ACYPL plant ne brhamino ka kya haal kar diya hai..
Ki abh sarkari babu bhi unko SC St se dhamka raha hai.
Aur Brahmin hindutva ka churan khaye so raha hai
मोदी जी अपने पिता जी की FD तोड़ कर दलीत समाज को ‘इन्क्लूसिविटी रिसर्च ग्रांट’ हेतु ₹60 लाख की फंडिंग दिलवाएँगे।
मोदी जी ने कोर रिसर्च में भी जाति निकाल ली। आपको कम्पीट नहीं करना है, बस एक जाति समूह से आना है। EWS के बच्चे तरसते हैं फंडिंग के लिए और यहाँ मोदी जी बाबूजी की FD तोड़े जा रहे हैं भारत माता और हिन्दुत्व के नाम पर।
यह बहुत राहत की बात है कि जिस परिवार को चोर ने SC/ST Act के तहत जेल में भिजवा दिया, वह परिवार OBC निकला। OBC समाज में तो लड़ने की क्षमता थोड़ी बहुत बची है। अधिकतर OBC अपनी बिरादरी और जाति से जुड़े रहते हैं। मूर्ख GC समाज के लोग ही जाति बिरादरी तोड़ बैठे हैं इसलिए विपदा आने पर दस लोग भी साथ नहीं खड़े होते!
“अंबेडकर ने अंग्रेजों का साथ दिया था , इसलिए हमारे ज़माने में उसको कोई इज्जत नहीं मिलती थी” इरफ़ान हबीब
ये सही है, नेहरू ने कभी भी हिंदू द्रोही अंबेडकर को घास नहीं डाली , ना ही इंदिरा ने, राजीव ने या बारहसिंगा राव ने, और ना मनमोहन सिंह ने,,
बोबा को देवता बनाने वाला सिर्फ़ चोदी है, और कोई नहीं ,,,
कुछ लोग इस बात से सरकार का महिमा मंडन कर रहे थे की मुगलों का चैप्टर इतिहास की पुस्तकों से हटा दिया गया है
मगर उन लोगो ने यह नहीं बताया की सरकार अब हिंदुओं को जातिवाद की आग में जला कर सामान्य वर्ग के ख़िलाफ़ नफ़रत का बीज बोकर GC के प्रत्येक बच्चे का डेथ वारंट साइन कर रही है।
आप लोगो से यह अपेक्षा नहीं थी @BJP4India हमे लगा आप हिंदुओं को जोड़ेंगे मगर आप तो कांग्रेस की राह पर ही चल रहे है।
cc @narendramodi
क्या भजमुल्लों को यह भी नहीं समझ कि ऐसे इश्किया नाच-गाने बद्रीनाथ धाम में उपयुक्त नहीं हैं, भले ही यह लोक गीतों के नाम पर गए जा रहे हों?
इन कालनेमियों को यह भी अकल नहीं है कि बद्रीनाथ धाम Disco City नहीं है, यह हिंदुओं का बहुत ही पुरातन और विशिष्ट धार्मिक स्थल है!
यह हाल होने दिया गढ़वालियों ने भारत की देवभूमि का,
शायद इसीलिए, हर वर्ष landslides हो रही हैं, भयंकर floods आ रहे हैं.
अब एक समाचार 'सूत्रों' के नहीं, 'उच्च पदस्थ सूत्रों' के हिसाब से फैलाया जा रहा है कि सरकार UGC रोलबैक नवंबर के मध्य में करेगी। यह कोई समाचार नहीं है, यह वही धूर्तता है जो इनके प्रवक्ताओं के मुँह में माइक देने पर ये कहते हैं कि 'विषय कोर्ट में है'।
ध्यान रहे हमारी तीन माँगें हैं:
1. UGC रोलबैक
2. मोदी एक्ट में समुचित संशोधन
3. वर्तमान आरक्षण में समीक्षा
कोई एक माँग से कुछ नहीं होने वाला। संघर्ष चलता रहेगा। 5 महीना लगे, 2 साल लगे, 10 साल लगे।
The Indian Express story on the EC was timed to influence Supreme Court.
Yesterday, a judgment was pending in the SC. Whether the 2023 law governing the appointment process for the Chief Election Commissioners and Election Commissioners would be sent to a constitutional bench.
Timed perfectly, only hours before the judgement, the story dropped.
SC then sent the law to be deliberated by the constitution bench.
Did the story impact the judgement? One can’t be sure. Is the timing suspect? Absolutely.
