महाराष्ट्र में 1,400 किलो केले जब्त: केमिकल में डुबोकर पका रहे थे, इसे खाने के हेल्थ रिस्क, ऐसे पहचानें केमिकल्स
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें- https://t.co/xOfCcTInej
#healthcare#healthyliving#Lifestyle
15 साल की गरीब बच्ची गरबा खेलने आई थी, सत्ता की धौंस सहने नहीं! इंदौर में भाजपा मंडल अध्यक्ष पर बच्ची को धक्का देने और बदसलूकी के आरोप हैं। परिजनों से कथित गाली-गलौज, विरोध करने पर धमकी और जवाब,बुला लो पुलिस!
बेटियों को संस्कार और सुरक्षा का पाठ पढ़ाने वालों से सवाल है बेटी को गरबा खेलने का हक देंगे लेकिन क्या रसूखदारों से रजामंदी लेनी होगी?? @GargiRawat
दूध -पनीर ,दवा-दारू ही नहीं, सीमेंट-सरिया तक नकली है!
सोचिए, यही नकली सामान किसी सरकारी स्कूल की छत में लगेगा, किसी अस्पताल की दीवार में इस्तेमाल होगा या किसी सरकारी भवन के Concrete Pillars में। फिर जब छत गिरती है, इमारत दरकती है या कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी कीमत सिर्फ पैसों में नहीं, इंसानी जिंदगियों में चुकानी पड़ती है।
नकली दवाइयाँ बीमारों की जान खतरे में डालती हैं, मिलावटी खाद्य पदार्थ सेहत से खिलवाड़ करते हैं और घटिया निर्माण लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालता है। नकलीपन और भ्रष्टाचार का यह गठजोड़ जनता को हर पल जोखिम में डालता है। लेकिन चिंता किसे है ?
सबसे ज्यादा नुकसान उन गरीब, वंचित और ग्रामीण परिवारों को उठाना पड़ता है, जिनके पास न हर सामान की गुणवत्ता जाँचने का साधन है, न हर बार न्याय पाने की ताकत।
विडंबना देखिए जिन अधिकारियों और एजेंसियों पर निगरानी की जिम्मेदारी है, अगर मिलीभगत से ऐसे कारोबार चल रहे हो , तो आम आदमी भरोसा किस पर करे?
UP- कानपुर नीरज और धीरज गुप्ता ने नकली सीमेंट बनाने का कारोबार शुरू किया. प्राइवेट से लेकर सरकारी सेक्टर में सीमेंट बेचा जा सके इसलिए ACC और अंबुजा सीमेंट के डीलर बन गये.
इस गैंग में मेरठ का सुनील मित्तल और निशांत मित्तल भी शामिल था.
यह गैंग बुन्देलखंड से एक्सपायर्ड सीमेंट 10-20 रूपये प्रति बोरी के रेट में नीलामी में खरीद लेता था. एक्सपायर्ड सीमेंट मिक्सर मशीनों में पीसकर प्रिन्टिंड बोरियों में भर देते थे. 30 रूपये प्रति बोरी को 250-280 रूपये बोरी के रेट में सप्लाई करते थे.
इस गैंग ने एयरपोर्ट और 10 जिलों में सीएम ग्रिड की सड़कों के ठेकेदारों को नकली सीमेंट की सप्लाई की. हर महीने 30 हजार बोरी सीमेंट की सप्लाई थी.
🚨 Indian Express Investigation 🚨
⦿ खबर मिसाइल बनाने वाली सरकारी डिफेंस कंपनी Bharat Dynamics Limited (BDL) पर है👇
⦿ Indian Express के मुताबिक- BDL ने 300 ऑप्टिकल साइट्स (मिसाइल के जरूरी पार्ट्स) खरीदने के लिए एक प्राइवेट कंपनी को ₹56.8 करोड़ का 'सिंगल टेंडर' दे दिया
'सिंगल टेंडर' यानी बिना किसी कॉम्पीटिशन वाले इस टेंडर में बवाल ये है कि:
♦️जिस प्राइवेट कंपनी Aindri Defence Advisory को 'सिंगल टेंडर' दिया गया- वह BDL के पूर्व चेयरमैन सिद्धार्थ मिश्रा और उनकी पत्नी ने 2024 में बनाई थी
♦️Aindri Defence Advisory में मिश्रा की पत्नी शांभवी की 95% हिस्सेदारी है
सवाल ये भी है 👇
⦿ BDL ने 2024, 2025 में भी ऐसे ही ऑप्टिकल साइट्स खरीदे थे और तब कॉम्पिटिशन के आधार पर टेंडर दिए गए थे
⦿ लेकिन इस बार अचानक कॉम्पिटिशन हटाकर, सिंगल टेंडर सिर्फ पूर्व CMD की पत्नी वाली कंपनी को ही क्यों दिया गया?
