कॉकरोच जनता पार्टी के स्थापक अभिजीत दीपके के पिताजी को नोटिस दिया गया है
उनसे सवाल पूछे गए है कि महज 65000 कि नौकरी में उन्होंने बेटे अभिजीत को विदेश पढ़ने कैसे भेजा था
इसके जवाब में अभिजीत ने वीडियो रिलीज़ कर के बताया है कि वो अपने एजुकेशन लोन और स्कॉलरशिप के कागजात दिखाने को तैयार है
लेकिन उन्होंने सवाल किया है कि क्या मोदीजी अपनी डिग्री दिखाएंगे?
वैसे सवाल तो यह भी है कि भीख मांग कर खाने वाले साहेब जी खुद विदेश घूमने कैसे गए थे?
उनकी फंडिंग किसने की थी?
जिस जमाने में अमीर लोगों के लिए भी विदेश घूमना एक सपना होता था
तब साहेब जी फूल सूट बूट में विदेश कैसे घूम रहे थे?
Gen-Z को छेड़ना BJP को भारी पड़ रहा है,
अब लड़कियां मैदान में उतर चुकी हैं,
अभी भी भाजपाई चुप हो जाएँ और इनके खिलाफ बोलना बंद कर दें तो शायद ये लोग रुक जाएँ !
अगर भाजपा के लोग और भक्त इनके खिलाफ बोलते रहे तो ये सरकार को जड़ से ख़त्म कर देंगे इतना याद रखना !
प्रधानाचार्य का वेतन 1 लाख रुपए है
अब बताइए, क्या वह खुद ईंट उठाएगा ?
ईंट तो वही उठाएगा, जिसके हाथों में मजबूरी होगी - या मजदूर, या मजदूर का बच्चा ।
फर्क सिर्फ जगह का है... कहीं भट्टे पर ईंट उठती है, तो कहीं स्कूल में ग्राम पंचायत बेहरी , पीलीभीत
Hello friends कभी हाथ में प्लास्टर दिख रहा है कभी गायब हो जा रहा है.
अभी-अभी 5 घंटे पहले एक नया Reel इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया गया है जिसमें हाथ से प्लास्टर गायब है.
RAF में कमांडेंट सोनिया सेहरावत 20 तारीख को जंतर-मंतर पर हुई मार पीट में चोटिल हो गईं थी.
अभी छुट्टी पर हैं घर में अपनी बहनों के साथ एंजॉय कर रही हैं लेकिन इस समय फिर से प्लास्टर लग गया है.
विशेष चेतावनी: बहरूपिये भाजपाई बहेलियों से दूर रहें !
सत्ताधारियों के साथ सिर्फ़ अंधेरे में रहने वाले भूमिगत, अनरजिस्टर्ड संगी-साथी ही नहीं हैं, बल्कि इस बहु-भुजाओं वाले _‘ऑक्टोपस गिरोह’_ के और भी कई हाथ हैं, जो चमचमाती लाइट में बैठकर और अपने ‘कुविचार-वंशियों’को आसपास बैठाकर ‘खुली साज़िश’ करते हैं, लोगों को किसी और बहाने से बुलाकर फँसाते हैं और दिनदहाड़े घेरकर शिकार करने की कोशिश करते हैं। ये ‘बहरूपिये बहेलिये’ हैं, जिनका भंडाफोड़ अब सरेआम हो गया है।
मूल रूप से ये वो ‘सुरंगजीवी गिरोह’ है जो अकेले को देखकर भीड़ बनाकर घेरकर शिकार करता है, लेकिन भीड़ को देखकर अलग-अलग होकर अंडरग्राउंड हो जाता है।
अपने आस-पास के घरों में गहराई से तलाशें! ये बिना KYC वाले लोग कहीं आपके आस-पड़ोस के किसी घर में प्रवास-वास न कर रहे हों। इनकी पहचान ये है कि ये थोड़े संदिग्ध टाइप का व्यवहार करते हैं। मन के मैले ये लोग साफ़-सुथरे, साधारण कपड़ों में रहते हैं। निकलते अकेले हैं लेकिन किसी ख़ुफ़िया जगह पर एक-दूसरे से अंजान बनकर अख़बार के पीछे मुँह छिपाकर फुसफुसाते हैं। बच्चों को अपना शिकार बनाते हैं, बड़ों पर झूठे इल्ज़ाम लगाते हैं, चरित्रहीनों को माला पहनाते हैं, अपने पुरुषवादी तंग नज़रिये के कारण नारी का अपमान करते-करवाते हैं, बहन-बेटियों और दुखी माँ तक को सरेआम धमकाते हैं, नारी की आज़ादी पर नैतिकता के नाम पर पाबंदियाँ लगाते हैं। धन-लोलुपता, बदज़ुबानी, दग़ाबाज़ी, धोखे और षड्यंत्र के साथ-साथ बेशर्मी और बेरहमी इन स्वार्थियों की सबसे बड़ी पहचान है, जिसके लिए ये इंसान क्या, भगवान तक को ठग लेते हैं।
अपने तन-मन का रखें विशेष ध्यान : ख़तरे से रहें सावधान!
#CC_to_CC
#जो_भाजपा_का_साथी_वो_रामघाती_महापापी
𝐈𝐧𝐬𝐮𝐥𝐭 𝐭𝐨 𝐭𝐡𝐞 𝐍𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥 𝐄𝐦𝐛𝐥𝐞𝐦!
Yesterday PM Modi was in Andhra Pradesh for the Inauguration of Bhogapuram Airport.
That Airport was 𝐍𝐨𝐭 built by any Political Party — It Was Built With 𝐓𝐚𝐱𝐩𝐚𝐲𝐞𝐫𝐬’ 𝐌𝐨𝐧𝐞𝐲.
The Roadshow He Staged there was also Paid for with 𝐓𝐚𝐱𝐩𝐚𝐲𝐞𝐫𝐬’ 𝐌𝐨𝐧𝐞𝐲.
The Entire Event Was An Official Government Function.
So Why The Hell was A Political Party’s Symbol Stuck Right Next To The National Emblem?
They Deliberately Shoved the National Emblem into a Corner Where It Could Barely Even Be Seen.
𝐈𝐬 𝐓𝐡𝐢𝐬 𝐍𝐨𝐭 𝐀 𝐁𝐥𝐚𝐭𝐚𝐧𝐭, 𝐒𝐡𝐚𝐦𝐞𝐥𝐞𝐬𝐬 𝐈𝐧𝐬𝐮𝐥𝐭 𝐓𝐨 𝐓𝐡𝐞 𝐍𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥 𝐄𝐦𝐛𝐥𝐞𝐦?
𝐈𝐬 𝐓𝐡𝐢𝐬 𝐖𝐡𝐚𝐭 𝐌𝐨𝐝𝐢’𝐬 "𝐍𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧𝐚𝐥𝐢𝐬𝐦" 𝐋𝐨𝐨𝐤𝐬 𝐋𝐢𝐤𝐞?
#Tiranga #FriendshipDay #E20Fuel #E20Petrol