आरक्षण के समर्थन में वरिष्ठ पत्रकार श्यामलाल यादव सर ने जो कहा वह एकदम परफेक्ट है।
"जहां आरक्षण नहीं है, पहले वहां तो बराबरी की व्यवस्था लाइए, अगर ऐसा नहीं करते तो स्वाभाविक है कि मन में खोट है।"
@NijiSachiv तो तुम भी दिखा दो मना कौन किया है।
असली मुद्दा आरक्षण नहीं है ।
असली मुद्दा है कि बीजेपी के E20 प्रेम ने और देश में बढ़ते भ्रष्टाचार,राम मंदिर चोरी ने तुम लोगों की गाँव फाड़ दी है।और तुम्हे अच्छे से पता अकेले तुम्हारे बस की नहीं है इसीलिए तुम लोग बस असली मुद्दे से लोगो को भटका...
आज अचानक से सवर्णो को SC,ST और ओबीसी के लिए इतना प्यार कहा से उमड़ पड़ा।
ये बस एक राजनीतिक चाल है, जिसमें सबको आपस में लड़ा कर एक खास पार्टी को फायदा पहुंचाया जाए।
याद रखना "बटोगे तो कटोगे"
#आरक्षण
आरक्षण गरीबी हटाने की योजना नहीं है, बल्कि उस सामाजिक भेदभाव का जवाब है जो पीढ़ियों से लोगों के अवसर छीनता रहा है।
अगर आर्थिक स्थिति सुधर जाने से जाति खत्म हो जाती, तो शायद आरक्षण की बहस भी खत्म हो जाती।
सवाल है क्या आज भी समाज किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर देखना बंद कर चुका है?
आरक्षण पर राय देने से पहले उसके उद्देश्य को समझना जरूरी है।
#Reservation #CasteDiscrimination #SocialJustice #India
सरकार पहले EWS पर व्हाइट पेपर लाए, उसमें क्या सही लोगो को आरक्षण मिल रहा है या नहीं?
उसमें भी सुधार की जरूरत है।
PDA समाज बटोगे तो कटोगे ये बात हमेशा याद रखना।
योगी जी ने सही कहा था,"बटोगे तो कटोगे "
लेकिन ये बात PDA को समझना पड़ेगा।
क्योंकि बड़ी आसानी ये बात सबके दिमाग में सेट कर दी गई कि आरक्षण पर रिफॉर्म होना चाहिए।चलो हम मान लिये,लेकिन पहले EWS में चेक करो की सच में गरीब को मिल रहा है या फिर .......कोई और ही फायदा ले रहा है।
@NijiSachiv चिंता मत करो सब बराबरी में आएंगे और सब हिसाब मांगेगे।तुम्हारी समस्या यहीं है कि सब बराबरी में आ जाएंगे तो हमारा राज कैसे चलेगा। अगर तुम्हे उनकी चिंता होती तो "रिजर्वेशन हटावो आंदोलन" नहीं लाते।लेके बैठे हो 10% सच में देश का भला चाहते हो और ईमानदार हो तो छोड़ दो ews कोटा....
@NijiSachiv "अपने लोग लाएंगे" अच्छी लाइन है। और कितना देश का नुकसान करवाओगे अपने लोग लाकर
ग्रेड A व B कि नौकरियों में 85% जनरल कैटेगरी है क्या अच्छा कर दिया जरा बतावें हमे।तुम्हारी दिक्कत आरक्षण नहीं है,तुम्हारी दिक्कत है बराबरी क्योंकि तुम नहीं चाहते कि कोई तुम्हारी बराबरी करे।इसी घमंड को
एक तो रविंद्र नाथ टैगोर जी को पता नहीं क्या ज़रूरत थी इतना लंबा राष्ट्रगान लिखने की????
हम सतीश महाना जी के बीच में राष्ट्रगान छोड़ के जाने का 50 ग्राम समर्थन करते हैं।
@NijiSachiv हमारा हक है अच्छी शिक्षाऔर स्वास्थ अगर हम सरकार से इसकी मांग करते है तो हमें दिमागी नक्सल कहा जाता है। और तुम्हारी तो मांग ही खैर क्या कहे आप जैसे विद्वान सब जानते है देश किस तरफ जा रहा है। शायद आप लोग अगर अपनी जिम्मेदारी अच्छे से समझ ले तो देश बदल जाएगा।लेकिन आपको तो राजा बनाना
@NijiSachiv 15% कि आबादी है तुम लोगों की और घमंड की देश हम चला रहे है। और सच भी यही है ।तुम्हे आरक्षण से दिक्कत है देख लो आज भारत में हर बड़ा नेता जनरल कैटेगरी का हैं और इन सब ने देश का बेड़ागर्क किया हुआ है किसी भी फील्ड में देख लो शिक्षा स्वास्थ हर जगह।तुम चाटुकार थे और रहोगे।
@Shubhamshuklamp हनुमान चालीसा तो इसके पहले भी हो रहा था लेकिन क्या कर सकते है इसका लाइसेंस भी केवल सवर्णो के पास है । हम ओबीसी sc st कर ही क्या सकते है
पहले इस खाई को तो पाटो साहब । क्योंकि हमारे द्वारा की गई पूजा भी अछूत है। नहीं तो इसके पहले जंतर मंतर पर जो हनुमान चालीसा हुआ था उसकी भी...
@ajeetbharti तुम लोगों की असली समस्या ये नहीं है कि तुम्हे आरक्षण हटवाना है । तुम्हारी असली समस्या ये है कि धर्मेंद्र प्रधान का स्तीफा क्यों लिया गया ? उसके बदले में तुम्हे आरक्षण हटवाना है, अरे वाह! ये तुम लोगों की गलती नहीं है हम जैसे ओबीसी की है......जो तुम्हे लग रहा कि देश अकेले तुम्ही
@ajeetbharti अच्छा हुआ तुम लोगों ने तो हम लोगों की आँख खोल दी। 20% की आबादी वाले अकेले 50% से 80% तक का आरक्षण कैसे ले सकते है। हिंदू होने का लाभ सिर्फ तुम लोगों को मिलेगा?