♦️जब 'सिंगल टेंडर' के मामले में बवाल मचा तो हवाला 'अर्जेंसी' को दिया गया
⦿ Indian Express की जांच में यह भी पता चला कि जिस Aindri Defence को 56.8 करोड़ का सिंगल टेंडर मिला
♦️उसके हैदराबाद के NSIC कैंपस (कुशाइगुडा) में कंपनी के ऑफिस ताला लगा मिला
♦️दूसरी मंजिल के एक कर्मचारी ने बताया कि “कभी-कभी दो लोग आकर ऑफिस खोलते हैं”
♦️ कंपनी के रिकॉर्ड के मुताबिक, 2024-25 की बैलेंस शीट में कोई प्रॉपर्टी, फैक्ट्री या मैन्युफैक्चरिंग एसेट नहीं है
♦️ कंपनी का सालाना रेवेन्यू सिर्फ ₹44.43 लाख और मुनाफा ₹2.89 लाख दिखाया गया (वो भी सिर्फ सर्विस से)
यानी- यानी जिस कंपनी को मिसाइल के महत्वपूर्ण पार्ट सप्लाई का ठेका दिया जा रहा है- उसकी ये हालत है!!
This video is definately going to get deleted from internet.
I don't recommend you to watch it.
I don't like these news channel people talking so much truth
राजस्थान में बन रहा नकली सीमेंट, असली से 9 गुना तक कमजोर: मिट्टी, राख और कंक्रीट की डस्ट से बना रहे मिलावटी सीमेंट, दैनिक भास्कर के कैमरे पर संचालक का दावा- सरकारी कामों में हो रहा इस्तेमाल; इसमें करीब 46 फीसदी कचरा, पढ़ें पूरी रिपोर्ट
#RajasthanNews#HindiNews#FakeCement #RajasthanFakeCementFactory #Investigation
https://t.co/dEB7DuQtWM
अंकिता भंडारी केस में बीजेपी लीडर विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य को उम्र क़ैद की सजा हुई।
जांच के दौरान दो व्यक्तियों के फ़ोन कभी नहीं मिले।
1. पुलकित आर्य
2. अंकिता भंडारी
अंकिता भंडारी की डुप्लीकेट सिम बनवा कर पुलिस ने साल भर की कॉल डिटेल, वॉट्सएप मेसेज निकलवा लिए।
लेकिन पुलकित आर्य के मामले में ऐसा नहीं किया गया!
क्यों?
क्योंकि पुलकित आर्य की कॉल डिटेल्स और मेसेज से पता चल जाता कि कौन कौन VIP इसमें शामिल था।
ये भी पता चल जाता कि क्या मामला सिर्फ अंकिता के शोषण का था या और भी युवतियों को मजबूर किया जाता था।
इसीलिए उत्तराखंड में इस मामले में रोष है।
इसीलिए अंकिता के माता पिता आंदोलित हैं।
पुलिस ने तो VIP के नाम उजागर नहीं किए। लेकिन जब बीजेपी के अपने नेताओं ने पिछले साल दुष्यंत गौतम का नाम उजागर कर दिया, तो पूरे उत्तराखंड में जनता सड़कों पर उतर आई।
तब जनवरी 2026 में CBI जांच की घोषणा की गई।
लेकिन दस महीने हो गए, जांच आगे नहीं बढ़ी।
अंकिता के पिता को पहली बार CBI ने पिछले हफ़्ते 9 अक्टूबर को संपर्क किया!
और फिर 12 अक्टूबर को दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बना कर जाँच के दायरे से बाहर कर दिया। राज्यपाल को संवैधानिक immunity होती है। कोई CBI या SIT उनसे पूछताछ नहीं कर सकती है।
राज्यपाल बनाने के लिए गृह मंत्रालय और IB ने दुष्यंत गौतम को चुपचाप क्लीन चिट भी दे दी!
ऐसा क्यों किया, यही सवाल अंकिता के माता पिता राष्ट्रपति जी पूछना चाहते हैं।
'वोट चोरी' के खिलाफ आवाज उठाने पर अमित शाह की पुलिस ने @nsui की छात्राओं की बर्बरता से पिटाई की।
हिरासत में लेने के बाद पिटाई करते हुए थाने ले गए और वहां बेल्ट और पट्टों से मारा गया।
इस मामले में दोषी महिला कांस्टेबल पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
और दिल्ली पुलिस याद रखे - हम ये भूलेंगे नहीं. मोदी सरकार के इशारे पर की गई इस बर्बरता का हिसाब होगा।
प्रोटेस्ट में आई लड़कियों के साथ इन नफ़रती गुंडों का सलूक देखिए .
दिल्ली में बीजेपी समर्थक ऐसे गुंडों को खुली छूट किसने दी है ?
पुलिस अगर तमाशबीन है तो किसके कहने पर ?