नरेंद्र मोदी, अमित शाह कहते हैं- आने वाले कई साल तक देश में BJP की सरकार रहेगी।
मैं करीब 50 साल से राजनीति देख रहा हूं, लेकिन कोई भी नेता ऐसी बातें नहीं कह सकता।
इंदिरा गांधी जी ने बांग्लादेश का युद्ध जीता, उसके बावजूद अगले कुछ साल में Anti-incumbency हो गई। देश के कई प्रधानमंत्रियों-मुख्यमंत्रियों को इसका सामना करना पड़ा।
Anti-incumbency हिंदुस्तान की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत है।
लेकिन ये ताकत नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर असर क्यों नहीं करती- इसका जवाब दो इलेक्शन कमिश्नर्स ने दे दिया है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी
📍 दिल्ली
@ashokgehlot51 सर हमारी भी आवाज इस सरकार के पास पहुंचा दो हमारी आयुष मेडिकल ऑफिसर भर्ती का परिणाम आए काफी समय बीत चुका है मगर फ़िर भी ये सरकार हमे ज्वाइनिंग नहीं दे रही हैं।
@TikaRamJullyINC
तेल खाने को मना किया पीएम मोदी ने तो जलाने को क्यों नहीं मना किया?
बहरहाल 7.8 ग्रोथ रेट वाली अर्थव्यवस्था में आम जन के लिए दीए के तेल की क़ीमत जाननी हो तो ये वीडियो देखिए…
यह खड़गे साहब वाला मामला था, अब आप बताइए, हल्द्वानी गए थे वो। मैं आज नहीं, बचपन से कहता हूँ मानवता पर कलंक कहता हूँ मैं। मैं बचपन से कहता हूँ मीटिंगों के अंदर, एक मनुष्य जो है, दूसरे मनुष्य के साथ में छुआछूत रखे, इससे बड़ा कलंक नहीं हो सकता, यह मानवता पे कलंक है। ह्यूमैनिटी पे कलंक है ही यह, और है देश के अंदर। जातियाँ अलग, धर्म अलग, गोत्र अलग, सब बातें हैं। पर छुआछूत तो नहीं होनी चाहिए ना? वो छुआछूत होती है।
अब आप बताइए, अगर मल्लिकार्जुन खड़गे साहब, जो कांग्रेस प्रेसिडेंट हैं, वो गए वहाँ पे तो उसके बाद में उस स्थान को गंगाजल छिड़क करके, हवन करके, शुद्धिकरण किया जाने का यह अप्रोच रखी गई, तो खड़गे साहब ने हाउस के अंदर कहा , "मैं शेड्यूल कास्ट का हूँ, दलित हूँ, मैंने आज तक दलित के नाम पे कभी कोई चीज़ नहीं माँगी है।"
यह जो कुछ भी इन्होंने किया मेरे जाने के बाद में, यह मेरे को नहीं बल्कि देश के तमाम दलितों की भावनाओं को ठेस पहुँची है, कांग्रेस पार्टी को भी पहुँची है, और लाइक-माइंडेड लोग जो हैं, कोई पार्टी के हों, हो सकता है आरएसएस और बीजेपी के भी हों, वो भी उनमें भी ऐसे लोग होंगे जो कहेंगे यह गलत तरीका है। तो कहने का मतलब है कि खड़गे साहब ने खुल के बात करी।
ऐसे लोगों की मैं निंदा करना चाहता हूँ । पर दुख इस बात का है, वही बात फिर आती है, पहले पार्लियामेंट में देखते थे कि कोई क्वेश्चन लगा हुआ किसी मंत्री का है, मंत्री गैलरी तक आ गया और उसको लगा कि मेरा क्वेश्चन आ गया है, आने वाला है, आ गया है, अनाउंस हो गया है वो भाग के आता अंदर, सांस फूलता था उसका, और सॉरी फील करता चेयर से पहले वो, और फिर वो जवाब उत्तर देता। सब परंपराएँ खत्म।
मोदी जी और अमित शाह जी अभी 19 दिन तक नहीं आए हाउस के अंदर। विपक्ष के नेता और माँग करते रहे बुलाने की। मैंने क्या कहा आपको? नाम सुन लेते थे कि नाम आने वाला है हाउस के अंदर, दौड़ के आते थे।
कोई घटना-दुर्घटना देश के किसी भाग में हो गई, किसी भाग में हो गई और गंभीर घटना होती थी, तो सुओ मोटो स्टेटमेंट गृह मंत्री देते थे। तमाम परंपराएँ खत्म कर दीं इन्होंने।
और वही बात आती है इसके लिए भी, नड्डा साहब जो हैं, जेपी नड्डा साहब नेता हैं उसके राज्यसभा के, खड़गे साहब जब बोले तो उन्होंने खड़े होकर कहा, "मैं इसको गंभीरता से लेता हूँ, हमारा कोई संबंध नहीं, पूरी जाँच करूँगा और सजा दिलवाएँगे।" जो भी उन्होंने कहा, एक्सएक्ट वर्ड तो मुझे याद नहीं। आप मुझे बताइए, उन बात को एक महीने से अधिक निकल गए।
