लोग बहुत जल्दी भूल जाते हैं -
~बंगाल में चुनाव के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं को मार कर पेड़ से लटका दिया जाता था,
~चुनाव के 10 दिन बाद तक नंगा नाच होता था, कतले आम होता था,
~लोगों के घरों से लड़कियों को उठाकर बलात्कार होता था।
~बांग्लादेशी इनके बाप हुआ करते थे
इस चुनाव के बाद भी यही होता, अगर ये लेडी हिटलर जीतती तो,
बीजेपी की नीतियों का विरोध करो, बीजेपी के भ्रष्टाचार का विरोध करो, बीजेपी से चुनाव जीतो,
लेकिन इस नरभक्षी औरत का सपोर्ट मत करो, खत्म हो जाओगे।
किसी गेंदे को गुलाब कह देंगे,
हम हक़ीक़त को ख़्वाब कह देंगे।
हश्र में जब हिसाब होगा तब,
EVM ही था ख़राब कह देंगे।
बंगाल के कांटे में इस बार नहीं फंसी मछली,
इसे SIR का जाल कही देंगे,
असम में जनता ने जो कहा गो गो,
इ चुनाव आयोग को अजाब कही देंगे
अपनी बक्लोलियों को कब स्वीकारा है हमने,
इस बार भी खतरे में है संविधान कही देंगे।
"कांग्रेस के राजकुमार की जितनी रैली होती है
उन सबमें RSS को खत्म करने की बात होती है"!
~घुमा फिराकर हिंदुत्व को खत्म करने की बात करता है
~कभी "जैश ए मोहम्मद" का नाम नहीं निकलता
~कभी "लश्कर ए तैयबा" का नाम नहीं निकलता
~लेकिन हर एक भाषण में RSS और हिंदुत्व को खत्म करने की बात करता है।
~उसके बाद इनको लगता है कि ये चुनाव जीत लेंगे,
~उसके बाद कहते हैं कि EVM हैक हो गई है
~उसके बाद कहते हैं कि वोट चोरी हुई है
अजी घंटा.......
1-कांग्रेस का टारगेट कभी बीजेपी नहीं रही
कांग्रेस का टारगेट हमेशा RSS रहा
2- TMC का टारगेट बीजेपी नहीं रही,
TMC का टारगेट हिन्दू था, RSS था
3- हर एक विपक्षी पार्टी द्वारा , संघी, चड्डीधारी कहकर चिढाना
4- हिंदुओं को ढोंगी बताना
5- हिंदुओं की भावनाओं का मजाक उड़ाना
अभी भी समय सुधर जाओ, निपट जाओगे।
बीजेपी के भ्रष्टाचार से लडो
बीजेपी के अन्याय से लड़ो
अपराधियों से लड़ो
हिन्दुओं से मत लड़ो.......
इस देश में बहुसंख्यक की इज्जत होनी चाहिए।