आदरणीय मुख्य सचिव महोदय का कार्यकाल बढ़ाया गया
सर राजस्थान शिक्षा विभाग में कंप्यूटर शिक्षा सिर्फ कागजों में चल रही है धरातल पर कुछ नहीं
कंप्यूटर अनुदेशक ने परेशान होकर त्यागपत्र दिया
निवेदन है कि कंप्यूटर शिक्षा की हालत पर संज्ञान लीजिए @svoruganti1466@IASassociation
एक कम्प्यूटर अनुदेशक का राजकीय सेवा से त्यागपत्र देना केवल एक कर्मचारी का व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था के सामने खड़ा गंभीर प्रश्न है।
#Sirohi#रेवदर : सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल छोड़ सरकारी कार्मिक ने दिया इस्तीफ़ा
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय रेवदर के बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक मुकेश कुमार ने राजकीय सेवा से दिया त्याग पत्र, स्कूल की जगह सरकारी कार्यालयों में कम्प्यूटर ऑपरेटर का काम करवाने को लेकर जताई नाराजगी, स्कूलों में आधुनिक तकनीकों से विद्यार्थियों को शिक्षण करवाने की बजाय सरकारी कार्यालयों में ऑपरेटर बनकर बैठाने का जताया विरोध, प्रधानाचार्य ने जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रेषित किया पत्र
@JituSant9@sharad_tak #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee
आदरणीय
@Ra_THORe जी
क्या आपने और मदन दिलावर जी ने कम्प्यूटर अनुदेशको को नाश्ते में चाट कर जाने का फैसला लिया है
कांग्रेस सरकार ने गलत कैडर बनाया_ माना
लेकिन
ना आप उस गलती को सुधार पाए
ना कंप्यूटर अनुदेशको को सम्मान दिया
और ना वेतन ना ही व्यवस्थित कैडर
रहम करो मालिक 🙏🏻
नियुक्ति : Computer Instructor
वास्तविकता में अधिकारियों की मंशा : सरकारी Computer Operator
और कागजों में : शिक्षा व्यवस्था मजबूत!
जिस शिक्षक को विद्यार्थियों को Programming, Computer Science और आधुनिक तकनीक सिखानी थी, उसे ही विभाग ने ऐसा “बहुउद्देशीय कर्मचारी” स
@abhijeet_dipke जी अगर शिक्षा के लिए इतने जागरूक और गंभीर है तो राजस्थान में आज की सबसे जरूरी शिक्षा कंप्यूटर शिक्षा और उन्हें पढ़ाने वाले #कंप्यूटर_अनुदेशक के लिए आवाज उठाए।
भर्ती की पढ़ाने के लिए लेकिन कार्यालयों में ऑपरेटर बना दिए
इसी से आहत होके एक शिक्षक ने इस्तीफा दे दिया।
एक कम्प्यूटर अनुदेशक का राजकीय सेवा से त्यागपत्र देना केवल एक कर्मचारी का व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था के सामने खड़ा गंभीर प्रश्न है।
जिस पद का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को #ComputerScience, #ComputerProgramming एवं आधुनिक तकनीकी शिक्षा देना है .....
एक तरफ विभाग कहता है—
बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना है, AI और नई तकनीकों को बढ़ावा देना है।
दूसरी तरफ जिस Basic Computer Instructor (BCI) को Computer Science और Programming के लिए नियुक्त किया गया, उसकी तकनीकी क्षमता का स्कूल में ऐसा उपयोग हुआ कि—
स्कूल के लिए Software तैयार किए गए
AI आधारित Face Recognition Attendance System – “Visora ID” बनाया गया
Mobile Application विकसित की गई
Attendance Management System तैयार किया गया
बच्चों को भी Software और Project बनाने के लिए प्रेरित एवं मार्गदर्शित किया गया
बच्चों की तकनीकी प्रतिभा को निखारने का काम किया गया।
और इन सबके Project Coordinator/Guide – Mukesh (Basic Computer Instructor) रहे।
लेकिन अब सवाल यह है—
जिस व्यक्ति से स्कूल में AI और Software Innovation करवाया जा सकता है,
क्या विभाग को उसमें सिर्फ “Computer Operator” ही दिखाई देता है?
ऐसे दृष्य देख के मन बहुत आहत होता है । @RajCMO@BhajanlalBjp@madandilawar@AshutoshRanka हो क्या रहा है इस देश में समझ नहीं आता देश को आगे बढ़ाना है तकनीक में या पीछे लेकर जाना है। अभिभावक अपने बच्चों का भविष्य सोच समझ के एडमिशन करवाए सरकारी स्कूल में।
जब **कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर** से कंप्यूटर साइंस पढ़ाने के बजाय गैर-शैक्षणिक कार्य कराए जाएंगे, तो सरकारी स्कूलों के नौनिहालों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा कौन देगा? 🤔
> यह सवाल सिर्फ एक पद का नहीं, बल्कि डिजिटल भारत के सपने और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का है—आखिर हमारी भूमिका एक 'शिक्षक' की है या सिर्फ 'कंप्यूटर ऑपरेटर' की? 💻📚
> छात्रहित और शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोपरि रखते हुए इस व्यवस्था पर उच्च स्तर पर नियमानुसार पुनर्विचार होना अति आवश्यक है।
हम पूरी ईमानदारी से अपना अध्यापन कार्य और तकनीकी जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं, लेकिन छात्रहित और शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोपरि रखते हुए इस व्यवस्था पर उच्च स्तर पर नियमानुसार पुनर्विचार होना अति आवश्यक है।
@rajeduofficial@RCTA_official@casrajasthan@DrTnsharma@RajCMO@TheDeepeshJJN
श्रीमान निदेशक महोदय जी का सख्त आदेश है कि किसी भी पंचायत सहायक का अनावश्यक रूप से मानदेय बकाया नहीं रहना चाहिए।
प्रत्येक माह मानदेय का भुगतान हो जाना चाहिए।
हम सबको पता है कि सरकारी नौकरी कितनी मुश्किल से लगते हैं लेकिन जब आप को विवश होकर छोड़ना पड़ता है तो वास्तव में एक सोचने लायक बात है निदेशक महोदय कोई चीज संज्ञान में लेनी चाहिए....@1stIndiaNews@new