मोदी का 'नया भारत' यानी राजनीतिक डकैती, जहां पार्टियां तोड़ी जाती हैं, भगवान राम के नाम पर वोट लेकर चढ़ावे में चोरी की जाती है और गाय माता के नाम पर राजनीति कर गाय के हत्यारों से ही सबसे ज्यादा चंदा वसूला जाता है। करोड़ों बच्चों का भविष्य बर्बाद करने वाली इस तानाशाही और दोगली राजनीति का सच अब देश के सामने आ चुका है और जनता इसका करारा जवाब देगी! 🔥
दलित समुदाय आज भी शोषण का शिकार हो रहा है...
एक दलित महिला को प्रथम रात्रि की रस्म में भाग लेने से इनकार करने पर उसकी बाल मुंडवा दी...फिर मार पीट बेवडे बांध घुमाया !
इस प्रथा के अनुसार उच्च जाति का पुरुष शादी से पहले दुल्हन के साथ यौन संबंध बनाने का दावा करता है !
महिला के इनकार से सभी नाराज होकर महिला को सजा दे दिया!
यह घटना जाति आधारित भेदभाव और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को उजागर करता है
दुख इस बात की कुछ कुरीतियों वाली प्रथाओं से अभी भी दलित समुदाय प्रताड़ित हो रहा है!
दमोह के बिजोरी पाठक गाँव से ये तस्वीरें सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि जातिवाद का ज़िंदा सबूत हैं। दिव्यांग दलित दूल्हे गोलू अहिरवार को घोड़ी से उतारकर पीटा गया आरोपी पलटू,विश्वनाथ लोधी, बिच्छू लोधी जैसे लोगों को दलित दूल्हे का घोड़ी पर चढ़ना अच्छा नहीं लगा ... और आप कहते हैं जातिवाद नहीं है? #CasteReality
29 कि 29 लोकसभा सीटें आप लोगों ने ही दीं थीं न हिन्दू मुस्लिम जात-पात पर फिर यह हाल दिख रहा है
विश्व गुरु भारत 2047 में ऐसे बनेगा अंधभक्तों को इस स्टूडेंट ने बिना निरमा के धो डाला....
“मैं ज़िंदा हूँ, लेकिन दुनिया मुझे भूल गई।” - मणिपुर की पीड़िता
मणिपुर की वे आदिवासी महिलाएँ जिन्हें भीड़ ने निर्वस्त्र कर सड़क पर घुमाया था, आज 3 साल बाद भी न्याय का इंतज़ार कर रही हैं।
न्याय में देरी भी अन्याय ही है।
उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले के पुवायां थाना क्षेत्र के नाहिल गाँव में पाल समाज के बुजुर्ग को जातंकवादियों द्वारा सरेआम “मुर्गा” बनाना, पैरों में माथा रगड़वाना और डंडा लेकर गाली-गलौज व धमकी देना अमानवीय और बेहद चिंताजनक है। किसी भी बुजुर्ग के साथ इस तरह का अपमान सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इससे भी अधिक भयावह बात यह है कि जातंकवादियों ने खुलेआम ऐलान किया है कि यदि किसी ने पीड़ित की मदद की तो उसके साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा। यह कानून-व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती है और क्षेत्र में भय का माहौल पैदा करता है।
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि 7 मार्च को हुई इतनी गंभीर घटना के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जो पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए, पीड़ित बुजुर्ग और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके और समाज में कानून का भरोसा कायम रहे।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
सुपौल में 17 वर्षीय डेजी कुमारी की संदिग्ध मौत,
हल्दी की रस्म के दिन लड़की का अपहरण बलात्कार के बाद मारकर पेड़ पर लटकाया ,,
ये है बिहार का गुंडा राज ,, और मुख्य मंत्री नींद में है ,,
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सांसद पप्पू यादव
असम में रात के अँधेरे में प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू जी की मूर्ति बुलडोजर से गिरा दी गई
क्या दौर आ गया है, माँफी मांगने वालों की मूर्ति लगाई जा रही है और स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्ति गिराई जा रही है
असम के मुख्यमंत्री के तरफ़ से अभी तक कोई बयान नहीं आया है
आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि वो कौन लोग हैं 🤡