पुलिसिया कार्यवाही केवल दिल्ली में नहीं हुई । मध्यप्रदेश में केन बेतवा प्रोजेक्ट के खिलाफ आंदोलन कर रहे आदिवासीयों को भी जबरदस्ती पुलिस द्वारा हटाया गया!
क्या इस देश में लोकतंत्र बचा है?
#Democracy
शिक्षाविद्, नवाचारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जी पिछले लगभग 21 दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर अनशन पर हैं। यह अनशन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों के समर्थन में चल रहा है। मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है, जो NEET-UG और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक व अनियमितताओं के लिए जवाबदेही से जुड़ी है।
वांगचुक जी ने पहले कहा था कि वे शारीरिक रूप से कमजोर हैं लेकिन “अंदर से मजबूत” हैं। उन्होंने लगभग 20% शरीर का वजन खो दिया है। उनका बयान था — “अगर प्याज की कीमत बढ़ने पर सरकारें गिर सकती हैं, तो छात्रों के लिए जवाबदेही मांगने से भी राजनीतिक बदलाव आ सकता है।”
सुबह दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार सोनम वांगचुक जी को जंतर मंतर से सफदरजंग अस्पताल स्थानांतरित कर दिया। पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्य की गंभीर गिरावट के कारण आवश्यक चिकित्सा देखभाल के लिए यह कदम उठाया गया। पुलिस ने अधिकतम संयम बरतने का दावा किया, हालांकि प्रदर्शनकारियों द्वारा बाधा डालने की कोशिश में हल्की झड़प हुई।
दूसरी ओर, CJP और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने जबरदस्ती हटाया, लाठीचार्ज किया और मंच पर चढ़कर उन्हें कवर किया। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को रोके जाने या हिरासत में लेने की बात कही गई है।
#Sonamwangchuck
#NEETprotest #democracy
सोनम वांगचुक जी भारत के युवाओं के लिए भूख हड़ताल पर हैं! और भारत का मानसिक दिवालिया युवा कहीं किसी नेता जी का सानिध्य प्राप्त करने की कोशिश में लगा हुआ है!
#युवा
माननीय मंत्री #नितिन_गडकरी जी पुत्र मोह में इस कदर अंधा होना नही चाहिए कि नक कुछ सुनाई दे और न ही दिखाई दे !
गला काहे सूख रहा है?
अगर भारत का पूरा मीडिया अपना काम निष्ठा से करें फिर क्या होगा? #Ethanol