@DC_Ranchi@JharkhandCMO@HemantSorenJMM माननीय महोदय आपने तो धरना स्थ�� खुटे मैदान (नया विधान सभा के निकट) चिन्हित कर दिया है यहाँ सैंकड़ो महिलाये आई हुई है। आंगनबाडी की महिलाएं भी धरना में है। परंतु एक चलंत शौचालय की व्यवस्था तक नही की गई है। ये कैसी विडंबना है?
@JepcJharkhand@HemantSorenJMM
झारखंड के व्यावसायिक प्रशिक्षकों की स्थिति बहुत दयनीय है। 11 महीनों से भुगतान न मिलना, सिर्फ आश्वासन मिलना,और फंड्स का बहाना चलता रहना यह शोषण ही है। त्योहारों (दुर्गा पूजा, दिवाली, होली आदि) के दौरान भी परिवार की ज़रूरतें पूरी नहीं हो पातीं है ।
आखिर कब तक माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी हम अपने व्यावसायिक प्रशिक्षक दोस्तों को खोते रहेंगे। कल कोई और हमारे व्यावसायिक प्रशिक्षक दोस्त अपनी जान गवा देंगे तो इनकी नौकरी की सुरक्षा कौन लेगा। ना हमारे लिए कोई जॉब सिक्योरिटी ना ही कोई मेडिकल की सुविधा इसकी मुआवजा कौन देगा।
आखिर कब तक मा��नीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी हम अपने व्यावसायिक प्रशिक्षक दोस्तों को खोते रहेंगे। कल कोई और हमारे व्यावसायिक प्रशिक्षक दोस्त अपनी जान गवा देंगे तो इनकी नौकरी की सुरक्षा कौन लेगा। ना हमारे लिए कोई जॉब सिक्योरिटी ना ही कोई मेडिकल की सुविधा इसकी मुआवजा कौन देगा।
@Jhskilledvtnsqf@HemantSorenJMM मुकेश सर जो झारखंड के प्रोजेक्ट प्लस टू हाई स्कूल रामपुर चौपारण में व्यावसायिक प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत थे उनकी रोड दुर्घटना में मृत्यु हो गई इसकी भरपाई ना सरकार कर पाई है और ना ही संबंधित कंपनियों तो बताइए महोदय क्या हम अपनी जिंदगी ऐसे ही गवाते रहे क्या हमें जीने का हक नहीं
@Jhskilledvtnsqf@HemantSorenJMM मुकेश सर जो झारखंड के प्रोजेक्ट प्लस टू हाई स्कूल रामपुर चौपारण में व्यावसायिक प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत थे उनकी रोड दुर्घटना में मृत्यु हो गई इसकी भरपाई ना सरकार कर पा�� है और ना ही संबंधित कंपनियों तो बताइए महोदय क्या हम अपनी जिंदगी ऐसे ही गवाते रहे क्या हमें जीने का हक नहीं
11 साल से व्यावसायिक प्रशिक्षक अपनी जिंदगी किस तरीके से जी रहे हैं यह हमें ही पता है थोड़ा सा शर्म करें #झारखंडसरकार हम #व्यवसायिकप्रशिक्षकों के बारे में भी सोचिए। सात आठ महीने से वेतन का शक्ल भी नहीं देख पाए हैं थोड़ा तो शर्म करो @JepcJharkhand हमारा इंसाफ कौन करेगा हमें जवाब दो
मुकेश सर जो झारखंड के प्रोजेक्ट प्लस टू हाई स्कूल रामपुर चौपारण में व्यावसायिक प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत थे उनकी रोड दुर्घटना में मृत्यु हो गई इसकी भरपाई ना सरकार कर पाई है और ना ही संबंधित कंपनियों तो बताइए महोदय क्या हम अपनी जिंदगी ऐसे ही गवाते रहे क्या हम��ं जीने का हक नहीं
@HemantSorenJMM सरकार से ये मांग है ��ि जब वोकेशनल शिक्षा को जोर दे रहे हैं तो प्रशिक्षकों को समायोजन क्यूं नहीं कर लेते, ऐसा करने से प्रशिक्षकों को हो रहे शोषण बंद होगा और कंपनी के मिली भगत से लूट कमिशन बंद होगा और सीधे प्रशिक्षकों को लाभ होगा तभी अच्छा शिक्षा बच्चों को भी मिलेगा