जब संसद भवन की सुरक्षा में बैरिकेटिंग्स लगाए जा रहे थे तब राहुल गांधी अरविंद केजरीवाल अखिलेश यादव डिंपल यादव संजय सिंह कह रहे थे कि मोदी आप छात्रों से क्यों डरते हो ??
अब जरा यह झारखंड विधानसभा के चारों तरफ रेजर वायर फेंसिंग देखिए
ऐसी रेजर वायर फेंसिंग सीमा पर देश के दुश्मनों के घुसपैठ को रोकने के लिए लगाई जाती है
और इस तरह की रेजर वायर फेंसिंग झारखंड विधानसभा में तीन लेयर में लगाई गई है
यानी अगर छात्र एक लेयर की रेजर वायर फेंसिंग पार करने में सफल भी हो जाते हैं तो उन्हें आगे दो और रेजर वायर फेंसिंग क्रॉस करनी पड़ेगी
और सुना है कि तीसरे वाले फेंसिंग को इलेक्ट्रिक फेंसिंग बनाया गया है
अब यह तानाशाही नहीं है
अब यह हिटलरशाही नहीं है
अब राहुल गांधी अरविंद केजरीवाल संजय सिंह अखिलेश यादव डिंपल यादव नहीं कहेंगे कि हेमंत सोरेन अपने ही छात्रों से डर गया
आखिर भारत का विपक्ष इतना बड़ा दोगला क्यों है ???
इमरान मसूद ने कांवड़ियों पर बरसाए फूल, भगवा पटके से किया स्वागत
सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद अंबाला रोड के एक कांवड़ शिविर में पहुंचे. उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कांवड़ियों पर गुलाब के फूल बरसाए और प्रसाद भी बांटा 🤣😂
घर वापसी की तैयारियां होरी है 😍
#ImranMasood #Saharanpur #KanwarYatra
ये आख़िरी मौका है अब नहीं तो कब?
गरीब का बच्चा गरीब है, तो उसका हक़ उसकी पहचान देखकर क्यों तय हो? सवाल सिर्फ हक़ का नहीं, समान अवसर का है।
#EndReservation
Cost of UPI transactions: 2,000 crores
Just MP ladli behena cost: 23,882 crores
We build the economy,we pay the taxes and we carry the burden of using our own money through UPI.
1001th reason of why tax payers are jokers in this country.
Judicial Servant..!
Feeling the heat of his own words now..
When even law students start questioning the CJI, something is seriously broken.
More than 450 NALSAR students have reportedly opposed inviting CJI Surya Kant as the chief guest at their convocation.
These aren’t random protesters. They are law students—the very people being trained to enter the justice system.
For years, ordinary citizens have raised questions about judicial accountability, transparency, double standards and corruption.
Now the questions are reaching the classrooms of tomorrow’s lawyers.
When even students who are supposed to look up to the judiciary are losing faith in it, the problem is no longer just public perception.
It is a crisis of credibility.
A judiciary that refuses to introspect should not be surprised when citizens stop trusting it.
