नरेंद्र मोदी की सरकार में लोको पायलट्स के जीवन की रेल पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है।
गर्मी से खौलते केबिन में बैठ कर लोको पायलट्स 16-16 घंटे काम करने को मजबूर हैं।
जिनके भरोसे करोड़ों ज़िंदगियां चलती हैं, उनकी अपनी ज़िन्दगी का कोई भरोसा नहीं रह गया है।
यूरिनल जैसी बेसिक सुविधाओं से भी वंचित लोको पायलट्स के न काम के घंटों की कोई लिमिट है और न ही उन्हें छुट्टी मिलती है। जिसके कारण वह शारीरिक और मानसिक रूप से टूट कर बीमार हो रहे हैं।
ऐसे हालात में लोको पायलट्स से गाड़ी चलवाना उनकी और यात्रियों की जान को जोखिम में डालना है।
INDIA लोको पायलट्स के अधिकारों और वर्किंग कंडीशंस को बेहतर किए जाने के लिए संसद तक आवाज़ उठाएगा।
इस छोटी सी चर्चा को देखकर आप भी उनकी पीड़ा को महसूस कर सकते हैं।
Railway Minister @PiyushGoyal Pls resume initial ALP training in ER. Selected Candidates are still looking for training schedule from April2020 that It will be declared in September 2020 butTraining is again postponed in January2021. Pls start training in ER. #SpeakUp4AlpTraining