@BhagwatYad42874@vijaysharmacg@OPChoudhary_Ind अनशन में बैठे डीएड धारियों के प्रत्येक अभ्यर्थी कम से कम 3-3 बार हॉस्पिटल भर्ती हो गए है अब इस बार सीधा अर्थी में जाने को तैयार , पद लिख कर भी अगर बेरोजगारी के दंश से मारना ही है तो अपने अधिकारों को मांग करते करते मारना पसंद करेंगे
#डीएड को दर्द से मुक्ति दे सरकार आज 27दिन होने को है #आमरण अनशन का सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट से न्याय मिलने के बाद भी सुशासन के सरकार से विनती है हमे बचे पदो पर न्युक्ति देने की कृपा करें।🥺🙏@vijaysharmacg@OPChoudhary_Ind
क्या छत्तीसगढ़ बीजेपी सरकार माननीय मोदी जी के नेतृत्व मे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का आदेश का अवहेलना कर के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अपमान कर रहे हैं और डीएड अभ्यर्थियों को 2300पद पर नियुक्ति नहीं दे रहे हैं जिससे डीएड अभ्यर्थी 24 दिसंबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं और 25 दिन हो गया और वर्तमान छत्तीसगढ़ बीजेपी सरकार डीएड अभ्यर्थी का सुध लेने तक नही आया है क्या यही मोदी जी का विकसित भारत है जिसमे 200 से अधीक डीएड अभ्यर्थी अपने जान देने के लिए अस्पताल में एडमिट है लेकिन बीजेपी सरकार का आंख नहीं खुल रहा है बीजेपी सरकार अपने आप को सर्वोच्च न्यायालय से बड़ा समझते हैं तो भारत के सभी न्यायालय को बंद कर देना चाहिए, क्या न्यायालय सिर्फ गरीब मध्यम परिवार वर्ग का शोषण करने के लिए बनाया गया है मोदी सिर्फ युवाओं को रोजगार देने के नाम पर जुमला बस फेंकते है और कुछ नहीं
न्यायालय का आदेश... और युवा का इंतज़ार!
कब जागेगा प्रशासन? ⚖️🚩
माननीय @vishnudsai जी, पूर्व मुख्यमंत्री @bhupeshbaghel जी का यह पत्र उन 2300+ D.Ed. अभ्यर्थियों की सिसकियों का दस्तावेज़ है, जो दो साल से दर-दर भटक रहे हैं।
उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने 26.09.2025 को स्पष्ट आदेश दिया था कि 2 महीने के भीतर भर्ती पूरी हो, मगर आज 3 महीने बीत जाने के बाद भी 'न्याय' फाइलों में कैद है। कड़कड़ाती ठंड में अनशन पर बैठे ये युवा अब 'खून' से खत लिखने को मजबूर हैं। 🩸❄️
मुख्यमंत्री जी, जब पद रिक्त हैं और कोर्ट का आदेश भी है, तो ये 'प्रशासनिक देरी' क्यों? इन भविष्य के शिक्षकों के धैर्य की परीक्षा न लें। 2300+ परिवारों की उम्मीदों को नया जीवन दें और तत्काल नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कराएं! @OPChoudhary_Ind
#CG_DELED_नियुक्ति_दो #JusticeForCGYouth
#सतभक्ति_के_चमत्कारी_लाभ
सतभक्ति से मोक्ष प्राप्त होता है। सांसारिक सुख, जैसे धन-संपत्ति और सेहत तो सतभक्ति के उप-उत्पाद हैं।
सतभक्ति करने से यहां भी सुख मिलता है और परलोक में भी सुख मिलता है।
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मुख्यमंत्री @vishnudsai जी, सरकार डीएड अभ्यर्थियों के मरने का इंतजार कर रही क्या?
आखिर क्यों सरकार 2300 सहायक शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति नहीं दे पा रही है?
डीएड अभ्यर्थी कड़ाके की ठंड में, भूख प्यास में दिन और रात अपनी नियुक्ति के लिए सरकार से गुहार लगा रहे हैं, फिर सरकार तक आवाज नहीं पहुँच रही है। ऐसा भी नहीं है कि डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन राज्य किसी दूरस्त क्षेत्र में हो रहा है। ये आंदोलन राजधानी रायपुर में ही हो रहा है, जहाँ सरकार के सारे मंत्री और सरकारी मशीनरी लगी हुई है।
अगर डीएड अभ्यर्थियों के इस आंदोलन के दौरान किसी भी आंदोलनकारी की जान जाती है तो इसके पूरी तरह से सरकार ही जिम्मेदार होगी।
#Ded_को_नियुक्ति_दो_साय_सरकार
@vishnudsai@vijaysharmacg@ArunSao3@bhupeshbaghel@DeepakBaijINC@Devendra_1925@INCChhattisgarh@brijmohan_ag@GajendraYdvBJP@TS_SinghDeo@yashwantbhilai@labheshghosh
भाजपा साय सरकार से हाथ जोड़कर करबद्ध निवेदन है. डी.एड सहायक शिक्षक को नियुक्ति दीजिए 🙏🙏
हम भी आपके ही छत्तीसगढ़ के बच्चे हैं🙏🙏😭😭
सहायक शिक्षक पद के रिक्त 2300 पदों पर नियुक्ति के लिए 24 दिसंबर से आमरण अनशन बैठे हुए हैं 80 से अधिक अभ्यर्थी हॉस्पिटल रेफर किया गया है क्या सरकार किसी प्रकार का अनहोनी होने के बाद सूद लेगी
#हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना के विरोध में 2300 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर 24 दिसंबर से डीएड अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन,
👉छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति न देने के विरोध में 24 दिसंबर 2025 से रायपुर के तूता धरना स्थल पर डीएड अभ्यर्थी का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।
आज आमरण अनशन का 11वां दिन है।