" @JharkhandPolice द्वारा पत्रकार @AmanChopra_ जी को होटल में नाश्ता करते हुए पूछताछ के नाम पर उठाना लोकतंत्र का अपमान है। जब छात्र परीक्षा घोटालों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं तो सरकार का पहला काम पत्रकार को दबाना बन गया।
@RahulGandhi , @HemantSorenJMM और उनके सहयोगी दिल्ली में प्रेस की स्वतंत्रता का ढिंढोरा पीटते नहीं थकते, पर जब सच्चाई उनकी सरकार पर आघात करती है तो वही आजादी तानाशाही में बदल जाती है। यह दोहरा चरित्र अब किसी से छिपा नहीं।
जो लोग छात्रों के हित की बात करते हैं वे आज कहाँ हैं? चुप इसलिए हैं क्योंकि सच उनके चेहरे से नकाब उतार रहा है। जनता सब देख रही है।
कनाडा के टोरंटो में 30 वर्षीय भारतीय मूल की महिला हिमांशी खुराना की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी अब्दुल गफुरी को गिरफ्तार कर लिया है।
हत्या के लगभग सात महीने बाद फरार मुख्य आरोपी और मृतक महिला के लिव इन पार्टनर 32 वर्षीय अब्दुल गफूरी को टोरंटो एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया है।
दरअसल, हिमांशी खुराना का शव पिछले साल 20 दिसंबर को कनाडा के टोरंटो में उसके आवास बरामद हुआ था, जिसे टोरंटो पुलिस ने घरेलू हिंसा के तहत हत्या का मामला करार दिया था।
हिमांशी का साथी अब्दुल गफूरी, जो टोरंटो का ही रहने वाला था, उस समय पुलिस द्वारा प्रथम श्रेणी हत्या के आरोप में वांछित था। पुलिस ने शनिवार को एक बयान में कहा कि उसे शुक्रवार को टोरंटो हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय पुलिस एजेंसियों की मदद से कनाडाई पुलिस ने आरोपी को पकड़कर प्रथम श्रेणी हत्या के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
हिमांशी खुराना 19 दिसंबर 2025 की रात को हत्या की गई थी। टोरंटो पुलिस ने बताया कि उन्हें स्ट्रैचन एवेन्यू और वेलिंगटन स्ट्रीट वेस्ट इलाके से एक महिला के लापता होने की सूचना रात करीब 10:41 बजे मिली और उन्होंने तलाशी अभियान शुरू किया। अगले दिन सुबह करीब 6:30 बजे उसी इलाके के एक घर के अंदर से महिला का शव बरामद हुआ।
टोरंटो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने हिमांशी खुराना की मौत पर गहरा सदमा व्यक्त करते हुए कहा था कि वह उनके परिवार को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।
#Canada #HimanshiKhuranaMurder #JagranNews
A Thakur man was surprised to discover that two labourers working at his house were Brahmins.
He recorded the video to let the world know about the condition of the General Category in India.
They are often assumed to be wealthy and, as a result, are denied access to many government benefits and welfare schemes.
This is the reality of GCs
जैसा उम्मीद थी, वही हुआ!
इंडी गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि छात्रों की बाकी मांगें मान लेंगे, लेकिन CBI जांच नहीं होगी। जांच हमारी सरकार और CID ही करेगी।
अब जरा सोचिए...
जिस सरकार पर ही छात्रों और विपक्ष की तरफ से नौकरी में गड़बड़ी और पैसे लेकर नौकरी बेचने जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं, अगर वही सरकार अपनी एजेंसी से अपनी ही सरकार के खिलाफ जांच करवाएगी तो क्या सच सामने आएगा?
आरोप है कि झारखंड में नौकरियों की मंडी लगी हुई है और दलालों के जरिए दूसरे राज्यों से पैसे वाले लोगों को लाकर क्लास-1, क्लास-2 और क्लास-3 की नौकरियां बेचने का खेल चल रहा है।
अगर ये आरोप झूठे हैं तो फिर CBI जांच से डर कैसा?
ईमानदारी है तो CBI को जांच करने दीजिए।
क्योंकि सवाल सिर्फ नौकरी का नहीं है...
सवाल ये है कि जांच आरोपी की पसंद की एजेंसी करेगी या सच की?
एक बात तो साफ़ है। ये सरकार स्वर्ण विरोधी है।
सुप्रीम कोर्ट में PIL लगी। सवाल सीधा था —
“अगर SC/ST परिवार से कोई पहले ही उच्च सरकारी पद पर रह चुका है, तो क्या उसके बच्चों को भी आरक्षण मिलना चाहिए?”
केंद्र सरकार का जवाब साफ है: —
SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं होगा।
OBC का सर्टिफिकेट हर 2-3 साल में नया बनवाना पड़ता है, क्योंकि क्रीमी लेयर चेक होती है।
लेकिन SC-ST में? एक बार सर्टिफिकेट मिला, तो पीढ़ी दर पीढ़ी आरक्षण का हक। अमीर हो या गरीब, IAS हो या मंत्री, कोई फर्क नहीं।
जो लोग सबसे ज्यादा लाभ ले चुके हैं, उन्हीं के परिवारों को हमेशा के लिए आरक्षण का लाइसेंस मिल गया है।
सामाजिक न्याय का नाम लेकर एलिट कैप्चर को कानूनी संरक्षण।
#NotMyCJI
Judicial Servant only give threat in his Court.
