विपक्ष का काम आम जनता की समस्याओं को उजागर करना है ना कि सरकार की हर वक्तव्य पर अपना टिप्पणी देना क्या सरकार कार्य कर रही है आम जनता पर उसका क्या असर हो रहा है विपक्षी पार्टियों इस मंतव्य से काम ही नहीं कर रही ,वह केवल अपना उल्लू सीधा करना चाहती है क्या यह विपक्षी पार्टी की नीति.
मनुस्मृति में हिन्दू समाज को चार वर्णों में बाँटा गया
1.ब्राह्मण
2.क्षत्रिय
3.वैश्य
4.शूद्र
संविधान में भी समाज को चार वर्गों मे बाँटा गया है-
1.General
2.OBC
3. SC
4. ST
मनुस्मृति कर्म अनुसार
संविधान जन्म के अनुसार
अब प्रश्न यह कि सबसे बड़ा जातिवादी कौन?
मनुस्मृति?
या
संविधान?
आज Vedaa फ़िल्म देखी है। इस फ़िल्म में जॉन अब्राहम और विलेन के तौर पर अभिषेक बनर्जी हैं।
अगर आपको जानना है कि जातिवाद क्या होता है ? तो आप यह फ़िल्म देखिए।
इस फ़िल्म की कहानी राजस्थान के बाड़मेर की है जहां
एक जितेंद्र प्रताप सिंह प्रधान जी किस तरह से एक बैरवा परिवार पर अत्याचार करता है यह उसकी कहानी है।
फ़िल्म बहुत बेहतरीन है, उन लोगों को यह फ़िल्म अवश्य देखनी चाहिए जो हमेशा कहते हैं कि
आरक्षण क्यों है ?
उत्तर प्रदेश में बाबा जी के सत्संग में 130 लोग मारे गए उसकी कोई ख��ज खबर नहीं है . सरकार की नियत और सी��त साफ होनी चाहिए। सभी विपक्षी पार्टियों इस मुद्दे पर अपना मुंह नहीं खोलना चाहते हैं क्योंकि जो प्रवचन देने वाला बंदा था वह निचली जाति का था।
महोदया, आपने दादा और दादी का जिक्र किया आप बताने का कष्ट करेंगे कि राहु��� गांधी के दादाजी और दादी कौन है? यदि आपको उनके जन्म का पता ��हीं है तो कृपया पहले उनके जन्म को जाने और उसके बाद किसी के बारे में कटाक्ष करने का कष्ट करें?
चाटुकारिता की भी एक सीमा है!!!!
अनुराग ‘गोली मारो’ ठाकुर,
आपकी जाति जानने में मुझे तनिक भी रुचि नहीं है, लेकिन अपने चरित्र का परिचय आप बार बार देते हैं - ‘गोली मारो’ जैसे भड़काऊ भाषण देकर और सदन में राहुल गांधी की जाति पूछकर!
आप हर बार ऐसे नफ़रत वक्तव्य इसलिए बोलते हैं क्योंकि आपकी पार्टी में यही आपकी उपयोगिता है - यह�� ट्रोल बने रहने में आपका फ़ायदा है
कल निर्मला सीतारमन जी जातीय जनगणना पर हँस रही थीं और आज आपने सारी मर्यादा ही लांघ दी
राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी को बेरोज़गारी, महँगाई, अग्निवीर, किसानों, जातिगत जनगणना जैसे मुद्दों पर चारों ��र से घेर लिया है और इसीलिए आप जैसे लोगों को मर्यादा भंग करने के लिए अब मैदान में उतारा गया है
आप राहुल गांधी की जाति जानना चाहते हैं? किसके पर-दादा इस देश की आज़ादी के जंग के दौरान साढ़े नौ साल जेलों में रहे? किसके दादा ने इस देश पर अपनी उम्र खपा दी? किसकी दादी और पिता ने इस देश के लिए शहादत दी? किसकी माँ लांछन सुनकर भी इस देश के लिए समर्पित हैं? और ख़ुद राहुल गांधी? उनके सामने खड़े रहने की न तो आपकी ���ैतिक हैसियत है और ना क़द
राहुल गांधी की जाति जाननी है तो जाकर रामचेत मोची से पूछिए, सब्ज़ी बेचने वाले रामेश्वर से पूछिए, निर्भया की माँ से पूछिए, हाथरस की गुड़िया के परिवार से पूछिए, शहीद अग्निवीरों के परिवार से पूछिए, करोड़ों दलितों, वंचितों, आदिवासियों, पिछड़ों से पूछिए जिनके हक़ की लड़ाई वो लड़ रहे हैं
राहुल गांधी का नाम सड़कों पर लेकर देखिए यह देश अपने बेटे अपने भाई पर किस तरह मोहब्बत ल��टाता है
और एक बात याद रखिय��गा राहुल गांधी और INDIA गठबंधन ने ठान लिया है, जातिगत जनगणना तो हो कर रहेगी
@ajitanjum दुकान के आगे अपना परिचय देने में किसी को क्या परेशानी हो सकती है। यदि हम सम्मान के साथ किसी द���कान का परिचय देते हैं तो क्या उससे हमारी उसके प्रति भावनाएं बदल जाती है ???