तो हम पूछना चाहते हैं दो-चार क्वेश्चन मेरे हैं। एक तो अभी तक भी उत्तराखंड पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज क्यों नहीं करी? तत्काल एफआईआर दर्ज करे। उपलब्ध जो वीडियो हैं, सोशल मीडिया पोस्ट्स हैं और आयोजकों के सार्वजनिक बयान क्या आए हैं, उसकी जाँच हो।
एससी/एसटी एक्ट जो है, नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों की क्या-क्या उनके ऊपर लग सकता है, उसमें वो कार्रवाई करें।
आयोजन करने वाले व्यक्तियों और संगठन की पहचान उनकी सार्वजनिक की जाए कि यह लोगों ने इस काम को किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी साहब जो हैं, उनको समयबद्ध जाँच की घोषणा करनी चाहिए। जेपी नड्डा साहब बताएँ कि उनके राज्यसभा में दिए गए आश्वासन पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और प्रधानमंत्री जी, मोदी जी को, नरेंद्र मोदी जी को खुद को इस घटना की स्पष्ट शब्दों में निंदा करनी चाहिए और दलित समाज को पूरे देश भर के अंदर आश्वस्त करना चाहिए कि संविधान के साथ में किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा, यह हमारी माँग है।
अब आप बता दीजिए इसमें क्या बुरा है? उल्टा चोर कोतवाल को डांटे!
राहुल गांधी जी को सपोर्ट करेंगे, जैसे मैं बोल रहा हूँ आपके सामने। कल मेरे खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर दें कि आपने अहमदाबाद में यह बातें बोली थीं। राहुल गांधी जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करी, यही तो कहा जो मैं बोल रहा हूँ और राहुल जी के खिलाफ में एफआईआर दर्ज भी हो गई वहाँ। जिनके खिलाफ दर्ज होनी थी जेपी नड्डा साहब के आश्वासन के बाद में, वो तो नहीं हुई, और राहुल गांधी के खिलाफ कर दी! तानाशाही प्रवृत्ति है इनकी, यह देश को तानाशाही की तरफ ले जाना चाहते हैं। इसीलिए ज्यूडिशियरी दबाव में है, इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया दबाव में है, ईडी, इनकम टैक्स, सीबीआई दबाव में है और ऐसी हरकतें कर रहे हैं जैसे यह आपकी सेंसस करवा रहे हैं, उसकी विधि भी गलत पकड़ ली इन्होंने।
आप बताइए कि आप क्या चाहते हो देश के लिए? 29 लाख वोट बंगाल के अंदर सही थे, प्रोसेस पूरा नहीं कर पाए ज्यूडिशियरी, जो बैठाए थे उन्होंने जजेज को, तो यह कह दिया गया कि यह 29 लाख वोट या 27 लाख वोट जो भी थे, इस बार नहीं अगली बार वोट दे देंगे।
NHM आयुष अधिकारी भर्ती परिणाम जारी हुए काफी समय बीत चुका है और रोजगार उत्सव में बधाई पत्र भी दिए जा चुके है पर अभी तक ज्वाइनिंग का कोई अता पता नहीं है
आखिर सरकार कब जागेगी
@alokrajRSSB@bhajanlalsharma
NHM आयुष अधिकारी भर्ती परिणाम जारी हुए काफी समय बीत चुका है और रोजगार उत्सव में बधाई पत्र भी दिए जा चुके है पर अभी तक ज्वाइनिंग का कोई अता पता नहीं है
आखिर सरकार कब जागेगी
@alokrajRSSB@BhajanlalBjp
आयुष अधिकारी भर्ती 2025 का अंतिम परिणाम जारी हुए काफी समय बीत चुका है। अभ्यर्थी आज भी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे है रोजगार उत्सव में शामिल इस भर्ती को अब और लंबित न रखा जाए।
#NHM_आयुष_अधिकारी_जोइनिंग_दो
आयुष अधिकारी भर्ती 2025 का अंतिम परिणाम जारी हुए काफी समय बीत चुका है। अभ्यर्थी आज भी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे है रोजगार उत्सव में शामिल इस भर्ती को अब और लंबित न रखा जाए।
#NHM_आयुष_अधिकारी_जोइनिंग_दो
ये वीडियो भारत में सत्तारूढ़ दल BJP के कर्नाटक यूनिट @BJP4Karnataka की तरफ़ से पोस्ट किया गया है। PM मोदी दुनिया में भारत को ‘Mother of Democracy’ के रूप में पेश करते हैं। लेकिन ये ‘हिंसात्मक वीडियो’ बताता है कि BJP अपने विरोधियों से कैसे निपटता चाहती है!