@KavitaTwoFifty@Keerti_Writes वह सागर का अंतिम छोर
जहाँ से होती #आशा की भोर
मन के उस व्यथित शिखर पर
जब पड़ती आशा की एक किरण
तब शोक कष्ट में डूबा हुआ मन
वह पुलकित हो जाता उस क्षण|
बस एक सबक है हमने सीखा
बड़ी कठिन जीवन की रेखा
समय तो होता गतिशील प्रति पल
जो आज ना हो सका
वह होगा निश्चित कल| #Kavita250