इस्लाम के बिना यदि हिंदुत्व अधूरा है, तो डॉ हेडगेवार ने @RSSorg की स्थापना की ही क्यों.?
शर्मनाक है.. मोहन भागवत ने संघ की आत्मा को मार दिया औ�� संघी चुप हैं।
संघ ने अपना उद्देश्य खो दिया परिणामस्वरूप आज हज़ारों शाखाएं लगनी बंद हो गयी, गर्वित स्वयंसेवक संघियों ने अपनी इस पहचान से बाहर जाने का निर्णय कर लिया।
संघी अब भी चुप हैं।
@DrMohanBhagwat @narendramodi
धर्���पत्नी बदचलन हो गई है, उसे बहुत बार समझाया गया पर मानने को तैयार नहीं ।
हमने तवायफ को चाभी नहीं दी, धर्मपत्नी को ही आजाद कर दिया जहां खुश हो उधर जाओ दुबारा हमारे पास वापस मत आना।
��र अब धर्मपत्नी वापस आनें को तड़प रही हैं।🤫😜
बंदे में है दम #CJI की #UGC मामले पर सुनवाई के दौरान पूरी टिप्पणी पढ़िए / जिसे पढ़कर कंचना, निर्देश, प्रियंका, राजकुमार भ��टी, नीले टाटी इत्यादि की आँखे फट के बाहर आ गईं :-
CGI की टिप्पणी - हम जातिविहीन समाज चाहते हैँ, आप क्या देश को भूतकाल में ले जाना चाहते हैँ ? गाइडलाइन्स एक ही पक्ष को ध्यान में रखकर बनाई गई हैँ #सूर्यकान्त जी
वकील के जिरह पर :- जाति की पूरी व्यवस्था आपने ब्राह्मणों पर मढ़ कर समाज में नफरत घोल दी है, क्या मुस्लिमों की जातियां भी ब्राह्मणों ने बनाई है? ईसाई में जातियां भी ब्राह्मणों की दें है? बौद्ध, सिख, जैन क्या सभी की जातियां ब्राह्मणों ने बनाई है? अगर ब्राह्मणों की जातियों से इतनी दिक्कत है तो आज ही अपने नाम से जाती हटा लीजिये ( #suprimeCaurt ) कौन आपको रोकेगा? कौन आपको अपने नाम के आगे जाति लगाने के लिए विवश कर रहा है?
स्टे देते समय :- अगर एक समाज खुद को IAS, IPS, CJI, President, PM बनकर भी खुद को शोषित ही रखना चाहता है तो इसमें गलती ब्राह्मणों की नहीं बल्कि उसकी अपनी मानसिकता की है ।
अद्भुत दृश्य था कोर्ट में , दलील और समर्थन पक्ष के लोगो के चेहरे से हवाईया उड़ी थी ।
भाजपा हारी तो सवर्णों का क���या होगा ?
सवर्णों को क्यों डरा रहे हो भाई ? सवर्ण लड़ना जानते हैं लड़ेंगे हर सरकार में लड़े है..
सवर्णों के साथ जो विश्वासघात हुआ है, अगर सवर्णों ने यूपी चुनाव में उस पीड़ा को व���यक्त कर दिया तो.. अगले पांच साल में सबकी गर्मी उतर जाएगी..!
भारत���य राजनीति में नरेंद्र मोदी जी बहुत ही छोटी सोच के नेता हैं......वरना वो SCST एक्ट को अपनी गरिमा नहीं समझते... उसमे बढ़ाये गए... दायरे पर अपनी छाती ठोंक कर गर्व नहीं करते.....
