नेपाल में ग्लेशियर झील फटने से हुई भीषण तबाही की खबर अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। जिसमें 105 भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबर बेहद चिंताजनक है।
भगवान से प्रार्थना है कि सभी लापता पर्यटक सकुशल हों, राहत एवं बचाव कार्य शीघ्र स���ल हो और सभी लोग सुरक्षित अपने परिवारों के बीच लौट सकें।
इस कठि�� घड़ी में हमारी संवेदनाएं नेपाल के प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं।
#Nepal
#NirmalChoudhary
LDC का परिणाम 21 अगस्त को होगा जारी ✅🫵
कोई भी कम कट ऑफ दिखा कर आपको सांत्वना देते रहेंगे, हकीकत यही है
GEN. - 155-165
OBC. - 147- 157
SC. - 135-146
ST. - 125-135
Cut Off इससे कम नहीं होने वाली है
सभी को अग्रिम शुभकामनाएं 💐🇮🇳
हमारे समय के सवाल...
हालांकि हमने कभी सोचा नहीं था कि इस मुद्दे पर भी कभी बात करनी पड़ेगी। लेकिन हाल ही में हुए एक आंदोलन ने हम जरा पुराने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
युवाओं का यह तर्क भी सही है की सांसद विधायक तो बलात्कारी भी चलेगा लेकिन आंदोलनकारी संस्कारवान ही चाहिए। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे युवा पीढ़ी संस्कारवान ही हो। लेकिन हमने जो परिवेश रचा है, उसे पर तो कभी ज्यादा करने की पहल की ���ी नहीं गई? जैसा परिवेश होगा, पीढ़ियां वैसी ही तो तैयार होंगी!
नए जमाने की फिल्में, तमाम OTT प्लेटफॉर्म्स पर चलने वाली फिल्में और इंटरनेट पर बाकी माध्यम गाली गलौज से भरे तो पड़े हैं। सब कुछ आराम से देखा भी जा रहा है और पचाया भी जा रहा है। फिर उसका नतीजा क्या निकलेगा? आप क्या समझते हैं कि इन चीजों का कोई असर नहीं आएगा? ऐसा संभव नहीं होता है।
इसलिए पहले अपना घर संभालिए
उसके बाद समस्या की गहराई पर बात कीजिए
आज इस आवाज में दर्द है...
राजवीर सिंह चलकोई को हम सुनते रहे हैं। उनकी बोली में हमेशा एक खनक रहती है अल्हड़पन झलकता है। मैंने इस पूरे वीडियो में देखा कि वो बात कहीं भी नहीं है। ��्यों?
क्योंकि हमारे आत्मसम्मान पर चोट ही हुई है
राज्यपाल महोदय ने एक आदेश जारी कर राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों में मराठी के केंद्र खोलने के लिए कह दिया है। दूसरी तरफ वर्षों से राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए संघर्ष कर रहे लोग अभी तक राजस्थान के विश्वविद्यालयों में राजस्थानी के केंद्र नहीं खुलवा पाए हैं। स्कूलों में राजस्थानी की पढ़ाई शुरू नहीं करवा पाए हैं। राजस्थान की राजभाषा नह��ं बनवा पाए हैं। पीड़ा तो है। सच्ची है। झलकेगी ही। छलकेगी ही।
राजस्थान वालों के चेहरे पर ऐसा जोरदार झापड़ मारा गया है, जिसका अहसास तो हुआ है लेकिन आत्म गौरव खो चुके लोग यह तय नहीं कर पा रहे कि रिएक्ट क्या करना है और कैसे करना है। इस पीड़ा को सभी सुनें और और सोचें कि हम अभागे लोग कहां खड़े हैं?
वीडियो साभार @republic