सुरक्षा पर सुनियोजित हमला है।
सवाल उठता है —
मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी हिंदू नाम से प्रोफाइल कैसे बनती है?
फर्जी आधार और वोटर कार्ड कैसे बने?
इतनी महिलाओं का डेटा आरोपी तक कैसे पहुंचा?
क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क है?
हिंदू समाज सावधान रहे।
फर्जी नाम, फर्जी पहचान और फर्जी धर्म बताकर रिश्तों के नाम पर जाल बिछाया जा रहा है।
मांग स्पष्ट है —
मैट्रिमोनियल साइट्स पर पुलिस-वेरिफाइड KYC अनिवार्य हो।
फर्जी पहचान बनाने वालों पर कठोर कार्रवाई हो।
पीड़ित महिलाओं की पहचान सुरक्षित रखी जाए।
पूरे नेटवर्क की जांच हो।
@Jeevansathi_com@ShadiDotCom@sanghaviharsh
#LoveJihad #MatrimonialFraud
This Muslim boy repeatedly sends obscene messages and makes video calls on Instagram to the wife of a Hindu man, Gopi Sharma.
Gopi Sharma's wife is a mother of two children, and this boy is ruining the children's future.
Whose fault is it? What should be done about a woman who is leaving her husband and getting involved with a non-Hindu man? What is it that her husband did not provide to her?
इस से अच्छा होता अनपढ़ रहे जाती, ऐसी पढ़ाई का क्या फायदा जो कुरीतियों से आजादी भी ना दिला सके, और मजे की बात देखिए वामपंथी जैसे लोगों की, कोई हिंदू औरत घूघट कर ले तो कुरीति और मुस्लिम औरत बुर्का पहने तो ईमान वहां रे दोगले लोगों...
नाम: मधुर विरली
काम: कॉमेडी करना
असली काम: रेप पीड़ितों का मज़ाक उड़ाना
भाई का कहना है 10 महिलाओं के रेप होते हैं और एक का रेप मर्डर दोनों होता है, क्योंकि वो ल़डकी रेप के बाद हग मांगती होगी इसलिए लड़का जान से मार देता है,
ये जोक निर्भया , RG कर जैसी न जाने कितनी बहनों का मज़ाक उड़ाया गया है,
ऐसे घिनौनी मानसिकता वाले जोक्स की वजह से जब FIR होती है तब ये "EVERY JOKE IS A REVOLUTION " बोलकर आगे बढ़ जाते हैं।
"हिंदू से मुसलमान बना है आयुष, उसको मिलेगी स्पेशल जन्नत"
कभी राजपूत रहा दिल्ली का साहिल मियां जाट युवक को दे रहा "जन्नतुल नईम" का लालच'
मजहबी किताबों का रिफरेंस दे कर साजिश पर चढ़ा रहा पक्का प्लास्टर'
लगातार राष्ट्रीय राजधानी से जुड़ रहे हैं धर्मांतरण की इस कड़ी के तार.
#Shamli #Jaat @PoliceShamli
‘फहीम, उसका अब्बू, मौलवी और…. याद भी नहीं कितनों ने किया रेप’
मेरठ में जबरन निकाह के बाद ‘जहन्नुम’ बनी हिंदू बेटी की जिंदगी, करना चाहती है आत्महत्या; पढ़ें पूरा मामला
https://t.co/0DEmRsQdd0
जिम में नाम बदल कर हिंदू महिलाओं के ट्रेनर बनने वाले मज़हबियाऊँ के लिए योगी सरकार ने नए नियम बना दिए हैं |
अब से जिम के ट्रेनर को रजिस्ट्रेशन के साथ अपने असली नाम की आईडी गले में डालनी ही पड़ेगी |
मतलब सरकार लव जिहाद की रोकथाम के लिए उतनी ही सीरियस है जितना की आम हिंदू | ❤️
आपका एक शेयर इस अवैध मस्जिद को ध्वस्त कर सकता है।
आदरणीय मुख्य्मंत्री @myogiadityanath जी,
इस जि हादी अतिक्रमण को तुरंत ध्वस्त करवाएं, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है।
कुछ दिन पहले कुछ अमेरिकी नागरिक और यूक्रेनी नागरिक मणिपुर में आतंकवाद की ट्रेनिंग देते गिरफ्तार हुए थे जो अभी भी जेल में है
अब उनका वीडियो सामने आ गया है जिसमें वह मणिपुर के आतंकियों को बंदूक चलाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं
चंदन गुप्ता हत्या केस को लेकर NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी का फैसला
🫵🏻
3 जनवरी, 2025 को, NIA कोर्ट के स्पेशल जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी (वी.एस. त्रिपाठी) ने 26 जनवरी, 2018 को कासगंज के अभिषेक उर्फ चंदन गुप्ता की क्रूर हत्या में मुस्लिम समुदाय के 28 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
यह भयावह हत्या चंदन की तिरंगा यात्रा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने की थी।
आजीवन कारावास की सजा के अलावा, जज त्रिपाठी ने अपने फैसले में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है और वह है पैसे के लिए किसी का भी प्रतिनिधित्व करने के लिए महंगे वकीलों की तैयारी!