Apne ilake me ______ v sher hota hai.
Students of Hyderabad have denied taking degrees from Chief Justice of India…
This is beyond shocking. The disease has reached critical Govt offices.
Exposing Love Jihad at CDAC pune with proof
The C-DAC Pune is the headquarters and a top research and development center for the Centre for Development of Advanced Computing, located at Innovation Park, Panchavati, Pashan, Pune - 411008, Maharashtra, India.
It operates under India's Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) and focuses on supercomputing, AI, and IT training
Where are we heading with this quam??
देखो इस दोगले विपक्ष को, खासकर कांग्रेस को, जो कल तक कहते थे, किसानों के सामने बैरिकेड्स क्यों लगाए?
जो कल तक कहते थे कि संसद मार्च हो रहा था, तब पुलिस ने लाठी क्यों मारी?
वही विपक्ष और उसकी सरकार, और उसी की कांग्रेस सरकार झारखंड में आज होने वाले विधानसभा के घेराव के लिए छात्रों के सामने कंटीले तारों के बैरिकेड्स लगाए गए हैं।
और ऐसे बैरिकेड्स डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में चार जगह लगाए गए हैं।
और इतना ही नहीं, जिस सवाल पर राहुल गांधी ने और कांग्रेस ने पूरी संसद को पूरे मानसून सत्र तक जाम किया, वही सवाल झारखंड में राहुल गांधी के सामने मुँह बांए खड़ा है।
वहाँ पर पुलिस के पास पेलेट गन देखी गई है।
रांची का स्टूडेंट प्रोटेस्ट एक शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट है।
आज पंद्रह दिन होने को आए, एक भी असभ्य और गैरकानूनी घटना वहाँ नहीं घटी है।
अब कहाँ है राहुल गांधी?
वो क्यों नहीं पूछता अपनी सरकार से, कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में पुलिस वालों के पास पेलेट गन क्यों हैं?
आज पूरा देश झारखंड के छात्रों के साथ खड़ा है।
क्योंकि उनकी मांगें गैरकानूनी नहीं हैं।
सीबीआई की मांग कर रहे हैं।
अगर हेमंत सोरेन पाक साफ है, तो डर किस बात का है?
क्यों नहीं वो इस पूरे पेपर लीक घोटाले और भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपते हैं?
ये छात्रों का जोश है,
ये भदेस छात्र है।
जंतर मंतर पर रील बनाने वाले पिज्जा बर्गर पीढ़ी नहीं है।
हेमंत सोरेन को डरना चाहिए।
क्या पता आज का छात्र आंदोलन और आज का दिन हेमंत सोरेन की सरकार का आखिरी दिन हो।
युवाओं के सवालों को कंटीले तारों से नहीं रोका जा सकता।
✊ जय झारखंड।
जय छात्र एकता।
जय युवा शक्ति।
पत्नी प्रेग्नेंट है, घर जाना जरूरी है… लाइन में पहला नंबर था, काउंटर पर बैठी महिला ने ₹500 लेकर किसी ओर को दे दी टिकट।
रेलवे के तत्काल टिकट काउंटर पर एक आदमी दो दिन से टिकट के लिए परेशान था। गर्भवती पत्नी घर पर इंतजार कर रही थी। लाइन में सबसे पहले था।
आरोप है कि काउंटर पर बैठी महिला कर्मचारी कुछ लोगों से 500-500 रुपये लेकर उनका नंबर पहले कर टिकट दे रही थी।
जब आदमी ने विरोध किया तो बहस हो गई। बदतमीजी की गई, फोन छीनने की कोशिश हुई और धमकी भी दी गई कि अंदर करवा दूंगी। OTP गलत होने का बहाना भी बनाया गया।
Students from Jharkhand have begun their march towards the Vidhan Sabha.
Look at the massive crowd, the anger in their eyes, and the determination on their faces.
They have been protesting for days, standing in the rain, and even going on a hunger strike.
Just cancelling the JPSC is not enough. There should be a CBI enquiry on the exam irregularities, and the culprits who have been playing with students' lives for years must be given strict punishment.
JSSC-CGL and all exams connected to the TSR Data Processing Private Limited Agency, a blacklisted entity, must also be cancelled.