@Sudha6644 कई बार राज्यसभा सांसद रहने के बावजूद जया बच्चन को अभी तक ये नहीं पता चल पाया कि राज्यसभा का चेयरपर्सन उनका कलीग नहीं होता, वो उप राष्ट्रपति होता है।
प्रतियोगी छात्रों के अस्तित्व यानी कि जीवन मरण के सवाल ने उनको सार्त्र का 'fused group' बना दिया और जो एक एक vacancy के लिए प्रतियोगिता कर रहे थे वे आज सरकार के ग्रॉस नेगलिजेंस(violation of Duty to do care) पर एकजुट हो गए हैं।
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जीन पॉल सार्त्रे ने The Critique of Dialectical Reason में लिखा है कि वे बास्टिल के बस स्टेशन पर खड़े होकर देख रहे हैं कि बस में चढ़कर बस की सीमित जगह में अपनी जगह बना पाने के लिए जो जनता एक दूसरे से प्रतियोगिता कर रही है, 2/4
राजेन्द्र नगर और मुखर्जीनगर के प्रतियोगी छात्रों की एकजुटता ने सरकारों को एक संदेश दे दिया है कि तुम बेरोजगारी की समस्या पैदा कर कितना भी हमें सीमित रोजगार संभावनाओं के लिए प्रतियोगिता में उलझा दो लेकिन जब तुम हमारे अस्तित्व पर हमला करोगे हम घास की तरह एकजुट होकर उग आएंगे। 1/4
यह समय चौतरफा पहल लेने का है, विपक्ष को सम्भलकर इसे आगे बढ़ाना होगा क्योंकि अभी मोदी रिजीम हार के फ्रस्ट्रेशन में कुछ भी फैसले ले रही है, जो संवैधानिक परंपराओं को ध्वस्त कर देगी।
प्रधानमंत्री धीरे धीरे नेपथ्य में चले गए हैं। चर्चा केवल विपक्ष और लोक सभा अध्यक्ष की हो रही है।पिछले 10 साल अखबार के पहले पेज पर एक चेहरे की मोनोपोली हो चुकी थी।
This is the complete failure of system in Old Rajendra Nagar and Mukharji Nagar. The honorable Supreme court and High Court of Delhi should take suo moto cognizance to tackle the issue.
Protesting Students have now reached infront of a famous UPSC teacher and ‘Divya’ gyani’s house in Mukherjee nagar
अरे UPSC aspirants अब तो समझ जाओ ! कितना तजुर्बा लोगे और आप लोग?😔
They also know कुछ दिन की बात है फिर से वही Ethics की Philosophy का ज्ञान दिया जाएगा!
@Sudha6644 @khurpenchh@VivekGa54515036 ये पूंजीवादी शिक्षक कहता था कि जिंदगी के बड़े हिस्से में यह मार्क्स से प्रभावित था।लेकिन अब मार्क्स को खारिज़ करता है, इसकी वजह एक ही है तब यह पूँजी की सरपरस्ती नहीं करता था,अब पूँजी का ग़ुलाम है। मार्क्स की बात करेगा तो धंधा बिगड़ जाएगा।
This is the political marginalisation of Bahujan in the research of Prof Gopal Guru. This is become a narrative that bahujan will hold only social justice ministry and hindu upper caste will hold all the political economy related ministry.
1947 से बजट अगड़ी जातियों के अफसर और नेता ही बना रहे हैं. निर्णायक भूमिका में सवर्ण ही हैं.
देश में आज तक एक भी वित्त मंत्री OBC SC ST वर्ग से नही बना. वित्त मंत्री हमेशा सवर्ण वर्ग से ही बनाया जाता है.
राहुल गांधी सही कह रहे हैं देश की 90% आबादी यानी OBC SC ST बजट बनाने की भूमिका कहीं भी नही थे.
OBC SC ST समाज के प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर निर्मला सीतारमण को हंसी आ आ गयी.
राहुल गांधी और अखिलेश यादव
ये दो नाम हैं जिनके खिलाफ मीडिया जानबूझकर नेगेटिव खबरें चलाता है.
ये बात इन दोनों नेताओं को पता है और कई मौकों पर कहते रहे हैं.
लेकिन..
जब मीडिया के साथियों को उनके चहेते के आदेश पर पिंजरे में कैद किया गया, तब उनकी आवाज़ भी राहुल और अखिलेश ने उठाई.
ये जानते हुए कि मीडिया फिर भी उनके खिलाफ ही रहेगा, जानबूझकर उन्हें गिराने में लगा रहेगा.
एक बात और नोटिस करने वाली है. मीडिया के साथी पिंजरे में कैद रहे, लेकिन उनके संस्थान ने एक खबर न चलाई.