तुम्हारे राज में पाकिस्तान आए दिन भारत पर आतंकवादी हमले कर्ता था तब tumhari मालकिन सोनिया गांधी और उनका मुनीम मनमोहन सिंह सिर्फ उन हमलों की भर्त्सना (condemn) कर लेते थे औऱ अपनी जिम्मेदारी खत्म मानते थे।
#ISI के जासूस को उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भारत में आकर जासूसी करने का निमंत्रण भेजते थे।
आपकी मालकिन सोनिया गांधी या उसके मुनीम मौनमोहन सिंह के मुँह में #ISI ने नोटों की गडड़ी भर दी थी इस लिए उनका मुँह नहीं खुला।