@samajwadiparty इस तरह की बातें करने वालों के खिलाफ मुकदमा क्यूँ नहीं करते हो। एक पार्टी के कारण पूरे जाति को अपमानित किया जा रहा है। समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को FIR करना चाहिए। दो पार्टी के चुनावी उठा पटक में जाति पर प्रहार क्यूँ?
@yadavakhilesh@yadavakhilesh जी, ऐसे शब्दों के खिलाफ राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट और राज्यपाल को पत्र लिखकर जवाब मांगिए—क्या संविधान की शपथ लेने वाला कोई व्यक्ति किसी जाति या धर्म को सामूहिक रूप से बदनाम कर सकता है?आप सांसद हैं, आपकी आवाज़ में ताकत है। यह संविधान और सम्मान का सवाल है।
@oprajbhar@rashtrapatibhvn क्या ये भाषाशैली भारतीय संविधान के उल्लंघन नहीं करती हैं ? क्या कोई राजनेता अपने निजी स्वार्थ के लिए किसी जाति या धर्म पर अमर्यादित टिप्पणी करने के स्वतंत्र हैं? इन्होंने संविधान के शपथ ली है। क्या शपथ-पत्र में ऐसे करने की अनुमति दी जाती हैं?
@chitraaum@AnilYadavmedia1 ये दोनों बाप बेटा को केवल जाति जाति खेलना है। पार्टी पार्टी खेला हो गया न। मंत्री बने हैं मंत्री होते कितने काम किया उत्तर प्रदेश के विकास में कितने योगदान किया इनसे कोई मतलब नहीं है। इतने घटिया लोग हैं कि एक जाति विशेष (यादव) को लेकर समाज में नफरत फैला रहा है।
@samrat4bjp@narendramodi बख्तियारपुर का नाम बदलने वाले हैं तो इनके नाम पर नया नाम रख दीजिए। इन्होंने मातृभूमि की सेवा में अमर बलिदान दी हैं। नाम कुछ इस प्रकार के हो सकते हैं जैसे:- नथुग्राम,नथुपुरा,नथुनगर,नथुगंज।