Most mainstream media reporting today, on the big stories, is to influence the judicial process. Look closely, research, and you’ll see.
“ सारे देवी देवताओं कों डुबो दो” नरेंद्र मोदी
इस वीडियो में नरेंद्र मोदी ने अपने दिल के हर एक बात रख दी है, वह अंदर से क्या है , अंदर से हिंदू धर्म के लिए जो नफ़रत है , देवी देवताओं के लिए जो नफ़रत है
वह सब इस वीडियो में देख लो,,
ये वह वीडियो है जो BJP का IT cell और गोदी मीडिया आपको कभी नहीं दिखायें हे
इतनी नफ़रत कौन करता है हिंदुओं से ? mulla?
जब दलित भाइयों को अंबेडकर जी ने शेरनी का दूध पिला दिया और वे आरक्षण के शेर पर बैठकर IIT, IIM में पहुँच ही गए, तो फिर उनसे पढ़ाई, रटने और Practical करने को क्यों कहा जाता है?
आखिर 8 सेमेस्टर में करीब 150 परीक्षाएँ क्यों, सीधी Degree और नौकरी क्यों नहीं?
मध्य प्रदेश में आज 'NO-UPI डे' का ऐलान, काले कपड़े से ढके गए QR कोड
मध्य प्रदेश में व्यापारी आज 'NO-UPI डे' मनाने की तैयारी में हैं. इस क्रम में इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत बड़े शहरों में व्यापारी UPI पेमेंट स्वीकार नहीं करने का अभियान चलाएंगे. पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के बाद अब व्यापारियों ने भी UPI से जुड़े नए नियमों का विरोध शुरू किया है. व्यापारियों का कहना है कि नियम लागू होने से पहले ही वे UPI भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने सरकार से UPI पेमेंट को लेकर बनाए गए नए नियम को वापस लेने की मांग की है.
इंदौर से इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की गई है, जहां 125 से अधिक व्यापार संघों और लगभग 2 लाख व्यापारियों ने इस 'नो यूपीआई डे' आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया है. सर्राफा बाजार से लेकर क्लॉथ मार्केट, और मारोठिया बाजार जैसे इंदौर के प्रमुख थोक और खुदरा व्यापारिक क्षेत्रों में आज डिजिटल लेनदेन पूरी तरह ठप दिख रहा है. मंगलवार रात शहर में टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर व्यापारी एसोसिएशन की अगुवाई में रीगल स्क्वायर पर हुए प्रदर्शन में 150 से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए. इस दौरान इन्होंने 'यूपीआई बंद करो, यूपीआई पर चार्ज बंद करो' के नारे भी लगाए.
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IIT बॉम्बे में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। फिर पता चला कि वो छात्र नहीं था, वो दलित था जिसे रोहित वेमुला 2.0 बनाया जा सकता है, अतः उसके पिता को तुरंत सूचित किया गया कि आप दलित हैं और आपका बेटा भी दलित है और आत्महत्या उसने चीटिंग करते हुए पकड़े जाने की लज्जा में नहीं की, बल्कि IIT बॉम्बे के डायरेक्टर ने उसे ख़ाली समय में न्यूक्लियर पावर्ड जेट इंजन बनाते देख लिया था, जो कि 8 AAA बैटरी को प्लूटोनियम रॉड पर घिसने से काम करता था।
ब्राह्मणवादी डायरेक्टर ने तभी एक OBC प्रोफेसर को कहा कि कोई भी दलित आगे नहीं बढ़ना चाहिए, इसलिए इसे दिन में तीन बार जातिसूचक गालियाँ देते रहो ताकि ये एक दिन नैराश्य में कुछ कर बैठे, बाद में हम लोग कह देंगे कि सुसाइड हो गया।
बताइए, डायरेक्टर लोगों को पढ़ाने की जगह मनुवादियों ने यह कह रखा है कि IIT बॉम्बे के 13000 विद्यार्थियों में ऐसे लोगों को खोजो जो दलित हों, टैलेंटेड हों, उसको सताना है कैसे भी कर के।
योगी जी, जिनके घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों पर पत्थर नहीं मारते।
हिंदुओं को जितना भाजपा ने जातियों में बाँटा है, शायद ही किसी ने बाँटा हो।
अरे बाक़ी सब छोड , भाजपा ने तो हिंदुओं की लाशों को भी जाति में बाँट दिया 🤮
और फिर मुँह पर हिंदू एकता का मुखौटा लगाकर घूमते हैं।