लगातार 11 दिनों से अनशन पर बैठे रहने के कारण 70 से अधिक अभ्यर्थियों की तबीयत गंभीर हो चुकी है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है, लेकिन अब तक शासन-प्रशासन का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है वर्तमान बीजेपी सरकार बोलते है की बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ लेकिन अब बेटियों को पढ़ाने के बाद बेटियो को रोड़ पर लाओ नारा बीजेपी को अपने स्लोगन में जोड़ना चाहिए
👉क्या है पूरा मामला संक्षेप में
👉मार्च 2023 में राज्य सरकार ने सहायक शिक्षक के 6285 पदों का विज्ञापन जारी किया, जिसमें डीएड एवं बीएड और नॉन डीएड नॉन टीईटी पास दोनों को प्राथमिक शिक्षक के लिए फॉर्म भराया गया
👉इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
👉10 जून 2023 को व्यापम के माध्यम से परीक्षा कराई गई।
👉02 जुलाई 2023 को परिणाम घोषित हुआ।
👉11 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट आदेश आया जिसमे बीएड योग्यता रखने वाले को प्राइमरी स्कूल से अपात्र कर दिया उसके बाद भी राज्य सरकार चार चरणों की काउंसलिंग में 5301 पदों पर बीएड को नियुक्ति दी गई,जिसमें 2897 बीएड अभ्यर्थी शामिल किया गया जिसमे इनकी नियुक्ति पत्र में लिखा था की आपकी नियुक्ति हाई कोर्ट के अंतिम फैसला के अधीन रहेगा, जबकि 984 पदों की काउंसलिंग नहीं कराई गई।
👉न्यायालय के स्पष्ट आदेश
👉02 अप्रैल 2024 को हाईकोर्ट बिलासपुर ने आदेश दिया कि बीएड अभ्यर्थी प्राथमिक शिक्षक के लिए अपात्र हैं और उनके स्थान पर डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाए।
👉इस आदेश को राज्य सरकार और बीएड अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
👉28 अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराया और स्पष्ट निर्देश दिया कि,बीएड अभ्यर्थियों को प्राथमिक विद्यालय से हटाकर 6285 पदों पर डीएड पात्रता रखने वाले का मेरिट सूची को रिअरेंज कर सभी पदों पर डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाए।
👉सरकार की लापरवाही
👉31 दिसंबर 2024 में केवल 2621 बीएड अभ्यर्थियों को बर्खास्त किया गया। और डीएड पात्रता रखने वाले का मेरिट सूची को बिना रिअरेंज कर के विभाग ने पांचवां चरण (5th Counseling) 1:1 में अत्यंत त्रुटिपूर्ण तरीके से कराया, बिना दस्तावेज़ सत्यापन के सीधे स्कूल आवंटन कर दिया। जिससे डीएड और टीईटी योग्यता न रखने वाले अभ्यर्थी काउंसलिंग मे शामिल नही हुआ जिससे 1316 पद रिक्त रह गया विभाग बोल रहे है सरकार और विभाग जिसको सर्वोच्च न्यायालय ने बाहर किया उसको 2621 को विज्ञान प्रयोगशाला में असंवैधानिक रूप से समायोजन कर दिया और जिसके साथ सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय किया वह आज तक रोड पर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं इससे सरकार की दोहरा नीति दिखाई दे रहा है
👉परिणामस्वरूप:
केवल 1299 डीएड अभ्यर्थी ही पात्र पाए गए
1316 पद रिक्त रह गए, क्योंकि कई लोगों के पास डीएड/टीईटी की योग्यता नहीं थी
इसके अतिरिक्त, 984 पद ऐसे हैं जिन पर आज तक किसी भी चरण में काउंसलिंग नहीं हुई। उसके बाद 2300 पद रिक्त रहते हुए भी विभाग के पास 4 महीने का समय रहते हुए भी 2300 पद के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया प्रारंभ नहीं करने पर डीएड अभ्यर्थी पुनः हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिसमें हाई कोर्ट बिलासपुर ने
👉26 सितंबर 2024 को राज्य सरकार को दो महीने के भीतर 2300 शेष पदों पर नियुक्ति करने का आदेश दिया। डीएड अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का आदेश का पालन न करने और तीन बार सर्वोच्च न्यायालय का आदेश होने के बाद भी न्यायालय के आदेशों की लगातार अवहेलना, विभागीय उदासीनता और भविष्य अंधकारमय होते देख समस्त पात्र डीएड अभ्यर्थी 24 दिसंबर से आमरण अनशन पर बैठने को विवश हुए हैं। आज 10वा दिन में 4 अभ्यर्थियों का तबीयत काफ़ी नाजुक है
👉कुल 2300 सहायक शिक्षक पदों (1316 रिक्त + 984 कभी काउंसलिंग न हुए पद) पर
तत्काल छठवें चरण (6th Counseling) की प्रक्रिया प्रारंभ कर सभी पात्र डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
👉चेतावनी
यदि शीघ्र ही शासन द्वारा न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की होगी।यह आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक,शांतिपूर्ण और न्याय आधारित है।
समस्त पात्र डीएड अभ्यर्थी
पूरा भाजपा मंत्रिमंडल नया साल मनाने में व्यस्त रहा,दूसरी ओर प्रदेश के कोने कोने से नियुक्ति की मांग को लेकर डी.एड/ डी.एल.एड. के मेरे भाई बहन कड़कड़ाती ठंड में न्याय की लड़ाई लड़ रहे है।
कल रात्रि मैने डी.एड/ डी.एल.एड.के प्यारे भाई बहनों के बीच गुजारी,उनकी समस्याएं सुनी,