BREAKING 🚨
Delhi Police has registered another FIR against Rahul Gandhi & Priyanka Gandhi alleging assault and obstruction of duty during protest
Second FIR in 2 days. Medal number 47 for RaGa. 53 more to go 🔥
मेरे एक क्रेडिबल सोर्स ने बताया है कि दिल्ली NCR क्षेत्र में जितने भी छोटे-बड़े विपक्षी नेता हैं और एक्टिविस्ट्स हैं (CJP समेत) उन सभी को हाउस अरेस्ट किया जा सकता है। संभवतः आज शाम से कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
Huge love and support to the sibling duo ❤️ Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi.
May everyone have a brother and sister like they are for each other ❤️❤️🫂🫂
@RahulGandhi & @priyankagandhi love your love for each other❤️❤️
ब्रेकिंग न्यूज 🚨
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर कहा कि ,
“ चुनाव आयोग बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहा है , यह बात राहुल गांधी जी बिल्कुल सही कह रहे थे.
मैं यह बात पहले से कह रहा हूँ कि ज्ञानेश कुमार से पहले राजीव कुमार भी यही करते थे।
इसलिए राजीव कुमार को भी नहीं बख्शा जाना चाहिए ,,
दरअसल इससे पहले चुनाव में घोटाले को लेकर राहुल गांधी पहले ही पूर्व सीईसी राजीव कुमार पर उंगली उठा चुके हैं।
आज सारे मंत्रियों और नेताओं को लगाया गया कि वे मोदी को महान बताएं। इनको लगता है कि ऐसा करने से जनता मान जाएगी कि मोदी और ज्ञानेश वोट चोरी नहीं कर रहे हैं। लेकिन अब ये सब हथकंडे नहीं चलेंगे।
कल मुहल्ले के वॉट्सएप अंकल टकरा गए। वॉट्सएप यूनिवर्सिटी पर हिंदू मुसलमान भेजने वाले रिटायर्ड अंकल हैं। बातचीत में बोले, मोदी अब जा रहा है। इसका बहुत हो गया। इतनी महंगाई बढ़ा दी है कि घर चलाना मुश्किल है।
इनका घड़ा भर चुका है और जनता का भी भूत उतर चुका है।
ज्ञानेश कुमार मोदी जी के लिए कितने फायदेमंद हैं ये आपको रेवंत रेड्डी जी की बात से समझना चाहिए।
रेवंत रेड्डी जी का कहना है कि
नरेंद्र मोदी, ज्ञानेश कुमार को इस तरह से इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि चुनाव को प्रभावित किया जा सके और चुनाव में उन्हें जीत मिले ताकि
वो आगे संविधान में बदलाव करके आरक्षण को खत्म कर सकें।
इसी का विरोध दर्ज कराने के लिए वो हैदराबाद से दिल्ली आए थे और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। देश को ऐसे नेताओं की बहुत सख्त जरूरत है जो लोगों के न्याय के लिए लड़ जाए।
ज्ञानेश कुमार की उम्र 62 वर्ष है जबकि दैनिक भास्कर के अनुसार उनकी माता जी "सत्यवती गुप्ता" की उम्र 76 वर्ष है।
यानि कि मां और बेटे के बीच उम्र का महज 14 वर्ष का ही अंतर है।
लेकिन दूसरी तरफ वहीं जब वोटर और वोटर के माता पिता की उम्र में 15 साल से कम का अंतर होता है तो उन्हें SIR की तरफ से नोटिस मिल जाता और वोटरलिस्ट नाम तक हट जाता है।
इस रूल के हिसाब से SIR की पहली नोटिस खुद ज्ञानेश कुमार को मिलनी चाहिए— जो नियम ज्ञानेश ने बनाए उस क्राइटेरिया को ये खुद पूरा नहीं कर पा रहे हैं।