मैं देख रहा हूं कि GC आंदोलन को लेकर लोग एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं 🤦😀
यार ये सब बच्चों वाली हरकतें है। आपको मालूम है कि सवर्णों के साथ बीजेपी ने गलत किया है और बीजेपी को वोट नहीं देना फिर चाहे योगी हो या मोदी। बात खत्म।
नेतृत्व कौन करेगा सवर्ण का?
तो भाई जिस पर आपको भरोसा हो उसको नेता मान लो। जो गलत हो उसको टाटा बाय बाय बोल दो। बात खत्म।
गद्दारी बीजेपी और मोदी ने की है। उनको सबक सिखाना है चुनाव में। बाकि बीजेपी के प्यादे है। इनकी क्या हैसियत। क्यों इनके लिए टाइम waste करना 🤦😀
हर जगह पर भाजपा ने निर्बाध रूप से ब्राह्मण घृणा की पूरी फसल तैयार कर ली है और पंगु बनकर, नपुंसक बनकर, ये हर चीज में झुके हुए प्रतीत होते हैं।
सरकार का कोई भी काम इनसे होता हुआ नहीं दिख रहा और जो इनका चाटुआ गिरोह है, वो स्वयं को ही विक्टिम दिखा रहा है। इनको पता ही नहीं कि अबे, तुम सत्ता में हो। कब तक दूसरों को पागल बनाओगे भाई?
तुम ही सत्ता में हो, तुम किसको बता रहे हो कि देखिए, वामपंथी ऐसे कर रहा है? वो हम कहेंगे, हम पत्रकार हैं।
तुम सरकार के payroll पर हो तुमको डिफेंड करना है। तुमको विक्टिम कार्ड खेलने का कोई अधिकार नहीं है।
हर चुनाव से पहले यही डर दिखाया जाता है कि भाजपा हार गई तो हिंदू खतरे में आ जाएँगे।
सवाल अब सीधा है।
हिंदुओं की सच में चिंता है, तो पंद्रह साल और पूरे बहुमत के बाद भी देवी-देवताओं की बेइज्जती पर अलग कानून क्यों नहीं बना?
अनुसूचित जाति-जनजाति का कानून है।
जानवरों का कानून है — वो भी इसी सरकार में।
अल्पसंख्यकों का कानून है।
सबके लिए कुछ न कुछ है।
हिंदुओं के लिए अलग कुछ नहीं।
गौ ह*"त्या" पर कोई कानून नहीं।
देवी देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने वालों के लिए कोई कानून नहीं है।
डर दिखाने से पहले जवाब दीजिए —
पंद्रह साल में हिंदू के नाम पर कानून कहाँ है?
.@BJP4India और @narendramodi जी के सपनों का भारत! हमारे यज्ञ-हवन में दलित विघ्न डालेंगे और ब्राह्मणों को लात मारा जाएगा। इसको अरेस्ट नहीं किया जाएगा क्योंकि मोदी जी के लाडले हैं।
हर दिन यह घृणा निर्बाध चालू है। सत्ता पक्ष चुप है क्योंकि उसे आनंद आ रहा है यह सुनने में कि अब वो दलितों की पार्टी बन चुकी है। पर कोई बात नहीं, वोट भी वही देंगे।
SC/ST Act 1989 का है, लेकिन 2018 में मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुझाए गए safeguards को पलटते हुए इसे और कठोर बनाने का रास्ता चुना।
आज समस्या यह है कि कानून का उद्देश्य अत्याचार से पीड़ित को न्याय देना था, लेकिन जब किसी कानून के कथित दुरुपयोग की खबरें सामने आती हैं और निर्दोष व्यक्ति को पहले मुकदमे और गिरफ्तारी का सामना करना पड़ता है, तो उसके मन में व्यवस्था के प्रति आक्रोश पैदा होना स्वाभाविक है।
मोदी जी से सवाल यही है कि क्या सामाजिक न्याय का मतलब यह है कि एक वर्ग को सुरक्षा देते-देते दूसरे वर्ग के निर्दोष नागरिक के अधिकार कमजोर कर दिए जाएँ??
अगर कानून का दुरुपयोग रोकने के पर्याप्त सुरक्षा-कवच नहीं होंगे, तो सामाजिक न्याय की जगह सामाजिक अविश्वास बढ़ेगा।
इसीलिए व्यंग्य में कुछ लोग इसे “मोदी एक्ट” कहने लगे हैं।
कानून मजबूत हो, लेकिन बराबरी के नाम पर अन्याय नहीं होना चाहिए।
सामान्य वर्ग ने हर चीज का ठेका ले रखा है?