शासक का काम समाज में संतुलन बनाना होता है, न कि एक वर्ग को डराकर दूसरे वर्ग से तालियां बटोरना।
पत्रकार:- SC/ST एक्ट के दुरुपयोग पर चर्चा चल रही है
जस्टिस गवई (पूर्व CJI):- इस एक्ट में संसद में कुछ संशोधन लाने चाहिए जिससे इसका मिस यूज रुके
पत्रकार:- लेकिन वो तो हो नहीं रहा है, संसद में इसमें सुनवाई नहीं कर रही है
जस्टिस गवई:- समाज को प्रेशर बनाना चाहिए, जैसे अभी CJP का आंदोलन था, जिससे सरकार सुने
दलित समाज से आने वाले जस्टिस गवई भी अब खुलकर SC/ST एक्ट के दुरुपयोग पर चर्चा कर रहे हैं।
UPI शुल्क में कुछ संशोधन करना होगा..
1- दबी कुचली समाज से आने वाली महिलाओं को बाहर रखना होगा
2- पिछड़ा, दलित एवम महा ���लित समाज को इससे बाहर रखना होगा
3- स्वर्ण समाज के व्यक्ति को सभी के हिस्से का एमडीआर चुकाना होगा अगर ऐसा नही करता है तो SCST के तहत गिरफ्तारी का प्रावधान..!
मैं नरेंद्र मोदी को हमेशा एक नो नॉनसेंस नेता मानते आया हूं जिसे अपनी मजबूतियों का और कमजोरियों का पता है, हवा में नहीं रहता
पर आज अपने 76 या 77 वें जनमदिन को रो��न राजा की तरह मनवाने का उनका उत्साह और उत्कंठा देख वाकई खीझ हुई।
ये आदमी जमीनी हकीकत से कट चुका है और अपने चाटुकारों के बनाए स्वप्नजाल में घिरा हुआ है जो जाल जब टूटेगा तो सिर्फ सत्ता ही नहीं अपने साथ और भी बहुत कुछ ले जायेगा।
मोदी एक्ट मोदी को ले डूबेगा दुनिया की कोई ताकत अब मोदी जी की सरकार 2029 में जाने से नहीं बचा सकती यूजीसी मोदी एक्ट को लेकर गांव गांव यही धारणा बन गई कि मोदी का इंटेंशन सवर्णों का नुकसान करने का है ये अब आम धारणा है ये मेरा नहीं हर उस आदमी को दिख रहा जो जमीन से जुड़ा है।
एक ही देश... एक ही कानून... आरोप भी एक जैसे... तो फिर कार्रवाई का पैमाना अलग-अलग क्यों?
15 से 20 दिनों में SC/ST Act के तहत दर्ज मामलों की जमीनी हकीकत ये है...
स्वतंत्र भारद्वाज: 14 दिन की न्यायिक हि��ासत
अजीत भारती: अग्रिम जमानत याचिका खारिज
राहुल गांधी: कोई बड़ी कार्रवाई नहीं
आशुतोष रांका: कोई बड़ी कार्रवाई नहीं
सवाल किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, सवाल है 'कानून के निष्पक्ष और समान पालन' का...
सवाल किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, सवाल है.. क्या देश में कानून सबके लिए बराबर है, या फिर राजनीतिक और सामाजिक हैसियत देखकर कार्रवाई तय होती है? क्या देश में कानून सबके लिए बराबर है, या फिर राजनीतिक और सामाजिक हैसियत देखकर कार्रवाई तय होती है?
पूरा विश्लेषण देखिए वीडियो में मेरे सोशल मीडिया चैनल्स पर
#SCSTएक्ट
#ajeetbarati
@ajeetbharti
@NijiSachiv
@AshutoshRanka
@CJP_for_India
@BhimArmyChief
> मोदी सवर्णों के खिलाफ।
> राहुल सवर्णों के खिलाफ।
> केजरीवाल सवर्णों के खिलाफ।
> चंद्रशेखर रावण सवर्णों के खिलाफ।
> मायावती सवर्णों के खिलाफ।
> अखिलेश यादव सवर्णों के खिलाफ।
> तेजस्वी यादव सवर्णों के खिलाफ।
यहां तक कि भारत के जितने बड़े नेता हैं सब सवर्णों के खिलाफ, बांकी छोड़ो सवर्ण समाज के नेता भी सवर्णों के खिलाफ।
बताओ सवर्ण इस देश का नागरिक नहीं है क्या?