इस भीड़ को देखिए ये धीरेंद्र शास्त्री की सभा नहीं है बल्कि नगीना सांसद @BhimArmyChief की सभा है!
धीरेन्द्र शास्त्री की सभा में 50 हजार लोगों को 5 लाख बताने वाली जातिवादी मीडिया ने इस भीड़ को कवर तक नहीं किया!
@aajtak@ABPNews@ndtvindia क्या ये भीड़ तुमको भीड़ नहीं लगती!!
वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2025 में 4037 पद बढ़कर पदों की संख्या बढ़कर 10537 हो गई।
आप सभी को शुभकामनाएं एवं बधाइयां 🎉🎉✌️
Special Note :-
ध्यान रहें - अच्छे से तैयारियां पूरी कर लें, ऐसा मौका भविष्य में दशकों में आता है।
पेपर लीक की गंभीर और अक्षम्य घटना के कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद्द करने का निर्णय न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह छात्रों के भविष्य के साथ खुले रूप से खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
यह याद दिलाना आवश्यक है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। वर्ष 2024 में भी NEET परीक्षा के दौरान पेपर लीक की घटना हुई थी। ऐसी दोहराव वाली घटनाएँ परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि सफल परीक्षा आयोजित करना भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के लिए अपने-आप में एक बड़ी परीक्षा है।
NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी।
22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया।
किसी पिता ने कर्ज़ लिया,
किसी माँ ने गहने बेचे,
लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,
और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार।
यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है।
हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं।
अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे।
अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा?
प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
मध्यप्रदेश में एक दलित युवक को खंभे से बांधकर जातिवादी कट्टरपंथियों द्वारा बेरहमी से प्रताड़ित किया गया। यह भयावह घटना भारत में दलितों के खिलाफ जारी अमानवीय जातीय उत्पीड़न की कड़वी सच्चाई को उजागर करती है। दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए।
जातिवाद और गुंडागर्दी की ये तस्वीर भयावह है ... छतरपुर में एक दलित परिवार से पटेल परिवार के लोग मंदिर के लिये चंदा मांगने आए, 2 क्विंटल गेंहू मांगा ... दलित परिवार ने 1 क्विंटल देकर असमर्थता जताई ... थोड़ी बहस हुई फिर पिटाई!
💟 BPSC TRE 4 💟
शिक्षकों के समर्थन में बिहार के Maths के महसूर शिक्षक बिपिन सर।
✅ जब पहले से शिक्षक बनने लिए पहले से ही
DELED और CTET या BED और STET लागू है BPSC में PT के साथ Mains लागू करना से भी उचित नहीं है।
@BPSCOffice
इंदौर में महंगाई ने छात्रों की कमर तोड़ दी है। PSC/ESB की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए रहना-पढ़ना मुश्किल हो गया। गैस सिलेंडर के खिलाफ उनका विरोध पूरी तरह जायज़ है।
#छात्र_हित में NEYU हमेशा आगे रहा है और रहेगा-हम इस आवाज़ के साथ हैं! #StudentProtest
एक ही डॉक्टर कई जिलों के अस्पतालों में “कागजों पर” तैनात
कहीं भोपाल, कहीं सतना, कहीं शाजापुर।
एक डॉक्टर का अलग-अलग जिलों के अस्पतालों में एक साथ दर्ज होना यह किसी सिस्टम की गलती नहीं, बल्कि संगठित लापरवाही और मिलीभगत का संकेत है। यह मामला सिर्फ नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है यह सीधे-सीधे मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है।
स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी केवल कागजों की जाँच तक सीमित नहीं होती। जब शिकायतें पहले से थीं, तो यह फर्जीवाड़ा इतने बड़े स्तर तक कैसे पहुंचा? जब तक इस पूरे खेल में शामिल अस्पतालों, दलालों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यह “पेपर वाले डॉक्टर” मरीजों की जिंदगी के साथ खेलते रहेंगे।
मुख्यमंत्री जी इस पूरे मामले मे संज्ञान लें एवं निष्पक्षता से जाँच कराए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
@INCIndia@INCMP@DrMohanYadav51@rshuklabjp
#US11650
💟 BPSC TRE4💟
10 लाख से अधिक शिक्षक अभ्यर्थियों को न्याय दीजिए।
✅ BPSC के परीक्षा नियंत्रक महोदय से आग्रह है ,की आप अपने वादे के मुताबिक जल्द से जल्द TRE 4 का विज्ञापन जारी कीजिए।
#Release_TRE4_Notification
#Release_TRE4_Notification
हर गली में आवाज उठेगी,
हर सड़क पर भीड़ जमेगी,
अब सिस्टम को सुनना होगा,
युवाओं को चुनना होगा,
ये आंदोलन रुकने वाला नहीं,
अब कोई झुकने वाला नहीं,
TRE4 अभी जारी करो!
मध्यप्रदेश में शिक्षा सुधार के नाम पर जो तस्वीर पेश की जा रही है, जमीनी हकीकत उससे बिल्कुल उलट है। पिछले 15 वर्षों में 49 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों पर ताले लग चुके हैं, और अब सर्वसुविधायुक्त विद्यालय के नाम पर छोटे स्कूलों को विलय कर बंद करने की नई तैयारी चल रही है।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और विभागीय आंकड़े साफ बताते हैं कि समस्या भवन की नहीं, बल्कि नीयत और नीति की है। प्रदेश में 1,15,678 शिक्षक पद खाली हैं, 1,968 स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं और 46,417 स्कूलों में सिर्फ दो शिक्षक हैं। ऊपर से 15 हजार स्कूल ऐसे हैं, जहां 20 से भी कम विद्यार्थी हैं—क्योंकि शिक्षा व्यवस्था पहले ही कमजोर कर दी गई।
पहले स्कूलों को संसाधनों से वंचित करो, फिर कम छात्र का बहाना बनाकर बंद कर दो, और उसे सुधार का नाम दे दो!
स्कूल चलें हम का नारा देने वाली सरकार अब स्कूल बंद करें हम की नीति पर चल रही है।
मैं मध्यप्रदेश सरकार से मांग करता हूं कि स्कूलों के विलय के नाम पर बंदी रोकी जाए, सभी रिक्त शिक्षक पदों पर तत्काल भर्ती की जाए और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस नीति लागू की जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
@JansamparkMP