यह तो देखने वाले और सुनने वाले के मन में संदेह पैदा करता है!!!!!???
एक गरीब रेहड़ी वाले को आदेश है कि वो अपने नाम की तख़्ती लगाये
जिससे कि कांवड़ियाँ मुसलमान फल वालों से कुछ ख़रीद ना लें
किसी मुसलमान के होटल में खाना न खा लें
जब बैठे बिठाए कुछ समझ ना आए तो नफ़रत का छौंका लगाना BJP की आदत है
कभी तो जोड़ने की बात करो, कब तक तोड़ोगे?
इस देश ने इतना बड़ा संदेश दिया फिर भी समझ नहीं आ रहा?
ईश्वर ना करे, लेकिन अगर तबियत बिगड़ जाए और सामने मुसलमान डॉक्ट�� हो तो क्या करेंगे?
अगर खून की ज़रूरत पड़ जाए और खून देने वाला मुसलमान हो तब क्या करेंगे?
और अगर नाम बबलू, मुन्ना, पप्पू और गुड्डू हुआ तो क्या करेंगे?
कितनी विडंबना है यह उन काँवड़ियों के लिये किया जा रहा है जो शिवरात्रि के लिये अर्पित होने वाले जल को लेने जाएँगे
यह फूहड़ और ढोंगी स्वयंभू धर्म के ठेकेदार भगवान शिव को और उनकी विराटता को कब समझेंगे?
किसी गरीब के पेट पर लात मारने पर मेरे भगवान मेरे महादेव बिलकुल प्रसन्न नहीं होंगे
मुस्लिमों से सामान ना ख़रीदने की इस साज़िश को समझिए
यह वही जाहिल हैं जो अयोध्या हारते ही वहाँ के हिंदुओं के बहिष्कार की वकालत करने लगे थे
गरीब का बॉयकॉट करने वाला प्रशासन और डरपोक सरकार सिर्फ़ और सिर्फ़ अपनी विफलताएँ छुपाने के लिए इस तरह की नफ़रत फैलाते हैं
लेकिन मेरा देश मोहब्बत का देश है - और यह नफ़रत को बार-बार हरा देता है
नफ़रत का बाज़ार मत लगाइए, सेब अब्दुल बेचे या अनिल बस मीठा होना चाहिए!
कितना भी ज़ोर लगाइए, जीत तो मोहब्बत की ही होगी!
हर हर महादेव!
@SupriyaShrinate हे राम दुबारा मत आना
अब यहाँ लखन हनुमान नही।।
सौ करोड़ इन मुर्दों में
अब बची किसी में जान नहीं।।
भाईचारे के चक्कर में,
बहनों कि इज्जत का भान नहीं।।
इतिहास थक गया रो-रोकर,
अब भगवा का अभिमान नहीं।।
याद इन्हें बस अकबर है,
उस राणा का बलिदान नही।। 🙏
इतिहास गवाह है कि अयोध्या वासियों ने हमेशा अपने सच्चे राजा के साथ विश्वासघात ही किया है।
आज ठाकुर, ब्रह्मामण भूमिहार भी खुश है, आज यादव भी खुश है, आज दलित भी खुश है, आज मुस्लिम भी खुश है, बस आज हिंदू न���राश है!😡😎🤔🧐 @narendramodi @AmitShahOffice @myogioffice
@JaikyYadav16 भाई तुम्हारे अंदर इतना दुख कैसे आता है?? यह तब कहां जाता है, जब बेरोजगारी और भुखमरी के कारण गरीब मर रहा है तो उसमें आपके कलम आपके वेदना कहां घास चरने जात��� है। क्या आपको जो लोग तिल तिल करके मर रहे हैं वह संवेदना दिखाई नहीं देती है!!!
केवल व केवल प्रचार?????? @ajitanjum @INCIndia
@KumarSoyat@JaikyYadav16 वहां पर इसलिए सुरक्षित माना गया है कि मुस्लिम लोग एक अधिकार के तहत और एक कानून के तहत वहां पर निवास करते हैं। जो उसकी शक्ति से पालन किया जाता है । जबकि हमारे देश में भारतवर्ष में कानून और कानू��� के रखवाले समाज की सुरक्षा तो नहीं कर पाते हैं मगर आम जनता इसका पालन भी नहीं करती है!!!