आज तक सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के किसी भी जज द्वारा इस मुद्दे पर कभी टिप्पणी नहीं की गई है।
सजा सुनाते हुए, जज त्रिपाठी ने अपराधियों को बचाने में शामिल राष्ट्रीय और विदेशी NGO की भूमिका पर सवाल उठाए और उन्हें रोकने के लिए अपने आदेश की एक कॉपी केंद्रीय गृह मंत्रालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भेजी है।
जज त्रिपाठी ने अपने आदेश में कहा था कि, “इन एनजीओ को कहां और कौन फंडिंग कर रहा है, उनका अंतिम उद्देश्य क्या है, इसकी पूरी जांच करने की जरूरत है।
ऐसा आरोप है कि जब भी कोई आतंकवादी पकड़ा जाता है, तो ऐसे एनजीओ तुरंत उसका बचाव करने के लिए बहुत महंगे वकील उपलब्ध कराते हैं।
यह राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता का विषय है।”
कोर्ट ने अपने आदेश में निम्नलिखित 7 एनजीओ/संगठनों के नाम दिए हैं।
1. सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस, मुंबई
2. पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज, दिल्ली
3. रिहाई मंच
4. अलायंस फॉर जस्टिस एंड अकाउंटेबिलिटी, न्यू यॉर्क
5. इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल, वॉशिंगटन डीसी
6. साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप, लंदन
7. जमीयत उलेमा हिंद
जस्टिस त्रिपाठी का यह आदेश वास्तव में ऐतिहासिक है और उन्होंने सरकार से समान मांग की है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की फीस सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए और उनकी संपत्ति की घोषणा भी सार्वजनिक जानकारी के लिए प्रकाशित करनी चाहिए।
उन्होंने हर साल कितना आयकर चुकाया है, यह भी सार्वजनिक करना चाहिए; वकीलों की फीस केवल चेक/बैंकिंग चैनलों के माध्यम से ही वसूली जानी चाहिए; सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष वकीलों से वकील फीस की प्राप्ति के बारे में शपथपत्र मांगने चाहिए कि उनकी फीस किसने चुकाई थी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसी आतंकवादी संगठन को फंडिंग की गई थी या नहीं।
जज त्रिपाठी के इस ऐतिहासिक आदेश का सभी देशभक्त भारतीयों द्वारा स्वागत और समर्थन किया जाना चाहिए!
रोहिंग्या बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से निकालने की मांग करने वाली एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका 2017 से लंबित है।
दो रोहिंग्या, मोहम्मद सलीमुल्लाह और मोहम्मद शाकिर, जो भिखारी जैसे दिखते थे और खराब हालत में रहते थे, उनके लिए छह उच्च स्तर के वकील सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए।
ये वकील थे - डॉ. राजीव धवन, प्रशांत भूषण, डॉ. अश्विनी कुमार, कॉलिन गोंसाल्विस, फली एस. नरीमन और कपिल सिब्बल।
जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय की याचिका का 10 महंगे शीर्ष वकील विरोध कर रहे हैं।
पूजा स्थल कानून को चुनौती देने वाली उपाध्याय की याचिका का 22 शीर्ष वकील विरोध करते हुए देखे गए हैं। इनमें सांसद, विधायक और पूर्व कानून मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और शिक्षा मंत्री भी शामिल हैं।
ऐसे शीर्ष वकीलों के कारण यह याचिका लंबे समय से लंबित है।
सिर्फ अक्टूबर 2024 में, एक अन्य NGO - सोशल ज्यूरिस्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और केंद्र से "रोहिंग्या शरणार्थियों के बच्चों को" सरकारी स्कूलों में प्रवेश देने की अनुमति मांगी।
जब हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी कि रोहिंग्या विदेशी हैं और उनके पास देश में प्रवेश की कानूनी अनुमति नहीं है और वे देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, तब यह NGO सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और SC ने कहा कि रोहिंग्याओं के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।
ऐसे कई वकील और NGO हैं, उन सभी के फंड की जांच होनी चाहिए।
ताकि हमारी निरंकुश और असंवेदनशील न्यायपालिका भी जवाबदेह बन सके ।
सबसे बड़ी बोली (लगभग 16-20 लाख) ब्राह्मण लड़कियों की ही लगती है। ऐसे में जहाँ उनको ही सबसे अधिक सचेत होना चाहिए था इसके विपरीत ब्राह्मण लड़कियों के ही केस सर्वाधिक मिलते हैं।
मतलब परवरिश में ही खोट है और शत्रुबोध नहीं करवाया जाता। तो हम कैसे मान लें कि अब इनको ईश्वर बोध भी रह गया है। इनके इन कुकर्मों के कारण ही तो समाज को अब इनके ऊपर विश्वास नहीं रहा।
जो अपनी बेटी को जिहादियों से नहीं बचा पा रहा वो मुझे कह रहा है कि तुझपर राहु-केतु और शनि चढा हुआ है आजा तुझे बचाऊंगा।
पहले अपनी इज्जत का राहु-केतु और मुसलमान तो ठीक कर ले जो उसपर चढा हुआ है। बचाने की शुरुआत पहले घर से तो कर ले। 🙏🙏
बड़कू ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दिया, मेरे वीडियो वायरल करने की धमकी देता है, मुझे ब्लैकमेल करता। मेरे माँ-बाप कहीं मुंह दिखाने लायक़ नहीं बचे…..इसलिए मैं आत्महत्या कर रही हूं
ये वीडियो बनाकर BSC टॉपर सृष्टि मिश्रा ने अपनी जान दे दी। MP के पन्ना की इस दर्दनाक घटना पर चारों तरफ़ शांति है….
खैर, आप 370 की बिरयानी पर पोस्ट करते हैं। इंगेजमेंट मिलेगा। किसी परिवार के न्याय से क्या मतलब?
@epanchjanya When your team is posting such posts guide then to recheck the content before final posting.
In the attached screenshot you may check your team mentioned suvendu Adhikari chief minister of Delhi. Kindly correct it.
Thanks.