मुसलमान से लड़ेगा कौन? – सामान्य वर्ग
देश की रक्षा करेगा कौन? – सामान्य वर्ग
सनातन धर्म की रक्षा करेगा कौन? – सामान्य वर्ग
गौ माता की रक्षा करेगा कौन? – सामान्य वर्ग
हिंदुत्व की रक्षा करेगा कौन? – सामान्य वर्ग
सामान्य वर्ग को मैदान में धकेल दो, बाकी को योजनाओं से मालामाल कर दो।
या तो ठेका वापस लो, या अपनी अगली पीढ़ी को भी यही गुलामी सौंप दो।
सामान्य वर्ग ने हर चीज का ठेका नहीं ले रखा है सामान्य वर्ग अब जाग चुका है और अब हर चीज का हिसाब होकर रहेगा।
जिन सवर्णों को बीजेपी ने आज तीसरे दर्जे का नागरिक बना दिया उन सवर्णों के बिना सोशल मीडिया पर विपक्ष के नैरेटिव के सामने बीजेपी बेबश दिख रही है। मुझे मोदी जी के SC ST OBC कहीं भी बीजेपी के पक्ष में लड़ते नहीं दिखाई दे रहे हैं। उल्टा बीजेपी के खिलाफ ही खड़े हैं ये लोग हमेशा की तरह। मैं तो सवर्ण हूं अब दूर से मजा लूंगा क्यों कि फ्री की सर्विस बीजेपी की अब सवर्णों ने बंद कर दी है।
बीजेपी चली जाएगी तो उसका डर दिखाने वालों आईटी सेलियो सुनो 👇
कांग्रेस / SP / BSP आएगी तो जनरल कास्ट को कुछ नहीं होगा
RSS बैन होगी...
मोदी जी जेल जा सकते हैं...
BJP वालों को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर मा*"रा" जा सकता है...
जनरल कास्ट का क्या है?
अभी भी फेक केस में जेल जा रहे है आगे भी जायेगे।
और हम अपने लिए आज भी अकेले लड़ रहे है तो आगे भी लड़ लेंगे।🙏
जो सरकार आरक्षितों के लिए कई जिलों में फ्री हॉस्टल, फ्री कोचिंग, फ्री फ़ूड, कम मूल्य पर फॉर्म और पास होने पर फ्री कोर्स फी, फ्री हॉस्टल फी आदि देती हो, उनके चटुए हमें SC/ST/OBC/minority छात्रवृत्ति पर प्रश्न पूछने पर, 'सामान्य वर्ग को भी छात्रवृत्ति दी' का चूरन ना दें।
91% आरक्षण पर हाई कोर्ट की दो बार अवमानना करने के बाद सुप्रीम कोर्ट तक जाने के बाद, हमें यह मत बताओ कि सामान्य वर्ग की भी चिंता है। हमें पता है कि ओडिशा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में क्या नाटक चल रहा है। भाजपा की ही सरकार है।
जब गड्ढे में हो, तो खोदना बंद करो। नीचे से पानी निकल आएगा और डूब जाओगे।
India is the only country where:
1. A court case is filed against a professor for stopping cheating.
2. A court case is filed against senior pilots for not granting clearance to an unskilled pilot.
3. Someone who spends 20+ years in jail due to a false case gets no compensation, but the person who files the false case against them gets immediate compensation.
All this just to appease an idiotic burden group.
जो लोग कह रहे हैं कि भाजपा हिंदुओं के लिए बहुत जरुरी है और ब्राह्मणों और ठाकुरों को भाजपा का विरोध नहीं करना चाहिए कोई विकल्प नहीं है? उन्हें मैं बता देना चाहता हूं कि इस देश में जब जब ब्राह्मणों पर अत्याचार हुआ तब तब भाजपा मौन रही, जब जब ठाकुरों पर अत्याचार हुआ भाजपा मौन रही? जब जब हिंदुत्व पर हमला हुआ, रामचरितमानस की प्रतियां जलाई और फाड़ी गई भाजपा चुप रही, सवर्णों की बहन बेटियों को खुलेआम आम मंचो से मांगा गया भाजपा चुप रही, राम और सीता का अपमान हुआ भाजपा चुप रही, ब्राह्मणों को विदेशी बोला जाता है भाजपा चुप रहती है तो फिर कौन से हिंदुत्व की रक्षा भाजपा कर रही? किस लिए भाजपा को वोट दिया जाए?